गड्ढे में गिरकर छह साल के बालक की मौत: गैर इरादतन हत्या में तरमीम हुआ मुकदमा, बढ़ेगी मुश्किल
आगरा में जल संस्थान द्वारा खोदा गया गड्ढा एक बालक की जान पर भारी पड़ गया। खुले गड्ढे में गिरकर मासूम की मौत हो गई। जल निगम और बीएसएनएल ने बिना बैरिकेडिंग के गड्ढा खुला छोड़ा था। विवेचना के बाद पुलिस जिम्मेदारी तय करेगी, कि गलती किसकी थी।
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आगरा में तोता के ताल में ईसाई कब्रिस्तान के सामने खोदे गए गड्ढे के आसपास सुरक्षा के इंतजाम नहीं किए गए थे। बैरिकेडिंग नहीं होने की वजह से छह साल के जीशान की मौत हो गई थी। पुलिस की जांच में यह बात सामने आई है। पहले मुकदमा लापरवाही से मौत की धारा में लिखा गया था। अब मुकदमे को गैर इरादतन हत्या की धारा में तरमीम कर दिया है। इससे जल निगम और बीएसएनएल के अधिकारियों की मुश्किल बढ़ेगी।
बिल्लोचपुरा निवासी रियाजुद्दीन के 6 साल के बेटे की पानी से भरे गड्ढे में गिरने से मौत हो गई थी। इस मामले में क्षेत्रीय लोगों ने कहा कि जल निगम का सीवर कार्य कर रही कंपनी मनीषा प्रोजेक्ट्स ने गड्ढा खोदवाया था। आगरा स्मार्ट सिटी के लिए बिछाई गई बीएसएनएल की केबल कट जाने पर उसे जोड़ने का काम होना था। इसलिए बिना सुरक्षा इंतजाम के चार दिनों से खुला छोड़ दिया गया। इस बीच हादसा हो गया। पिता ने ठेकेदार जावेद और जेई के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था।
थाना प्रभारी निरीक्षक त्रिलोकी सिंह ने बताया कि तहरीर के आधार पर लापरवाही से मौत की धारा 304-ए में मुकदमा दर्ज किया गया था। मंगलवार को दुकानदार और अन्य लोगों के बयान दर्ज किए गए। इसमें पाया गया कि गड्ढा खोदने के बाद बैरिकेडिंग नहीं की गई थी। इससे बच्चे की मौत हो गई। मामला गैर इरादतन हत्या का निकला। इस पर धारा 304 में मुकदमा तरमीम कर दिया गया। देखा जाएगा कि जल निगम और बीएसएनएल की तरफ से किसकी जिम्मेदारी थी। साक्ष्य संकलन के के बाद कार्रवाई होगी।
रात में जेसीबी से भर दिया गड्ढा
जिस जगह हादसा हुआ, उसके पास सीवर लाइन के लिए खोदे गए गड्ढे को रात दो बजे वबाग के कर्मचारियों ने जेसीबी बुलाकर गड्ढा भरवा दिया। वहीं जिस गड्ढे में जीशान डूबा, उसे शाम को भरवाया जा सका। क्षेत्र के लोगों में सरकारी विभागों की लापरवाही को लेकर आक्रोश है।
पुलिस कर रही जांच
पुलिस की जांच में अब तक यह तथ्य सामने आए हैं कि सबसे पहले जलनिगम ने गड्ढा खोदवाया, उसमें बीएसएनएल की केबल कट गई। भरने के बाद इस गड्ढे को ठेकेदार से दोबारा खोदवाया गया। जिन अधिकारियों के कहने पर गड्ढा खोदा गया, वह ठेकेदार और अधिकारी जिम्मेदार बनेंगे। वह केस में आरोपी बनाए जाएंगे। अभी पुलिस जांच कर रही है। लोगों के बयान दर्ज कर लिए हैं। उनसे सवाल पूछे हैं कि कब कौन घायल हुआ, कितने दिन पहले यह खोदा गया था, किसी ने शिकायत की तो क्या हुआ।
कमिश्नर ने मांगी डीएम से रिपोर्ट
तोता का ताल के पास जल निगम के पानी से भरे खुले गड्ढे में गिरने से छह साल के मासूम जीशान की मौत के मामले में कमिश्नर अमित गुप्ता ने जिलाधिकारी से रिपोर्ट मांगी है। साथ ही शहर में गड्ढा खोदकर खुला छोड़ने वाले विभागीय अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई के भी निर्देश दिए हैं। कमिश्नर अमित गुप्ता ने बताया कि खुले गड्ढे में गिरने से बच्चे की मौत बहुत गंभीर मामला है। इस मामले में जिलाधिकारी से रिपोर्ट मांगी है। मजिस्ट्रेट से जांच कराई जाएगी। जांच के बाद आगे की कार्रवाई होगी।