स्थापना दिवस पर बोले डॉ. दिनेश शर्मा: इस विश्वविद्यालय ने देश को तीन प्रधानमंत्री और दो राष्ट्रपति दिए
आगरा के डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय का 95वां स्थापना दिवस समारोह गुरुवार को जेपी सभागार में मनाया गया। समारोह में मुख्य अतिथि उपमुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा रहे।
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आगरा के डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय के स्थापना दिवस समारोह में मुख्य अतिथि उपमुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा ने कहा कि विश्वविद्यालय की शैक्षणिक यात्रा गौरवपूर्ण रही है। इस विश्वविद्यालय ने देश को तीन प्रधानमंत्री और दो राष्ट्रपति दिए हैं। एकात्म मानववाद के प्रेरणा पंडित दीनदयाल उपाध्याय भी यहां के पूर्व छात्र थे।
उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय श्रेष्ठ श्रेणी में बना रहे, इसके लिए लंबित परिणाम और प्रकरणों को प्राथमिकता से निपटाना होगा। इसके लिए शिक्षकों की टीम बनाकर अधिकारियों को लगाएं। उद्बोधन में दो बार इसी बात पर अधिक जोर दिया।
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि नए कुलसचिव से उन्होंने लंबित परिणाम और मामलों को निपटाने के लिए कहा है। समुचित व्यवस्था बनाकर बचे हुए कामों को पूरा किया जाए। पिछली विसंगितयों को दूर करने के लिए अभियान चलाया जाए।
इस काम के लिए शिक्षकों की टीम बनाई जाए और उनको अधिकारियों के साथ लगाया जाए। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि जरूरत पड़ने पर वह जनप्रतिनिधियों की मदद ले सकते हैं। यह भी कहा कि हर विश्वविद्यालय को अपने प्लेसमेंट सेल को मजबूत करना चाहिए। जिससे कंपनियां छात्रों का चयन कैंपस से ही कर लें।
128 कॉलेजों वाईफाई की सुविधा दी जाएगी
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के 128 कॉलेजों में वाईफाई व अन्य तकनीकी सुविधाएं उपलब्ध कराने की योजना बनाई गई है। इसमें डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय के भी कुछ कॉलेज शामिल हैं। इसका मकसद ऑनलाइन शिक्षण को और प्रभावी बनाया जाना है।
अभ्युदय कोचिंग के माध्यम से गरीब परिवारों के मेधावी विद्यार्थियों का प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कराने में मदद की जा रही है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री की पहल पर कैबिनेट में निर्णय लिया गया है कि शोध कार्यों को बढ़ावा देने के लिए विश्वविद्यालय को प्रोजेक्ट दिए जाएंगे। विश्वविद्यालय प्रोजेक्ट का प्रस्ताव बनाकर रख लें, जरूरत पड़ने पर मंगा लिया जाएगा।
जनप्रतिनिधियों के पहुंचने के बाद मंच की व्यवस्था बदली
समारोह शुरू होने से पहले मंच पर उपमुख्यमंत्री, कुलपति के अलावा प्रो. ब्रजेश रावत, प्रो. वीके सारस्वत व प्रो. संतोष बिहारी शर्मा के बैठने की व्यवस्था की गई थी। उपमुख्यमंत्री डॉ. दिनश शर्मा ने मंच पर पहुंचने के बाद आगरा के सांसद एसपी सिंह बघेल, फतेहपुर सीकरी के सांसद राजकुमार चाहर, राज्यमंत्री डॉ. जीएस धर्मेश और राज्यमंत्री चौधरी उदयभान सिंह, उत्तर प्रदेश अनुसूचित जाति जनजाति आयोग के चेयरमैन डॉ. रामबाबू हरित, विधायकों राम प्रताप चौहान, पुरुषोत्तम खंडेलवाल, महेश गोयल, योगेंद्र उपाध्याय को भी मंच पर बुला लिया। कुर्सियों की संख्या बढ़वानी पड़ी।
कुलपति के कार्यकाल का एक वर्ष पूरा होने पर एक स्मारिका ‘प्रगति पथ पर एक कदम’ विमोचन उपमुख्यमंत्री व मंचासीन अतिथियों ने किया। उपमुख्यमंत्री को ललित कला संस्थान के छात्रों की ओर से बनाया गया उनको पोट्रेट भेंट किया गया।
सितंबर से नया सत्र शुरू कराना है
उपमुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा ने कहा कि प्रयास किया जा रहा है कि राज्य विश्वविद्यालयों की परीक्षाएं 15 अगस्त तक हो जाएं , 31 अगस्त तक परिणाम आ जाए और सितंबर से नया सत्र शुरू करा दिया जाए। सत्र को नियमित करने पर जोर दिया जा रहा है।
उत्तर प्रदेश राष्ट्रीय शिक्षा नीति को बेहतर तरीके से अंगीकृत करने वाला पहला राज्य है। न्यूनतम समान पाठ्यक्रम की व्यवस्था आगामी सत्र से लागू की जानी है। जिससे एक विद्यार्थी को एक से दूसरे विश्वविद्यालय में जाने पर आसानी हो। कोरोना को देखते हुए नर्सिंग, फार्मेसी, बायोटेक्नोलॉजी आदि रोजगारपरक पाठ्यक्रम शुरू कराए गए हैं।
दो माह में सभी लंबित प्रकरण निस्तारित करा दिए जाएंगे: प्रो. अशोक मित्तल
विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. अशोक मित्तल ने कहा कि उन्होंने अपने कार्यकाल में बीएड 2004-05 के टेंपर्ड प्रमाणपत्रों पर निर्णय लिया है। सत्र 2012-13 के 90 फीसदी मामलों का निस्तारण करा दिया है। 37.5 हजार डिग्रियां छात्रों के घरों पर भेजी गई हैं। 15 दिन में करीब चार लाख अंकतालिकाएं संबंधित कॉलेजों को दे दी गई हैं। डिग्री लेने के लिए छात्र नहीं आ रहे हैं।
नोडल केंद्रों के माध्यम से डिग्री छात्रों को उपलब्ध कराने की योजना है। कुलपति उपमुख्यमंत्री से वायदा किया कि दो माह में सभी लंबित प्रकरणों का निस्तारण करा दिया। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय की कमियों को देखते हुए उन्हें रोना आता है। वह आगरा में पैदा हुए, इसी विश्वविद्यालय से पढ़ाई की और सेंट जोंस में शिक्षक के रूप में सेवा शुरू की।