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Agra News: 24 साल पुराने अपहरण में दिल्ली की महिला को आजीवन कारावास
Thu, 16 Jan 2025 10:46 PM IST
आगरा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
Updated Thu, 16 Jan 2025 10:46 PM IST
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मैनपुरी। कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला मिश्राना गुलाबबाग से 4 वर्षीय बालक के अपहरण और 40 लाख रुपये की फिरौती मांगने के 24 साल पुराने मुकदमे में बृहस्पतिवार को एडीजे-6 चेतना चौहान की कोर्ट से सजा सुनाई गई। दोषी महिला को आजीवन कारावास और 25 हजार रुपये के जुर्माने से दंडित किया है। महिला दिल्ली की रहने वाली है। इसी कांड में उसका पति मैनपुरी पुलिस की मुठभेड़ में 2001 में अपने एक अन्य साथी के साथ मारा था।
9 जून 2001 को शहर कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला मिश्राना गुलाबबाग निवासी शकील पुत्र रसीद ने मुकदमा दर्ज कराया था। आरोप था कि उनका 4 वर्षीय भतीजे सोनू का फिरौती के उद्देश्य अपहरण कर लिया है। शकील ने मोहल्ले के कुछ लोगों के बयानों के अधार पर मुकदमे में शकील पुत्र शाहिद निवासी फर्ज बाजार शाहदरा दिल्ली, सुशील चौहान पुत्र होराम निवासी श्रीनिवास पुरी दिल्ली, माजिद अली पुत्र हामिद अली निवासी शाहदरा दिल्ली, तथा बबली पत्नी आसिफ को नामजद किया था। पुलिस ने दिल्ली में दबिश दी।
इस दौरान पुलिस की मुठभेड़ दिल्ली में गिरोह के सरगना आसिफ और उसके अन्य साथी शकील के साथ हुई। पुलिस की फायरिंग में आसिफ और उसका साथी शकील मारा गया। पुलिस ने बच्चे सोनू को बबली के पास से बरामद किया। विवेचना में प्रकाश में आए कुल आठ अभियुक्तों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की। बबली जेल में बंद थी, इसने अपनी फाइल पर जल्द सुनवाई के लिए हाईकोर्ट में अर्जी दी।
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कोर्ट ने अर्जी को सुनते हुए बबली की पत्रावली को अलग कर एक्शन प्लान में शामिल करते हुए जल्द सुनवाई के आदेश दिए। इधर, अभियोजन की ओर से विपिन कुमार चतुर्वेदी की ओर से साक्ष्य और गवाह पेश किए गए। कोर्ट ने साक्ष्यों व गवाही के आधार पर बबली को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावस और 25 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।
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9 जून 2001 को शहर कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला मिश्राना गुलाबबाग निवासी शकील पुत्र रसीद ने मुकदमा दर्ज कराया था। आरोप था कि उनका 4 वर्षीय भतीजे सोनू का फिरौती के उद्देश्य अपहरण कर लिया है। शकील ने मोहल्ले के कुछ लोगों के बयानों के अधार पर मुकदमे में शकील पुत्र शाहिद निवासी फर्ज बाजार शाहदरा दिल्ली, सुशील चौहान पुत्र होराम निवासी श्रीनिवास पुरी दिल्ली, माजिद अली पुत्र हामिद अली निवासी शाहदरा दिल्ली, तथा बबली पत्नी आसिफ को नामजद किया था। पुलिस ने दिल्ली में दबिश दी।
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इस दौरान पुलिस की मुठभेड़ दिल्ली में गिरोह के सरगना आसिफ और उसके अन्य साथी शकील के साथ हुई। पुलिस की फायरिंग में आसिफ और उसका साथी शकील मारा गया। पुलिस ने बच्चे सोनू को बबली के पास से बरामद किया। विवेचना में प्रकाश में आए कुल आठ अभियुक्तों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की। बबली जेल में बंद थी, इसने अपनी फाइल पर जल्द सुनवाई के लिए हाईकोर्ट में अर्जी दी।
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कोर्ट ने अर्जी को सुनते हुए बबली की पत्रावली को अलग कर एक्शन प्लान में शामिल करते हुए जल्द सुनवाई के आदेश दिए। इधर, अभियोजन की ओर से विपिन कुमार चतुर्वेदी की ओर से साक्ष्य और गवाह पेश किए गए। कोर्ट ने साक्ष्यों व गवाही के आधार पर बबली को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावस और 25 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।