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मांगा पानी, मिलीं लाठियां
अमर उजाला आगरा
Updated Fri, 03 Jun 2016 01:11 AM IST
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जल सम्ास्या
- फोटो : अमर उजाला ब्यूूराो
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भीषण गर्मी में लगभग एक माह से पानी की समस्या से जूझ रहे लोगों को रोष जताना भारी पड़ गया। पानी के लिए एमजी रोड पर प्रदर्शन कर रहे गोकुलपुरावासियों पर पुलिस ने लाठियां फटकारीं। इससे रोड पर भगदड़ मच गई। प्रदर्शन में शामिल महिलाएं और बच्चे सहम गए। इसकी वजह से लगभग पौन घंटे एमजी रोड पर यातायात बाधित रहा।
गोकुलपुरा क्षेत्र में पिछले कई सप्ताह से पेयजल किल्लत बनी हुई है। भीषण गर्मी में पानी न मिलने से परेशान कंघी गली और खिन्नी गली के लोगों ने गुुरुवार सुबह लगभग सवा दस बजे नागरी प्रचारिणी के सामने एमजी रोड जाम कर दी। युवकों के अलावा महिलाएं और बच्चे भी घरों से निकल आए। नालबंद से राजामंडी की तरफ जाने वाला ट्रैफिक रोक दिया गया। इससे वहां वाहनों की लंबी लाइन लग गई। सूचना के लगभग आधा घंटे बाद थाना हरीपर्वत और लोहामंडी पुलिस मौके पर पहुंच गई। प्रदर्शनकारियों को बीच में घेर लिया। बिना चेतावनी दिए ही लाठी फटकारनी शुरू कर दी। इससे मौके पर भगदड़ मच गई। कुछ युवकों के चोट भी आ गई। पुलिस के रुख को देखते हुए प्रदर्शनकारी गली में दौड़ गए। पौन घंटे बाद जाम खुल सका। मगर, डंडे पड़ने के बाद भी इन लोगों को पानी नहीं मिल सका।
हर साल गर्मियों में जलसंकट
अस्थाई व्यवस्था भी फेल
हस्तशिल्पियों की खान गोकुलपुरा की एशिया में अलग पहचान है। लेकिन यह क्षेत्र कई सालों से प्रशासन की उपेक्षा का शिकार बना हुआ है। यहां के लोगों को हर साल गर्मियों में पेयजल संकट झेलना पड़ता है। लोहामंडी टंकी से सप्लाई पानी का प्रेशर इतना नहीं होता कि इस ऊंचाई वाले इलाके में पहुंच सके। कुछ लोगों ने वैकल्पिक पाइप लाइन डालकर व्यवस्था की थी, लेकिन अब वह भी ध्वस्त हो गई है। लोग एक-एक बाल्टी पानी को तरस गए हैं। दिनभर में काम निपटाने के बाद क्षेत्रीय लोग रात में कई किमी दूर से पानी भरकर लाते हैं।
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पुराना शहर का प्रमुख हिस्सा होने के कारण यहां पानी की पाइप लाइन तो सालों डल गई थीं, कुछ साल जलापूर्ति सुचारु भी रही। मगर, पिछले कई सालों से गर्मियों के दिनों में कंघी और खिन्नी गली तक भी पानी नहीं पहुंचा पाता है। वर्तमान में जल संकट का आलम यह है कि रात को तमाम लोग भारत टाकीज के पास लगे नल से पानी लेने जाते हैं। जलकल विभाग के साथ-साथ कई बार प्रशासनिक अधिकारियों से भी शिकायत की, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हो सका है।
चंदे से लगाया सबमर्सिबल
कुछ लोगों ने चंदे से सबमर्सिबल पंप लगाया है। मगर, इसका पानी खारा है। इसकी वजह से इस पानी का भी पूरी तरह से उपयोग नहीं हो पा रहा। लोगों को पानी खरीदना पड़ रहा है। आर्थिक रूप से कमजोर इस क्षेत्र के लोगों की अधिकांश कमाई पानी की व्यवस्था करने में ही खर्च हो रही है।
पानी भरें या परदे में रहें
कंघी गली निवासी जैतून निशा बेहत आहत हैं। कहती हैं कि वे सालों से कई किमी दूर से पानी भरकर ला रही हैं। पति की मौत के बाद से वे ही पानी का बंदोबस्त कर रही हैं। बताती हैं कि इसकी वजह से उनका बुर्का पहनना तक छूट गया। पानी भरकर लाने में बुर्के से दिक्कत होती थी, इसलिए उन्होंने बुर्का पहनना ही छोड़ दिया।
लोग जाम नहीं लगाएं तो क्या करें। हमारी कोई सुनने वाला भी नहीं है। सालों से परेशानी झेल रहे हैं। छोटे-छोटे बच्चे भी पानी भरकर लाते हैं।
- सगीर अहमद
हैंडपंप खराब पड़े हैं। पार्षद प्रेमा वर्मा से कई बार कहा, लेकिन उन्होंने कोई सुनवाई नहीं की। एक-एक बाल्टी पानी के लिए भटकना पड़ रहा है।
- मुवीन
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गोकुलपुरा क्षेत्र में पिछले कई सप्ताह से पेयजल किल्लत बनी हुई है। भीषण गर्मी में पानी न मिलने से परेशान कंघी गली और खिन्नी गली के लोगों ने गुुरुवार सुबह लगभग सवा दस बजे नागरी प्रचारिणी के सामने एमजी रोड जाम कर दी। युवकों के अलावा महिलाएं और बच्चे भी घरों से निकल आए। नालबंद से राजामंडी की तरफ जाने वाला ट्रैफिक रोक दिया गया। इससे वहां वाहनों की लंबी लाइन लग गई। सूचना के लगभग आधा घंटे बाद थाना हरीपर्वत और लोहामंडी पुलिस मौके पर पहुंच गई। प्रदर्शनकारियों को बीच में घेर लिया। बिना चेतावनी दिए ही लाठी फटकारनी शुरू कर दी। इससे मौके पर भगदड़ मच गई। कुछ युवकों के चोट भी आ गई। पुलिस के रुख को देखते हुए प्रदर्शनकारी गली में दौड़ गए। पौन घंटे बाद जाम खुल सका। मगर, डंडे पड़ने के बाद भी इन लोगों को पानी नहीं मिल सका।
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हर साल गर्मियों में जलसंकट
अस्थाई व्यवस्था भी फेल
हस्तशिल्पियों की खान गोकुलपुरा की एशिया में अलग पहचान है। लेकिन यह क्षेत्र कई सालों से प्रशासन की उपेक्षा का शिकार बना हुआ है। यहां के लोगों को हर साल गर्मियों में पेयजल संकट झेलना पड़ता है। लोहामंडी टंकी से सप्लाई पानी का प्रेशर इतना नहीं होता कि इस ऊंचाई वाले इलाके में पहुंच सके। कुछ लोगों ने वैकल्पिक पाइप लाइन डालकर व्यवस्था की थी, लेकिन अब वह भी ध्वस्त हो गई है। लोग एक-एक बाल्टी पानी को तरस गए हैं। दिनभर में काम निपटाने के बाद क्षेत्रीय लोग रात में कई किमी दूर से पानी भरकर लाते हैं।
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पुराना शहर का प्रमुख हिस्सा होने के कारण यहां पानी की पाइप लाइन तो सालों डल गई थीं, कुछ साल जलापूर्ति सुचारु भी रही। मगर, पिछले कई सालों से गर्मियों के दिनों में कंघी और खिन्नी गली तक भी पानी नहीं पहुंचा पाता है। वर्तमान में जल संकट का आलम यह है कि रात को तमाम लोग भारत टाकीज के पास लगे नल से पानी लेने जाते हैं। जलकल विभाग के साथ-साथ कई बार प्रशासनिक अधिकारियों से भी शिकायत की, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हो सका है।
चंदे से लगाया सबमर्सिबल
कुछ लोगों ने चंदे से सबमर्सिबल पंप लगाया है। मगर, इसका पानी खारा है। इसकी वजह से इस पानी का भी पूरी तरह से उपयोग नहीं हो पा रहा। लोगों को पानी खरीदना पड़ रहा है। आर्थिक रूप से कमजोर इस क्षेत्र के लोगों की अधिकांश कमाई पानी की व्यवस्था करने में ही खर्च हो रही है।
पानी भरें या परदे में रहें
कंघी गली निवासी जैतून निशा बेहत आहत हैं। कहती हैं कि वे सालों से कई किमी दूर से पानी भरकर ला रही हैं। पति की मौत के बाद से वे ही पानी का बंदोबस्त कर रही हैं। बताती हैं कि इसकी वजह से उनका बुर्का पहनना तक छूट गया। पानी भरकर लाने में बुर्के से दिक्कत होती थी, इसलिए उन्होंने बुर्का पहनना ही छोड़ दिया।
लोग जाम नहीं लगाएं तो क्या करें। हमारी कोई सुनने वाला भी नहीं है। सालों से परेशानी झेल रहे हैं। छोटे-छोटे बच्चे भी पानी भरकर लाते हैं।
- सगीर अहमद
हैंडपंप खराब पड़े हैं। पार्षद प्रेमा वर्मा से कई बार कहा, लेकिन उन्होंने कोई सुनवाई नहीं की। एक-एक बाल्टी पानी के लिए भटकना पड़ रहा है।
- मुवीन