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स्नातक के कई पाठ्यक्रमों में मेरिट के आधार पर होगा प्रवेश, ये है कारण
न्यूज डेस्क, अमर उजाला आगरा
Updated Mon, 25 Jun 2018 10:03 AM IST
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डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय आगरा
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आगरा के डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय ने स्नातक पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया 20 जून को बंद कर दी। अधिकतर पाठ्यक्रमों में उम्मीद से कम आवेदन आए हैं।
ऐसे में प्रवेश परीक्षा कराने की स्थिति नहीं है। मेरिट के आधार पर ही प्रवेश लेना होगा। कई पाठ्यक्रमों में सीट के अनुपात में आवेदन दोगुने से भी कम मिले हैं। बीए वोकेशनल और बीबीए में सीट के बराबर ही आवेदन हुए हैं।
स्नातक पाठ्यक्रमों के लिए आवेदन की तिथि तीन बार बढ़ाई गई। पहले अंतिम तिथि आठ जून थी। इसके बावजूद आवेदन उम्मीद के अनुरूप नहीं हुए। हालांकि गत सत्र की अपेक्षा सभी पाठ्यक्रमों में आवेदनों की संख्या बढ़ी है।
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ऐसे में प्रवेश परीक्षा कराने की स्थिति नहीं है। मेरिट के आधार पर ही प्रवेश लेना होगा। कई पाठ्यक्रमों में सीट के अनुपात में आवेदन दोगुने से भी कम मिले हैं। बीए वोकेशनल और बीबीए में सीट के बराबर ही आवेदन हुए हैं।
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स्नातक पाठ्यक्रमों के लिए आवेदन की तिथि तीन बार बढ़ाई गई। पहले अंतिम तिथि आठ जून थी। इसके बावजूद आवेदन उम्मीद के अनुरूप नहीं हुए। हालांकि गत सत्र की अपेक्षा सभी पाठ्यक्रमों में आवेदनों की संख्या बढ़ी है।
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इतने आवदेन हुए प्राप्त
बात करें आवासीय संस्थानों की तो बीएससी वोकेशनल में कुल 60 सीटें हैं। इसके लिए 80 आवेदन हुए हैं। बीकॉम वोकेशनल में 30 सीटों के सापेक्ष 70 आवेदन, बीए वोकेशनल में 40 सीटों के सापेक्ष 40 आवेदन और बीबीए में 60 सीटों के मुकाबले 60 आवेदन ही प्राप्त हुए हैं। बीफार्मा के लिए 90 आवेदन किए गए हैं।
बीएएलएलबी, एलएलबी, बीएससी एग्रीकल्चर, बीपीएड और एमएससी पाठ्यक्रमों में संबद्ध कॉलेजों को विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से छात्र-छात्राएं आवंटित किए जाएंगे। विश्वविद्यालय स्तर पर ही आवेदन स्वीकार किए गए हैं। इन पाठ्यक्रमों में भी संख्या कम है। ऐसे में कॉलेजों की सीटें खाली रह सकती हैं। खासतौर पर बीएससी कृषि में।
विश्वविद्यालय के जनसंपर्क अधिकारी डॉ. गिरजाशंकर शर्मा का कहना है कि पिछले वर्ष की तुलना में सभी पाठ्यक्रमों में आवेदनों की संख्या बढ़ी है। बीएएलएलबी व बीएससी कृषि में हरियाणा, दिल्ली, राजस्थान के छात्रों संख्या अधिक रहती थी, लेकिन इस बार कम है।
बीएएलएलबी, एलएलबी, बीएससी एग्रीकल्चर, बीपीएड और एमएससी पाठ्यक्रमों में संबद्ध कॉलेजों को विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से छात्र-छात्राएं आवंटित किए जाएंगे। विश्वविद्यालय स्तर पर ही आवेदन स्वीकार किए गए हैं। इन पाठ्यक्रमों में भी संख्या कम है। ऐसे में कॉलेजों की सीटें खाली रह सकती हैं। खासतौर पर बीएससी कृषि में।
विश्वविद्यालय के जनसंपर्क अधिकारी डॉ. गिरजाशंकर शर्मा का कहना है कि पिछले वर्ष की तुलना में सभी पाठ्यक्रमों में आवेदनों की संख्या बढ़ी है। बीएएलएलबी व बीएससी कृषि में हरियाणा, दिल्ली, राजस्थान के छात्रों संख्या अधिक रहती थी, लेकिन इस बार कम है।
30 जून को प्रवेश परीक्षा
इसका कारण, पंजीकरण को आधार संख्या से जोड़ा जाना और परीक्षा परिणाम कम रहना भी है। वहीं बीएससी कृषि और बीएएलएलबी की प्रवेश परीक्षा 30 जून को आगरा कॉलेज में कराई जाएगी।
प्रवेश परीक्षा के समन्वयक डॉ. संजीव कुमार के मुताबिक बीएससी एग्रीकल्चर की प्रवेश परीक्षा सुबह नौ से दोपहर 12 बजे तक और बीएएलएलबी की प्रवेश परीक्षा दोपहर एक से शाम चार बजे तक होगी।
स्नातक पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए आवेदन की आखिरी तिथि 20 जून थी। अब आवेदन स्वीकार नहीं किए जा रहे हैं। परास्नातक पाठ्यक्रमों के लिए 25 जून तक आवेदन किया जा सकता है। विश्वविद्यालय प्रशासन को आखिरी दो दिनों में ठीकठाक आवेदन प्राप्त होने की उम्मीद है।
प्रवेश परीक्षा के समन्वयक डॉ. संजीव कुमार के मुताबिक बीएससी एग्रीकल्चर की प्रवेश परीक्षा सुबह नौ से दोपहर 12 बजे तक और बीएएलएलबी की प्रवेश परीक्षा दोपहर एक से शाम चार बजे तक होगी।
स्नातक पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए आवेदन की आखिरी तिथि 20 जून थी। अब आवेदन स्वीकार नहीं किए जा रहे हैं। परास्नातक पाठ्यक्रमों के लिए 25 जून तक आवेदन किया जा सकता है। विश्वविद्यालय प्रशासन को आखिरी दो दिनों में ठीकठाक आवेदन प्राप्त होने की उम्मीद है।