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Agra News: एसआईआर के बाद भी सूची में जिंदा हैं मुर्दा मतदाता
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आगरा। विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के बाद भी मतदाता सूचियों में गड़बड़ियों की भरमार है। मृत हो चुके मतदाता भी सूचियों में जिंदा हैं। उनके नाम तक नहीं हटे। बूथों पर बीएलओ के पास सूची और फॉर्म-6 तक नहीं मिल रहे। ये आरोप समाजवादी पार्टी की प्रदेश सचिव ममता टपलू ने लगाते हुए मुख्य निर्वाचन अधिकारी को पत्र भेजा है।
समाजवादी पार्टी की नेता ने कहा कि लिखित शिकायत के बावजूद सूची से मृतकों के नाम नहीं हटाए गए। बूथों पर नाम जुड़वाने के लिए भी मतदाता परेशान हैं। उन्होंने कहा कि जनवरी 2026 में आगरा छावनी विधानसभा क्षेत्र में भाग संख्या 317 में सावित्री, शांति देवी, शीला देवी, प्रताप सिंह और नारायण मृत के नाम दर्ज होने पर लिखित आपत्ति दी थी। आरोप है कि अंतिम मतदाता सूची में ये नाम आज भी क्रमांक 349, 364, 369, 373, 374, 381 पर जस के तस दर्ज हैं।
सपा महानगर अध्यक्ष शब्बीर अब्बास ने कहा कि 17 अक्तूबर को कई पोलिंग बूथों से शिकायतें मिलीं कि बीएलओ के पास न तो मतदाता सूची है और न ही नए वोटरों के लिए फॉर्म-छह आए। बीएलओ लोगों से ऑनलाइन फॉर्म भरने को कह रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग सरकार के दबाव में कार्य कर रहा है। मुख्य विपक्षी दल की आपत्तियों पर सुनवाई नहीं हो रही, तो आम जनता की क्या होगी।
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समाजवादी पार्टी की नेता ने कहा कि लिखित शिकायत के बावजूद सूची से मृतकों के नाम नहीं हटाए गए। बूथों पर नाम जुड़वाने के लिए भी मतदाता परेशान हैं। उन्होंने कहा कि जनवरी 2026 में आगरा छावनी विधानसभा क्षेत्र में भाग संख्या 317 में सावित्री, शांति देवी, शीला देवी, प्रताप सिंह और नारायण मृत के नाम दर्ज होने पर लिखित आपत्ति दी थी। आरोप है कि अंतिम मतदाता सूची में ये नाम आज भी क्रमांक 349, 364, 369, 373, 374, 381 पर जस के तस दर्ज हैं।
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सपा महानगर अध्यक्ष शब्बीर अब्बास ने कहा कि 17 अक्तूबर को कई पोलिंग बूथों से शिकायतें मिलीं कि बीएलओ के पास न तो मतदाता सूची है और न ही नए वोटरों के लिए फॉर्म-छह आए। बीएलओ लोगों से ऑनलाइन फॉर्म भरने को कह रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग सरकार के दबाव में कार्य कर रहा है। मुख्य विपक्षी दल की आपत्तियों पर सुनवाई नहीं हो रही, तो आम जनता की क्या होगी।
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