{"_id":"5c94e6e1bdec221463259bf2","slug":"devotees-gathered-in-shriji-temple-barsana","type":"story","status":"publish","title_hn":"राधा रानी ने सफेद छतरी से बरसाई कृपा, दर्शन पाकर धन्य हुए हजारों भक्तों","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
राधा रानी ने सफेद छतरी से बरसाई कृपा, दर्शन पाकर धन्य हुए हजारों भक्तों
Fri, 22 Mar 2019 07:15 PM IST
मुकेश कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मथुरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मथुरा
Published by: मुकेश कुमार
Updated Fri, 22 Mar 2019 07:15 PM IST
विज्ञापन
संगमरमर की छतरी से दर्शन देतीं श्रीजी
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जो जीवै सो खेलै होरी फाग, ढप धर दै यार गई परु की... पद के साथ गुरुवार को 40 दिवसीय होली महोत्सव संपन्न हो गया। इस दौरान बरसाना में श्रीजी ने गर्भगृह से बाहर निकलकर मंदिर परिसर में बनी सफेद संगमरमर की छतरी से भक्तों पर कृपा बरसाईं।
वसंत पंचमी से शुरू होने वाले 40 दिवसीय होली महोत्सव में भक्तों ने जमकर आनंद लिया। श्रद्धालुओं ने बड़े भाव से राधाकृष्ण की लीलाओं का आनंद लिया। गोस्वामी समाज के लोगों द्वारा मंदिर परिसर में फाग महोत्सव का अंतिम पद जीवेगौ सो खेलेगौ...गाकर होली धमार का समापन कर, ढप, मृदंग, झांझ आदि को अगले वर्ष के लिए उठाकर रख दिया।
शाम पांच बजे वृषभानु नंदिनी के डोला को सेवायत कंधों पर उठाकर मंदिर परिसर में बनी सफेद संगमरमर की छतरी में विराजमान किया। राधाकृष्ण की युगल जोड़ी के दर्शन कर श्रद्धालु अपने आपको कृतार्थ मान रहे थे। वृषभानु नंदिनी अपने भक्तों पर कृपा का सागर उडे़ल रही थीं।
विज्ञापन
शाम सात बजे लाड़ली जी के डोले को वापस मंदिर में ले जाया गया। इसके उपरांत गोस्वामी समाज की कन्याओं द्वारा आरती की गई। श्यामा प्यारी के नजदीक से दर्शन करने के लिए श्रद्धालु बेताब नजर आ रहे थे। पूरा मंदिर परिसर राधाकृष्ण के जयकारों से गुंजायमान हो रहा था।
विज्ञापन
वसंत पंचमी से शुरू होने वाले 40 दिवसीय होली महोत्सव में भक्तों ने जमकर आनंद लिया। श्रद्धालुओं ने बड़े भाव से राधाकृष्ण की लीलाओं का आनंद लिया। गोस्वामी समाज के लोगों द्वारा मंदिर परिसर में फाग महोत्सव का अंतिम पद जीवेगौ सो खेलेगौ...गाकर होली धमार का समापन कर, ढप, मृदंग, झांझ आदि को अगले वर्ष के लिए उठाकर रख दिया।
विज्ञापन
शाम पांच बजे वृषभानु नंदिनी के डोला को सेवायत कंधों पर उठाकर मंदिर परिसर में बनी सफेद संगमरमर की छतरी में विराजमान किया। राधाकृष्ण की युगल जोड़ी के दर्शन कर श्रद्धालु अपने आपको कृतार्थ मान रहे थे। वृषभानु नंदिनी अपने भक्तों पर कृपा का सागर उडे़ल रही थीं।
विज्ञापन
शाम सात बजे लाड़ली जी के डोले को वापस मंदिर में ले जाया गया। इसके उपरांत गोस्वामी समाज की कन्याओं द्वारा आरती की गई। श्यामा प्यारी के नजदीक से दर्शन करने के लिए श्रद्धालु बेताब नजर आ रहे थे। पूरा मंदिर परिसर राधाकृष्ण के जयकारों से गुंजायमान हो रहा था।