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13658 प्रत्याशियों ने पांच साल में भी नहीं दिया हिसाब
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। वर्ष 2015 के त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव मैदान में गांव की सत्ता के लिए किस्मत अजमाने वाले प्रत्याशी चुनाव का खर्च देना ही भूल गए। 13658 प्रत्याशियों ने पांच साल में भी चुनाव का खर्च नहीं दिया। आयोग के निर्देश के बाद इन प्रत्याशियों की 8352650 की धनराशि को जब्त कर लिया गया है।
चुनाव मैदान में उतरने वाले प्रत्याशियों के लिए आयोग से खर्च करने के लिए धनराशि निर्धारित है। प्रत्याशी निर्धारित धनराशि से अधिक धन खर्च नहीं कर सकता। इस धनराशि का ब्योरा देना सभी प्रत्याशियों के लिए अनिवार्य होता है।
ताकि यह पता चल सके कि प्रत्याशी ने निर्धारित धनराशि से अधिक धन खर्च करके आचार संहिता का उल्लंघन तो नहीं किया। प्रत्याशी को मतगणना के तीन माह के भीतर यह हिसाब देना होता है। यदि कोई प्रत्याशी यह हिसाब नहीं देता तो चुनाव के समय उसके द्वारा जो धनराशि जमानत के तौर पर जमा कराई जाती है आयोग उसको जब्त कर लेता है। जिला में चुनाव लड़ने वाले प्रत्याशियों ने प्रत्याशियों ने अपना हिसाब नहीं दिया। आयोग के निर्देश पर इन प्रत्याशियों को नोटिस भी दिए गए, लेकिन इसके बाद भी न तो जीतने वाले प्रत्याशी ही हिसाब देने के लिए आगे आए और न हीं हारने वाले प्रत्याशी ही। अब जबकि पंचायत चुनाव फिर से होने जा रहे है तो आयोग के निर्देश के बाद ऐसे प्रत्याशियों की जमानत राशि को जब्त कर लिया गया।
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इतनी जमानत राशि हुई थी जमा
ग्राम पंचायत सदस्य 500
ग्राम प्रधान व क्षेत्र पंचायत सदस्य 2000
जिला पंचायत सदस्य 4000
महिला, अनुसूचित जाति, पिछड़ा वर्ग से आधी जमानत राशि कराई गई थी जमा
इतने प्रत्याशियों की जब्त हुई धनराशि
पद संख्या जब्त की धनराशि
प्रधान व सदस्य ़10551 4976150
क्षेत्र पंचायत सदस्य 2682 3222500
जिला पंचायत सदस्य 425 154000
वर्जन
पंचायत चुनाव में जिन प्रत्याशियों ने चुनाव का खर्च नहीं दिया या फिर निर्धारित मानक से मत प्राप्त नहीं किए उन सभी की जमानत राशि को आयोग के पक्ष में जब्त कर लिया गया। इस धनराशि को खाते में जमा करा दिया गया है। - तरुण कुमार, सहायक जिला निर्वाचन अधिकारी
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चुनाव मैदान में उतरने वाले प्रत्याशियों के लिए आयोग से खर्च करने के लिए धनराशि निर्धारित है। प्रत्याशी निर्धारित धनराशि से अधिक धन खर्च नहीं कर सकता। इस धनराशि का ब्योरा देना सभी प्रत्याशियों के लिए अनिवार्य होता है।
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ताकि यह पता चल सके कि प्रत्याशी ने निर्धारित धनराशि से अधिक धन खर्च करके आचार संहिता का उल्लंघन तो नहीं किया। प्रत्याशी को मतगणना के तीन माह के भीतर यह हिसाब देना होता है। यदि कोई प्रत्याशी यह हिसाब नहीं देता तो चुनाव के समय उसके द्वारा जो धनराशि जमानत के तौर पर जमा कराई जाती है आयोग उसको जब्त कर लेता है। जिला में चुनाव लड़ने वाले प्रत्याशियों ने प्रत्याशियों ने अपना हिसाब नहीं दिया। आयोग के निर्देश पर इन प्रत्याशियों को नोटिस भी दिए गए, लेकिन इसके बाद भी न तो जीतने वाले प्रत्याशी ही हिसाब देने के लिए आगे आए और न हीं हारने वाले प्रत्याशी ही। अब जबकि पंचायत चुनाव फिर से होने जा रहे है तो आयोग के निर्देश के बाद ऐसे प्रत्याशियों की जमानत राशि को जब्त कर लिया गया।
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इतनी जमानत राशि हुई थी जमा
ग्राम पंचायत सदस्य 500
ग्राम प्रधान व क्षेत्र पंचायत सदस्य 2000
जिला पंचायत सदस्य 4000
महिला, अनुसूचित जाति, पिछड़ा वर्ग से आधी जमानत राशि कराई गई थी जमा
इतने प्रत्याशियों की जब्त हुई धनराशि
पद संख्या जब्त की धनराशि
प्रधान व सदस्य ़10551 4976150
क्षेत्र पंचायत सदस्य 2682 3222500
जिला पंचायत सदस्य 425 154000
वर्जन
पंचायत चुनाव में जिन प्रत्याशियों ने चुनाव का खर्च नहीं दिया या फिर निर्धारित मानक से मत प्राप्त नहीं किए उन सभी की जमानत राशि को आयोग के पक्ष में जब्त कर लिया गया। इस धनराशि को खाते में जमा करा दिया गया है। - तरुण कुमार, सहायक जिला निर्वाचन अधिकारी