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चलती ट्रेन में महिला को हुआ प्रसव, 45 मिनट इटावा स्टेशन पर खड़ी रही सियालदाह-अजमेर एक्सप्रेस
ब्यूरो/अमर उजाला टूंडला (फिरोजाबाद)
Updated Sat, 15 Jul 2017 09:36 PM IST
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कानपुर-दिल्ली रेलखंड पर शनिवार को चलती ट्रेन में महिला ने बच्चे को जन्म दिया। राजस्थान की रहने वाली महिला अपने पति के साथ सियालदाह-अजमेर एक्सप्रेस के एसी कोच में यात्रा कर रही थीं। प्रसव के दौरान तबियत बिगड़ने पर ट्रेन को इटावा स्टेशन पर रोका गया। हालांकि प्राथमिक उपचार के बाद जच्चा-बच्चा सकुशल ट्रेन से ही रवाना हुए।
बताया गया है कि अजमेर, राजस्थान के रहने वाले मनोज कुमार शनिवार देर शाम को सियालदाह-अजमेर एक्सप्रेस के एसी कोच में यात्रा कर रहे थे। कोच संख्या बी-2 में सीट संख्या 34 पर उनके साथ उनकी पत्नी मीना कुमारी भी थीं। मीना गर्भवती थीं।
रेलवे सूत्रों के अनुसार जब ट्रेन कानपुर रेलवे स्टेशन से निकली तभी मीना को प्रसव पीड़ा शुरू हो गई। मनोज ने पत्नी की हालत को देखते हुए टीटीई को जानकारी दी और अगले रेलवे स्टेशन पर चिकित्सक उपलब्ध कराने की मांग की। टीटीई ने फौरन मामले से कंट्रोल रूम को अवगत कराया। इसके बाद रेलवे कंट्रोल रूम ने ट्रेन को इटावा रेलवे स्टेशन पर रोकने के निर्देश दिए।
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जब तक ट्रेन इटावा रेलवे स्टेशन पर पहुंचती उससे पहले ही मीना को प्रसव शुरू हो गया। इस पर ट्रेन में सफर कर रहीं महिला यात्रियों ने उनकी मदद की और महिला ने ट्रेन में ही बच्चे को जन्म दे दिया। इस बीच बच्चे की नार फंस जाने से महिला की हालत बिगड़ने लगी।
इतनी देर में इटावा रेलवे स्टेशन आ गया और वहां चिकित्सीय टीम पहुंच चुकी थी। इसके बाद चिकत्सकों ने महिला को प्राथमिक उपचार दिया। ऐसे में करीब 45 मिनट तक ट्रेन इटावा स्टेशन पर खड़ी रही। जब डाक्टरों ने जच्चा-बच्चा के सुरक्षित होने की पुष्टि की। तब ट्रेन से ही उनको रवाना किया गया।
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बताया गया है कि अजमेर, राजस्थान के रहने वाले मनोज कुमार शनिवार देर शाम को सियालदाह-अजमेर एक्सप्रेस के एसी कोच में यात्रा कर रहे थे। कोच संख्या बी-2 में सीट संख्या 34 पर उनके साथ उनकी पत्नी मीना कुमारी भी थीं। मीना गर्भवती थीं।
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रेलवे सूत्रों के अनुसार जब ट्रेन कानपुर रेलवे स्टेशन से निकली तभी मीना को प्रसव पीड़ा शुरू हो गई। मनोज ने पत्नी की हालत को देखते हुए टीटीई को जानकारी दी और अगले रेलवे स्टेशन पर चिकित्सक उपलब्ध कराने की मांग की। टीटीई ने फौरन मामले से कंट्रोल रूम को अवगत कराया। इसके बाद रेलवे कंट्रोल रूम ने ट्रेन को इटावा रेलवे स्टेशन पर रोकने के निर्देश दिए।
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जब तक ट्रेन इटावा रेलवे स्टेशन पर पहुंचती उससे पहले ही मीना को प्रसव शुरू हो गया। इस पर ट्रेन में सफर कर रहीं महिला यात्रियों ने उनकी मदद की और महिला ने ट्रेन में ही बच्चे को जन्म दे दिया। इस बीच बच्चे की नार फंस जाने से महिला की हालत बिगड़ने लगी।
इतनी देर में इटावा रेलवे स्टेशन आ गया और वहां चिकित्सीय टीम पहुंच चुकी थी। इसके बाद चिकत्सकों ने महिला को प्राथमिक उपचार दिया। ऐसे में करीब 45 मिनट तक ट्रेन इटावा स्टेशन पर खड़ी रही। जब डाक्टरों ने जच्चा-बच्चा के सुरक्षित होने की पुष्टि की। तब ट्रेन से ही उनको रवाना किया गया।