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एबुंलेंस के इंतजार में सड़क पर प्रसव, इलाज के अभाव में शिशु की मौत
Tue, 02 Jul 2019 01:04 AM IST
Abhishek Saxena
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मैनपुरी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मैनपुरी
Published by: Abhishek Saxena
Updated Tue, 02 Jul 2019 01:04 AM IST
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नवजात की मौत के बाद अस्पताल में प्रसूता और परिजन
- फोटो : अमर उजाला
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जिले में 102 एंबुलेंस सेवा फिर से जवाब देने लगी है। समय से एंबुलेंस न पहुंचने के कारण एक प्रसूता ने सोमवार को सड़क पर ही बच्चे को जन्म दिया। इस दौरान उपचार के अभाव में बच्चे की मौत हो गई। दूसरी प्रसूता ने ई-रिक्शा में बच्चे को जन्म दिया। दोनों ही मामले में शिकायत सीएमओ से की गई है।
पहला मामला भोगांव क्षेत्र के गांव नगला भगत का है। यहां के निवासी विशंभर दयाल की पत्नी शालिनी को प्रसव पीड़ा होने पर गांव की आशा संतोष कुमारी ने कई बार मोबाइल फोन से 102 एंबुलेंस बुलाने की कोशिश की। जब काफी देर तक एंबुलेंस नहीं पहुंची।
इस दौरान गांव के बाहर सड़क पर इंतजार करते समय शालिनी ने सड़क पर ही पुत्र को जन्म दिया। देर से चिकित्सीय सुविधा मिलने के चलते उसके नवजात शिशु की स्थानीय चिकित्सालय में मौत हो गई।
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पहला मामला भोगांव क्षेत्र के गांव नगला भगत का है। यहां के निवासी विशंभर दयाल की पत्नी शालिनी को प्रसव पीड़ा होने पर गांव की आशा संतोष कुमारी ने कई बार मोबाइल फोन से 102 एंबुलेंस बुलाने की कोशिश की। जब काफी देर तक एंबुलेंस नहीं पहुंची।
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इस दौरान गांव के बाहर सड़क पर इंतजार करते समय शालिनी ने सड़क पर ही पुत्र को जन्म दिया। देर से चिकित्सीय सुविधा मिलने के चलते उसके नवजात शिशु की स्थानीय चिकित्सालय में मौत हो गई।
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ईरिक्शा में प्रसव के बाद अस्पताल में मौजूद महिला
- फोटो : अमर उजाला
दूसरा मामला ग्राम नगला गिरधारी का है। यहां की निवासी मनीषा को प्रसव पीड़ा हुई। परिवार के लोगों ने 102 एंबुलेंस बुलाने के तमाम प्रयास किए, लेकिन एंबुलेंस नहीं पहुंची। इसके बाद यहां मौजूद आशा आंकाक्षा ने प्रसूता की जान बचाने के लिये उसे ई-रिक्शे में बैठा लिया और भोगांव अस्पताल ले जाने लगी।
जब वह गांव मेरापुर गुजराती के निकट ईशन नदी पुल पर पहुंची तो उसने ई रिक्शा में ही पुत्री को जन्म दिया। बाद में उसे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भोगांव में भर्ती कराया गया। दोनों ही महिलाओं को भोगांव चिकित्सालय में उपचार दिया जा रहा है। 102 एंबुलेंस की लापरवाही की शिकायत सीएमओ से की गई है।
जब वह गांव मेरापुर गुजराती के निकट ईशन नदी पुल पर पहुंची तो उसने ई रिक्शा में ही पुत्री को जन्म दिया। बाद में उसे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भोगांव में भर्ती कराया गया। दोनों ही महिलाओं को भोगांव चिकित्सालय में उपचार दिया जा रहा है। 102 एंबुलेंस की लापरवाही की शिकायत सीएमओ से की गई है।