{"_id":"594944ed4f1c1b56428b45a6","slug":"deaf-and-dumb-people-will-be-treated-in-sn-medical-college-agra","type":"story","status":"publish","title_hn":"एसएन मेडिकल कालेज में मूक-बधिर लोगों को मिलेगी बड़ी सौगात","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
एसएन मेडिकल कालेज में मूक-बधिर लोगों को मिलेगी बड़ी सौगात
ब्यूरो/अमर उजाला आगरा
Updated Tue, 20 Jun 2017 09:23 PM IST
विज्ञापन
एसएन मेडिकल कालेज
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मूक-बधिरों को एसएन मेडिकल कालेज सौगात देने जा रहा है। एसएन के डाक्टर ऐसे मरीजों को आवाज देंगे। यहां के नाक, कान, गला रोग विभाग में कॉक्लीयर इम्प्लांट की जल्द सुविधा शुरू होगी। आपरेशन निशुल्क होंगे। शासन ने कॉक्लीयर इम्प्लांट यूनिट के लिए प्रस्ताव मांगा है।
एसएन के ईएनटी रोग विभाग में 10-15 मरीज प्रति महीने रहते हैं। कॉक्लीयर इम्प्लांट की सुविधा हो जाने पर इन मरीजों का आपरेशन किया जाएगा। विशेषज्ञों की टीम दूरबीन विधि से आपरेशन करेगी। अभी तक ये सुविधा चंद प्राइवेट हास्पिटल में ही है।
विभागाध्यक्ष डा. धर्मेंद्र कुमार ने बताया कि स्पीच थैरेपिस्ट, ऑडियोलोजिस्ट, बैरा टेक्नीशियन, आधुनिक मशीनों का प्रस्ताव भेजा है। हमारे पास आधुनिक आपरेशन थिएटर है, उपकरण और सहयोगी स्टाफ की भर्ती होने के बाद सुविधा शुरू हो जाएगी।
विज्ञापन
बता दें कि कॉक्लीयर इम्प्लांट में दूरबीन विधि से आपरेशन किया जाता है। बहरे व्यक्ति का आपरेशन होने के बाद 25-30 दिन बाद मरीज सुनने तो लगते हैं लेकिन बोल नहीं पाते। स्पीच थेरेपिस्ट, ऑडियोलोजिस्ट की निगरानी में मरीज रहता है। प्रशिक्षण और लोगों के बीच रहने पर 5-6 महीने में मरीज बोलने भी लगता है।
विज्ञापन
एसएन के ईएनटी रोग विभाग में 10-15 मरीज प्रति महीने रहते हैं। कॉक्लीयर इम्प्लांट की सुविधा हो जाने पर इन मरीजों का आपरेशन किया जाएगा। विशेषज्ञों की टीम दूरबीन विधि से आपरेशन करेगी। अभी तक ये सुविधा चंद प्राइवेट हास्पिटल में ही है।
विज्ञापन
विभागाध्यक्ष डा. धर्मेंद्र कुमार ने बताया कि स्पीच थैरेपिस्ट, ऑडियोलोजिस्ट, बैरा टेक्नीशियन, आधुनिक मशीनों का प्रस्ताव भेजा है। हमारे पास आधुनिक आपरेशन थिएटर है, उपकरण और सहयोगी स्टाफ की भर्ती होने के बाद सुविधा शुरू हो जाएगी।
विज्ञापन
बता दें कि कॉक्लीयर इम्प्लांट में दूरबीन विधि से आपरेशन किया जाता है। बहरे व्यक्ति का आपरेशन होने के बाद 25-30 दिन बाद मरीज सुनने तो लगते हैं लेकिन बोल नहीं पाते। स्पीच थेरेपिस्ट, ऑडियोलोजिस्ट की निगरानी में मरीज रहता है। प्रशिक्षण और लोगों के बीच रहने पर 5-6 महीने में मरीज बोलने भी लगता है।