फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Agra News ›   Death of French female tourist No boards were put up to warn tourists many places are closed

फ्रांस महिला पर्यटक की मौत: पर्यटकों को सावधान करने के लिए नहीं लगे बोर्ड, कई स्थान हैं बंद

Fri, 22 Sep 2023 12:30 PM IST
धीरेन्द्र सिंह अमर उजाला, आगरा
अमर उजाला, आगरा Published by: धीरेन्द्र सिंह Updated Fri, 22 Sep 2023 12:30 PM IST
सार

फतेहपुर सीकरी स्मारक में कई स्थानों को एएसआई ने बंद कर रखा है। वहीं पर्यटकों को सावधान करने के लिए बोर्ड भी नहीं लगाए गए हैं।
 

विज्ञापन
Death of French female tourist No boards were put up to warn tourists many places are closed
फतेहपुर सीकरी स्मारक में यह बोर्ड नजर नहीं आते हैं। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

आगरा के  फतेहपुर सीकरी स्मारक में फ्रांस के पर्यटक की मौत के बाद उनकी सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े होने लगे है। फतेहपुर सीकरी स्मारक देखने प्रतिदिन हजारों देशी व विदेशी पर्यटक आते हैं। स्मारक के अंदर कई स्थान जर्जर हो चुके है और कमजोर है। उसके बाद भी चेतावनी बोर्ड नहीं लगाए गए हैं।

विज्ञापन



स्मारकों पर पर्यटकों की सुविधा के बोर्ड लगाए जाते है। यह बोर्ड पर्यटकों को स्मारक देखने में मदद करते है। कई स्थानों पर पर्यटकों के जाने पर प्रतिबंध लगा होता है, वहां पर भी बोर्ड लगाया जाता है। फतेहपुर सीकरी स्मारक में यह बोर्ड नजर नहीं आते है। तुर्की सुल्ताना बरामदे की रेलिंग कमजोर होने के कारण फ्रांस की पर्यटक के साथ हादसा हुआ। चेतावनी बोर्ड होता हो पर्यटक वहां नहीं जाती।
विज्ञापन


स्मारक में और भी कमजोर स्थान है, जहां पर भी चेतावनी बोर्ड नहीं लगे है। वैसे विभाग की तरफ से कई जर्जर भवनों को बंद किया हुआ है और उस तरफ पर्यटक नहीं जाते है। स्मारक की बाउंड्रीवाल कई स्थानों टूटी होना बताया जाता है और वहां पर पर्यटक घूमने चले जाते हैं। जबकि यहां पर भी चेतावनी बोर्ड लगे होने चाहिए।
विज्ञापन
विज्ञापन


ये भी पढ़ें - पुलिस की पाठशाला: पढ़ाई में घंटे नहीं, लक्ष्य करें तय; एसीपी ताज सुरक्षा ने दिए सफलता के ये टिप्स


बुर्जियों से झड़ते पत्थर, छतों में दरारें
फतेहपुर सीकरी। फतेहपुर सीकरी स्मारक की इमारतें संरक्षण में लापरवाही के कारण हादसों का सबब बनने लगी हैं। बुलंद दरवाजे के पोर्च से पत्थर टूटकर गिरते हैं तो कभी जामा मस्जिद के गुंबद से पत्थर झड़ रहे हैं। बादशाही गेट की बुर्जी एक साल से टूटी पड़ी हुई है। यहां तक कि शेख सलीम शाह चिश्ती की दरगाह में बनाई गईं प्राचीन पेटिंग्स भी वक्त के साथ अपना नूर खो रही हैं। सीकरी स्मारक की शाही जामा मस्जिद के गुंबद से कई बार पत्थर गिर चुके हैं। इसके बुर्ज से पिनेकल भी टूटकर गिर चुका है। तीन माह पहले भी गुंबद से भारी पत्थर गिरा था। संवाद

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed