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शराब पीने से मौतों का मामला: आखिरी बार पिता का चेहरा भी नहीं देख सका दीपक, पुलिस ने रात में कराया अंतिम संस्कार
Wed, 25 Aug 2021 06:45 PM IST
Abhishek Saxena
न्यूज डेस्क अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क अमर उजाला, आगरा
Published by: Abhishek Saxena
Updated Wed, 25 Aug 2021 06:45 PM IST
सार
दीपक ने बताया कि परिवार के लोगों से पता चला कि पिता रविवार रात को शराब पीकर आए थे। सोमवार को भी शराब पीने चले गए। उनकी हालत बिगड़ गई। इस पर उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया। मंगलवार शाम को चार बजे उनकी मौत हो गई।
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रामवीर की फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
आगरा के गांव कौलारा कलां में रामवीर की जहरीली शराब पीने से मौत हो गई थी। पोस्टमार्टम के बाद पुलिस मंगलवार रात दो बजे गांव में शव लेकर आई। घर पर शव दस मिनट रखने के बाद खाली स्थान पर ले गई। पुलिसकर्मी लकड़ी सहित अन्य सामान लेकर आए थे। परिजन रिश्तेदारों के आने का इंतजार करना चाहते थे, लेकिन पुलिस ने ऐसा नहीं करने दिया। शव का अंतिम संस्कार करवा दिया। यह कहना था कौलारा कलां के दीपक का। वो पिता रामवीर की शराब पीने के बाद मौत की खबर पर मध्यप्रदेश से बुधवार सुबह घर पहुंचा था। वह आखिरी बार पिता का चेहरा भी नहीं देख सका।
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गांव कौलारा कलां निवासी रामवीर (45) पुत्र माता प्रसाद मजदूरी करते थे। उनके चार बेटे दीपक, अमन, सचिन, नवेंद्र, तीन बेटियां पूजा, कुसुम और मोनिका हैं। किसी की शादी नहीं हुई है। रामवीर ने दो महीने पहले दीपक की शादी तय कर दी थी। दीपक मध्य प्रदेश के खंडवा में मजदूरी करता है। बाकी बच्चे गांव में ही रहते हैं।
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दीपक ने बताया कि परिवार के लोगों से पता चला कि पिता रविवार रात को शराब पीकर आए थे। सोमवार को भी शराब पीने चले गए। उनकी हालत बिगड़ गई। इस पर उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया। मंगलवार शाम को चार बजे उनकी मौत हो गई। सूचना मिलने पर वह मध्यप्रदेश से घर के लिए चल दिया। वह पिता को आखिरी बार देखना चाहता था। मगर, रात एक बजे पुलिस पोस्टमार्टम के बाद शव को गांव लेकर पहुंची। घर के दरवाजे दस मिनट के लिए शव को रखा गया।
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दीपक का कहना है कि परिवार के लोग उसके आने का इंतजार करना चाहते थे। आरोप लगाया कि पुलिस ने ऐसा नहीं करने दिया। शव को घर से 300 मीटर की दूर ले आए। परिजनों से कहकर अंतिम संस्कार करा दिया। पुलिस के इस रवैये से ग्रामीणों में भी आक्रोश है। लोगों का कहना था कि पुलिस ने शव को जलाने में इतनी जल्दबाजी क्यों की? यह किसी को समझ नहीं आया।
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