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Health News: दांत खराब होने पर एक-दो नहीं...लग जाएगी पूरी बत्तीसी, जानें क्या कहते हैं दंत विशेषज्ञ
Sun, 25 Aug 2024 12:34 PM IST
धीरेन्द्र सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला नेटवर्क, आगरा
Published by: धीरेन्द्र सिंह
Updated Sun, 25 Aug 2024 12:34 PM IST
सार
आगरा में इंडियन डेंटल एसोसिएशन की कार्यशाला में विशेषज्ञों ने व्याख्यान दिए। बताया कि पायरिया, दुर्घटना से 5 फीसदी युवा और 60 की उम्र में 35 फीसदी मरीज बत्तीसी लगवा रहे हैं।
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डेंटल एसोसिएशन की दो दिवसीय कार्यशाला
- फोटो : संवाद
विस्तार
संक्रमण या फिर हादसे में अधिकांश दांत खराब होने पर खाने-पीने में दिक्कत होती है। चेहरे का आकार भी प्रभावित होता है। ऐसी स्थिति में अब एक-दो नहीं, पूरी बत्तीसी लग सकती है। फतेहाबाद रोड स्थित इंडियन डेंटल एसोसिएशन की दो दिवसीय कार्यशाला के पहले दिन डॉक्टरों ने डेंटल इंप्लांट पर व्याख्यान दिए।
मुख्य वक्ता दिल्ली से आए डॉ. ध्रुव अरोड़ा ने कहा कि पान-तंबाकू, पायरिया, चोट और मसूड़ों में संक्रमण से कई बार दांत खराब हो जाते हैं। अधिकांश मरीज 28 दांत लगवाते हैं। इनमें 30 से कम के करीब 5 फीसदी और 60 साल से अधिक उम्र के 30-35 फीसदी मरीज शामिल हैं। आईडीए के सचिव डॉ. मनोज यादव ने बताया कि इन दांतों की आयु करीब 25-30 साल रहती है। ब्रश कर सकते हैं, बेहतर ढंग से चबा भी सकते हैं। कठोर फल और सामग्री काे सीधे दांतों के बजाय चाकू से काटकर खाएं।
कैंसर रोग विशेषज्ञ डॉ. उमा शर्मा ने बताया कि तंबाकू से मुंह में जख्म बन रहे हैं, इससे मुख का कैंसर बढ़ रहा है। दंत रोग विशेषज्ञ ऐसे मरीज को चिह्नित कर विशेषज्ञ से इलाज के लिए जागरूक करें। कार्यक्रम में अध्यक्ष डॉ. विवेक शाह और पूर्व अध्यक्ष डॉ. एनएस लोधी ने सभी का स्वागत किया। डॉ. कुशल सिंह, डॉ. राजीव अग्रवाल, डॉ. खुशहाल सिंह, डॉ. अनिल अग्रवाल, डॉ. गुलशन सिंह, डॉ. शिखा शाह, डॉ. राशि गुप्ता, डॉ. मेघा यादव की मौजूदगी रही।
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स्माइल डिजाइन से लगेंगे सुंदर
दिल्ली के डॉ. अभिषेक शर्मा ने बताया कि टूटा दांत, टेढ़ेमेढ़े, पीलापन समेत अन्य विकृति से चेहरे की बनावट और सुंदरता प्रभावित होती है। स्माइल डिजाइन से यह परेशानी दूर हो रही है। इसमें दांतों को मॉडिफाई कर दुरुस्त करते हैं। सही माप लेकर जरूरत पर सिरेमिक की पतली परत लगा देते हैं। इससे दांत सुंदर और चमकने लगते हैं। युवा स्माइल डिजाइन अधिक करा रहे हैं। कुल मरीजों में इनकी संख्या 60 फीसदी रहती है।
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मुख्य वक्ता दिल्ली से आए डॉ. ध्रुव अरोड़ा ने कहा कि पान-तंबाकू, पायरिया, चोट और मसूड़ों में संक्रमण से कई बार दांत खराब हो जाते हैं। अधिकांश मरीज 28 दांत लगवाते हैं। इनमें 30 से कम के करीब 5 फीसदी और 60 साल से अधिक उम्र के 30-35 फीसदी मरीज शामिल हैं। आईडीए के सचिव डॉ. मनोज यादव ने बताया कि इन दांतों की आयु करीब 25-30 साल रहती है। ब्रश कर सकते हैं, बेहतर ढंग से चबा भी सकते हैं। कठोर फल और सामग्री काे सीधे दांतों के बजाय चाकू से काटकर खाएं।
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कैंसर रोग विशेषज्ञ डॉ. उमा शर्मा ने बताया कि तंबाकू से मुंह में जख्म बन रहे हैं, इससे मुख का कैंसर बढ़ रहा है। दंत रोग विशेषज्ञ ऐसे मरीज को चिह्नित कर विशेषज्ञ से इलाज के लिए जागरूक करें। कार्यक्रम में अध्यक्ष डॉ. विवेक शाह और पूर्व अध्यक्ष डॉ. एनएस लोधी ने सभी का स्वागत किया। डॉ. कुशल सिंह, डॉ. राजीव अग्रवाल, डॉ. खुशहाल सिंह, डॉ. अनिल अग्रवाल, डॉ. गुलशन सिंह, डॉ. शिखा शाह, डॉ. राशि गुप्ता, डॉ. मेघा यादव की मौजूदगी रही।
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स्माइल डिजाइन से लगेंगे सुंदर
दिल्ली के डॉ. अभिषेक शर्मा ने बताया कि टूटा दांत, टेढ़ेमेढ़े, पीलापन समेत अन्य विकृति से चेहरे की बनावट और सुंदरता प्रभावित होती है। स्माइल डिजाइन से यह परेशानी दूर हो रही है। इसमें दांतों को मॉडिफाई कर दुरुस्त करते हैं। सही माप लेकर जरूरत पर सिरेमिक की पतली परत लगा देते हैं। इससे दांत सुंदर और चमकने लगते हैं। युवा स्माइल डिजाइन अधिक करा रहे हैं। कुल मरीजों में इनकी संख्या 60 फीसदी रहती है।