{"_id":"61cf4f304afdb8511853bc0a","slug":"death-strike-rojgaar-sevak-protest-mainpuri-news-agr519750789","type":"story","status":"publish","title_hn":"मांगें नहीं मानी तो आमरण अनशन करेंगे रोजगार सेवक","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मांगें नहीं मानी तो आमरण अनशन करेंगे रोजगार सेवक
विज्ञापन
31एमएनपी-06-विकास भवन में धरना देते रोजगार सेवक
- फोटो : MAINPURI
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मैनपुरी। रोजगार सेवकों का धरना साल के अंतिम दिन भी जारी रहा। वे लगभग डेढ़ सप्ताह से आंदोलनरत हैं। शुक्रवार को उन्होंने विकास भवन पहुंचकर धरना दिया। इसके बाद मुख्यमंत्री को संबोधित मांगपत्र उपायुक्त मनरेगा को भी सौंपा। उन्होंने कहा कि अगर उनकी मांगें नहीं मानी गईं तो वे आमरण अनशन करेंगे।
ग्राम रोजगार सेवक वेलफेयर एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष परशुराम के नेतृत्व में रोजगार सेवक शुक्रवार को दोपहर बाद विकास भवन पहुंचे। लगभग 25 ग्राम पंचायतों के रोजगार सेवकों ने विकास भवन पहुंचकर धरना दिया। उन्होंने सरकार के खिलाफ प्रदर्शन भी किया। पदाधिकारियों ने कहा कि मानदेय बढ़ाने से लेकर मृतक आश्रितों को नौकरी व अन्य कई मांगें शासन स्तर पर लंबित हैं। इन पर शासन द्वारा सुनवाई नहीं की जा रही है। इसी के विरोध में पूरे प्रदेश में ग्राम रोजगार सेवक 20 दिसंबर से आंदोलन कर रहे हैं। प्रदर्शन के बाद एक 12 सूत्री मांगपत्र उपायुक्त मनरेगा पीसी राम को सौंपा।
मुख्यमंत्री को संबोधित इस मांगपत्र में रोजगार सेवकों के हित में मांगों को स्वीकार करते हुए आदेश जारी करने की मांग की। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर मांगें नहीं मानी गईं तो वे आमरण अनशन करने के लिए मजबूर होंगे। प्रदर्शन में दुर्वेश यादव, योगेश कुमार, प्रमोद कुमार, मोहन सिंह, इंद्रेश कुमार, धनीराम, सनोज कुमार, राजकमल सिंह, ताराचंद्र, कुलदीप कुमार आदि शामिल रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
ग्राम रोजगार सेवक वेलफेयर एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष परशुराम के नेतृत्व में रोजगार सेवक शुक्रवार को दोपहर बाद विकास भवन पहुंचे। लगभग 25 ग्राम पंचायतों के रोजगार सेवकों ने विकास भवन पहुंचकर धरना दिया। उन्होंने सरकार के खिलाफ प्रदर्शन भी किया। पदाधिकारियों ने कहा कि मानदेय बढ़ाने से लेकर मृतक आश्रितों को नौकरी व अन्य कई मांगें शासन स्तर पर लंबित हैं। इन पर शासन द्वारा सुनवाई नहीं की जा रही है। इसी के विरोध में पूरे प्रदेश में ग्राम रोजगार सेवक 20 दिसंबर से आंदोलन कर रहे हैं। प्रदर्शन के बाद एक 12 सूत्री मांगपत्र उपायुक्त मनरेगा पीसी राम को सौंपा।
विज्ञापन
मुख्यमंत्री को संबोधित इस मांगपत्र में रोजगार सेवकों के हित में मांगों को स्वीकार करते हुए आदेश जारी करने की मांग की। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर मांगें नहीं मानी गईं तो वे आमरण अनशन करने के लिए मजबूर होंगे। प्रदर्शन में दुर्वेश यादव, योगेश कुमार, प्रमोद कुमार, मोहन सिंह, इंद्रेश कुमार, धनीराम, सनोज कुमार, राजकमल सिंह, ताराचंद्र, कुलदीप कुमार आदि शामिल रहे।
विज्ञापन