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अटलजी के बटेश्वर को आश्वासन दिए तमाम, कब पूरे होंगे काम

Mon, 10 Sep 2018 11:37 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला आगरा Updated Mon, 10 Sep 2018 11:37 AM IST
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development works did not start in Vajpayee's ancestral village Bateshwar
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (फाइल फोटो) - फोटो : अमर उजाला
आगरा में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ आए और स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी की अस्थियों का विसर्जन करके चले गए। अटलजी के पैतृक निवास स्थल को म्यूजियम के रूप में विकसित करने की घोषणा तो दूर वह वहां तक गए भी नहीं। 
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श्रद्धांजलि सभा में जरूर बटेश्वर को विकसित करने का आश्वासन दिया लेकिन इस संबंध में कोई एलान नहीं किया। वो भी तब, जबकि क्षेत्रीय विधायक पक्षालिका सिंह द्वारा उन्हें पूर्व में ही वाजपेयी के पैतृक गांव के विकास के संबंध में प्रस्ताव भेजे जा चुकी हैं।
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शनिवार को मुख्यमंत्री ने 25 दिसंबर तक बटेश्वर में क्षेत्र के विकास का आश्वासन दिया था। मगर, अब तक एक भी कार्य की घोषणा नहीं हो सकी है। ऐसे में क्षेत्र के लोग सवाल कर रहे हैं कि जब किसी कार्य की घोषणा नहीं हुई तो ये तो कार्य कब और कैसे पूरे होंगे। 
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एक भी प्रस्ताव पर नहीं लगी मुहर

development works did not start in Vajpayee's ancestral village Bateshwar
अटलजी के पैतृक निवास के अवशेष - फोटो : अमर उजाला
मुख्यमंत्री ने प्रस्ताव एकत्रित करने की बात कही थी। लेकिन अटलजी की यादों से जुड़े स्थल और क्षेत्र के विकास के संबंध में पिछले महीने की प्रस्ताव भेजे जा चुके थे। आठ सितंबर से पहले 24 अगस्त को बटेश्वर में अटलजी की अस्थि विसर्जन की योजना थी। 

क्षेत्रीय विधायक ने प्रशासन के माध्यम से शासन को क्षेत्र के विकास के संबंध में प्रस्ताव भेजे थे। तब प्रशासनिक अधिकारियों ने भी क्षेत्र का दौरा कर इनका निरीक्षण किया था। मगर, अब तक एक भी प्रस्ताव पर अंतिम मुहर नहीं लग पाई है।

ये हैं प्रमुख मांगें 

- अटलजी के पैतृक निवास स्थल को म्यूजियम के रूप में विकसित किया जाए। यहां फोटो गैलरी व उनकी कविताओं का संकलन किया जाए।
- अटलजी द्वारा किए गए आंदोलन के समय जिस कोठी को जलाया था, जोकि इस समय वन विभाग का विश्राम गृह है, उसे संरक्षित कर अटलजी की
यादगार के रूप में विकसित किया जाए।
- अटलजी के पैतृक निवास स्थल के पास एक यज्ञशाला है, उसका जीर्णोद्धार कराकर आसपास पौधा रोपण किया जाए। 
- यमुना नदी के किनारे 108 मंदिरों की श्रृंखला है, जो अपनी धार्मिक एवं एतिहासिक महत्ता का गुणगान करती है। बटेश्वर मंदिर के घाटों का निर्माण, मंदिरों
का जीर्णोद्धार व पार्क आदि विकसित किया जाए।
- जैन धर्म के 24 वें तीर्थंकर भगवान श्रीनेमिनाथ का प्रसिद्ध मंदिर शौरीपुर, बटेश्वर में स्थित है, इसे विकसित किया जाए।
- बटेश्वर में दर्शनार्थियों की सुविधा के लिए पर्यटन की दृष्टि से यदि यहां का सर्वांगीण विकास कराया जाए तो धार्मिक श्रद्धालु तथा आने वाले पर्यटकों की
संख्या बढ़ेगी। स्थानीय लोगों को रोजगार भी मिलेगा।
- पूर्व प्रधानमंत्री दिवंगत अटल बिहारी वाजपेयी के नाम पर बटेश्वर, बाह में सैनिक स्कूल बनाया जाए।
- बटेश्वर में पॉलिटेक्निक कालेज की स्थापना की जाए।
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