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डेंगू के प्रति आगाह, पर जिम्मेदारों ने नहीं दिया ध्यान
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अमर उजाला में दो जुलाई को प्रकाशित खबर
- फोटो : MAINPURI
मैनपुरी। डेंगू से बचाव के लिए शासन ने निर्देश दिए हैं, लेकिन स्वास्थ्य विभाग और नगर निकाय कदम-कदम पर लापरवाही करते नजर आ रहे हैं। अमर उजाला ने अपनी जिम्मेदारी निभाते हुए खबरों के माध्यम से इन कमियों पर उजागर भी किया, लेकिन अधिकारियों ने इस ओर ध्यान तक नहीं दिया। अगर प्रशासन इस ओर ध्यान देता तो डेंगू को रोका जा सकता था।
डेंगू के डंक से बचाव के लिए संचारी रोग नियंत्रण अभियान चलाया गया था। इसमें जल निकासी के उचित इंतजाम कराने के साथ ही साफ-सफाई और एंटी लार्वा का छिड़काव कराया जाना था। इसके साथ ही लोगों को डेंगू से बचाव के लिए जागरूक भी किया जाना था। शासन का आदेश पर अभियान तो चलाए गए, लेकिन केवल खानापूरी के लिए। जिले में रैली निकालकर जिम्मेदारों ने अपनी जिम्मेदारी पूरी कर ली।
अमर उजाला लगातार जलभराव वाले इलाकों में डेंगू को लेकर हो रही लापरवाही से प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग को आगाह करता रहा। बावजूद इसके न तो नगर पालिका ने ध्यान दिया और न ही स्वास्थ्य विभाग ने। इसी का खामियाजा अब जनता और स्वास्थ्य विभाग दोनों को भुगतना पड़ सकता है।
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पत्र भेजने के बाद भी पालिका ने नहीं दिया ध्यान
शहर में स्वास्थ्य विभाग ने बीते वर्ष डेंगू फैलने के बाद आठ क्षेत्रों को संवेदनशील घोषित किया था। इसमें संसारपुर, यदुवंश नगर, राजीव गांधी नगर, बृज कॉलोनी, नगला पजाबा, रमईहार, मलिक मिल कॉलोनी और खरगजीत नगर को शामिल किया गया है। इन क्षेत्रों में जलभराव के कारण डेंगू फैलने का खतरा सबसे अधिक है। जल निकासी के लिए सीएमओ कार्यालय से नगर पालिका को कई बार पत्र लिखे गए, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई।
टीम ने डेंगू के लार्वा कराए नष्ट, 100 घरों की हुई जांच
आवास विकास में पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी के पुत्र को डेंगू होने के बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम उनके घर पहुंची। मलेरिया अधिकारी डॉ. एसएन सिंह के नेतृत्व में पहुंची टीम ने पूरे घर में डेंगू के लार्वा की तलाश की। इस दौरान एक गमले में मिले लार्वा को नष्ट कराया। इसके साथ ही आसपास के सौ घरों में लोगों की जांच कर एंटी लार्वा का छिड़काव भी कराया गया।
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डेंगू के डंक से बचाव के लिए संचारी रोग नियंत्रण अभियान चलाया गया था। इसमें जल निकासी के उचित इंतजाम कराने के साथ ही साफ-सफाई और एंटी लार्वा का छिड़काव कराया जाना था। इसके साथ ही लोगों को डेंगू से बचाव के लिए जागरूक भी किया जाना था। शासन का आदेश पर अभियान तो चलाए गए, लेकिन केवल खानापूरी के लिए। जिले में रैली निकालकर जिम्मेदारों ने अपनी जिम्मेदारी पूरी कर ली।
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अमर उजाला लगातार जलभराव वाले इलाकों में डेंगू को लेकर हो रही लापरवाही से प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग को आगाह करता रहा। बावजूद इसके न तो नगर पालिका ने ध्यान दिया और न ही स्वास्थ्य विभाग ने। इसी का खामियाजा अब जनता और स्वास्थ्य विभाग दोनों को भुगतना पड़ सकता है।
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पत्र भेजने के बाद भी पालिका ने नहीं दिया ध्यान
शहर में स्वास्थ्य विभाग ने बीते वर्ष डेंगू फैलने के बाद आठ क्षेत्रों को संवेदनशील घोषित किया था। इसमें संसारपुर, यदुवंश नगर, राजीव गांधी नगर, बृज कॉलोनी, नगला पजाबा, रमईहार, मलिक मिल कॉलोनी और खरगजीत नगर को शामिल किया गया है। इन क्षेत्रों में जलभराव के कारण डेंगू फैलने का खतरा सबसे अधिक है। जल निकासी के लिए सीएमओ कार्यालय से नगर पालिका को कई बार पत्र लिखे गए, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई।
टीम ने डेंगू के लार्वा कराए नष्ट, 100 घरों की हुई जांच
आवास विकास में पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी के पुत्र को डेंगू होने के बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम उनके घर पहुंची। मलेरिया अधिकारी डॉ. एसएन सिंह के नेतृत्व में पहुंची टीम ने पूरे घर में डेंगू के लार्वा की तलाश की। इस दौरान एक गमले में मिले लार्वा को नष्ट कराया। इसके साथ ही आसपास के सौ घरों में लोगों की जांच कर एंटी लार्वा का छिड़काव भी कराया गया।