दोहरा खतरा: ताजनगरी में डेल्टा वैरिएंट की वापसी, अब तक मिल चुके हैं कोरोना के चार वैरिएंट
कोरोना वायरस की दूसरी लहर में इसी वैरिएंट कहर बरपाया था। कुछ नमूने तकनीकी रूप से फेल भी हुए हैं, बाकी के नमूनों की रिपोर्ट आना बाकी है।
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ताजनगरी में कोरोना वायरस का दोहरा खतरा है। पहली बार एक साथ वायरस के दो वैरिएंट मिले हैं। दूसरी लहर में कहर बरपाने वाला डेल्टा वैरिएंट की वापसी हुई है। दो संक्रमितों के नमूनों की जीनोम सीक्वेंसिंग में इसकी पुष्टि हुई है। ओमिक्रॉन की भी दस्तक हुई और डॉक्टर में यह वैरिएंट मिला है। राहत की बात है कि यह तीनों ठीक हो चुके हैं।
एसएन मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. प्रशांत गुप्ता ने बताया कि केजीएमयू लखनऊ से छह नमूनों की जीनोम सीक्वेंसिंग रिपोर्ट बुधवार को मिली है। इसमें से 48 साल के पुरुष में ओमिक्रॉन मिला है। 56 साल की महिला और 40 साल के युवक में डेल्टा वैरिएंट की पुष्टि हुई है।
डॉक्टर काम पर लौटे, दोनों मरीज भी ठीक: सीएमओ
सीएमओ डॉ. अरुण श्रीवास्तव ने बताया कि ओमिक्रॉन से संक्रमित चिकित्सक ठीक हो गए हैं, यह आगरा के रहने वाले हैं और फरह में सेवारत हैं। यह ठीक हो चुके हैं और चिकित्सकीय कार्य कर रहे हैं। इनका नमूना 27 दिसंबर को भेजा गया था। 40 साल के युवक का नमूना छह और 56 साल की महिला का 19 दिसंबर को लखनऊ भेजा था। यह तीनों भी ठीक हो चुके हैं।
ओमिक्रॉन में तेजी से संक्रमित की क्षमता: डब्ल्यूएचओ
विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के डॉ. बीएस चंदेल ने बताया कि ओमिक्रॉन वैरिएंट पर अभी स्टडी चल रही है, शुरूआत स्टडी में इसके संक्रमित होने की दर डेल्टा वैरिएंट से दो से तीन गुना अधिक है। जानलेवा कितना है और कितना घातक साबित होगा, इसकी अभी सही स्टडी नहीं है। ऐसे में बचाव और टीकाकरण ही बेहतर विकल्प है।
सांस रोगियों के लिए डेल्टा से खतरा ज्यादा: डॉ. जीवी सिंह
एसएन के वक्ष एवं क्षय रोग विभाग के डॉ. जीवी सिंह ने बताया कि सांस रोगी और दूसरी लहर में संक्रमित होने पर गंभीर हाल के लोगों को डेल्टा वैरिएंट से खतरा अधिक है। यह फेफड़ों में तेजी से प्रभावित करता है, जिससे यह ओमिक्रॉन के मुकाबले ज्यादा जानलेवा है। ऐसे में इनको विशेष सावधानी बरतनी है।
अब तक मिल चुके हैं चार वैरिएंट
- डेल्टा वैरिएंट: कोरोना वायरस की पहली लहर में डेल्टा और दूसरी लहर में डेल्टा प्लस वैरिएंट का कहर रहा। 90 नमूनों की जीनोम सीक्वेंसिंग में 30 से अधिक में डेल्टा प्लस वैरिएंट पाया गया था। इनमें से कई मरीजों की मौत भी हो गई थी। अभी तक मिले तीन वैरिएंट में यह सबसे ज्यादा खतरनाक रहा।
- कप्पा वैरिएंट: बीते साल फरवरी में ट्रांस यमुना कॉलोनी निवासी 30 साल के युवक में कप्पा वैरिएंट मिला था। यह टैक्सी चालक है, बुखार आने पर जांच कराई थी। इसको सामान्य लक्षण थे, घर में ही इलाज से ठीक हो गया।
- अज्ञात वैरिएंट: बीते साल जनवरी में कमला नगर की 26 साल की युवती के नमूने की जीनोम सीक्वेंसिंग में अज्ञात वैरिएंट मिला था। यह दक्षिण अफ्रीका से यात्रा कर लौटी थी। लक्षण आने पर निजी अस्पताल में इलाज चला था।
लोगों को डिप्टी सीएमओ डॉ. नंदन सिंह की सलाह
- टीके के दोनों डोज लगवाएं।
- थ्री लेयर मास्क लगाएं, साथ में सैनिटाइजर रखें।
- घर-गृहस्थी के लिए सात से 10 दिन का सामान एक बार में खरीदें।
- बुखार-खांसी, गले में खराश की परेशानी होने पर जांच कराएं।
- खांसी-जुकाम है तो घर में भी मास्क लगाकर रखें।
- हरी सब्जी, दाल, चपाती, फल खाएं।
- चने, ड्राई फ्रूड्स खाएं और शाम को दूध पीएं।