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कोरोना राहत के पात्रों की आखिर कैसे हो फीडिंग, सर्वर रहता है डाउन
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फिरोजाबाद। जिले के गरीब रेहड़ी, रिक्शा चालक, फड़ एवं खोखे में दुकान संचालित करने वाले नाई, धोबी, नाविक, हलवाई को कोरोना संक्रमण के दौरान एक हजार की राहत राशि दिए जाने के फीडिंग का काम नहीं हो पा रहा है। सर्वर डाउन रहने के चलते अभी तक जिले में पांच हजार के करीब नाम फीड हो सके हैं।
कोरोना संक्रमण के बढ़ने एवं कोरोना कर्फ्यू के कारण गरीब तबके के लोग सबसे अधिक प्रभावित हुए हैं। प्रदेश सरकार ने गांव के गरीबों को राहत राशि के रूप में एक हजार रुपये देने का निर्णय लिया था। शासनादेश जारी होने के साथ दस दिन के भीतर इनका ग्राम पंचायतों मे चिह्नित करने के साथ इनकी सीधे फीडिंग कराए जाने की जिम्मेदारी सौंपी थी। डीएम चंद्र विजय सिंह ने डीपीआरओ नीरज कुमार सिन्हां के साथ पीडी डीआरडीए देवेंद्र प्रताप सिंह को प्रभारी बनाया था।
प्रशासन ने 30 मई तक पूरी फीडिंग करने का समय तय किया था लेकिन अभी फीडिंग नहीं हो सकी। डीपीआरओ नीरज कुमार सिन्हा ने बताया कि सभी नौ ब्लॉकों में 5059 लाभार्थियों की फीडिंग हो सकी है। उन्होंने कहा कि राहत एप का सर्वर डाउन हो जाने के कारण फीडिंग का काम तेजी से नहीं हो पा रहा है। सभी नौ ब्लॉकों को फीडिंग की जिम्मेदारी सौंप दी है।
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कोरोना संक्रमण के बढ़ने एवं कोरोना कर्फ्यू के कारण गरीब तबके के लोग सबसे अधिक प्रभावित हुए हैं। प्रदेश सरकार ने गांव के गरीबों को राहत राशि के रूप में एक हजार रुपये देने का निर्णय लिया था। शासनादेश जारी होने के साथ दस दिन के भीतर इनका ग्राम पंचायतों मे चिह्नित करने के साथ इनकी सीधे फीडिंग कराए जाने की जिम्मेदारी सौंपी थी। डीएम चंद्र विजय सिंह ने डीपीआरओ नीरज कुमार सिन्हां के साथ पीडी डीआरडीए देवेंद्र प्रताप सिंह को प्रभारी बनाया था।
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प्रशासन ने 30 मई तक पूरी फीडिंग करने का समय तय किया था लेकिन अभी फीडिंग नहीं हो सकी। डीपीआरओ नीरज कुमार सिन्हा ने बताया कि सभी नौ ब्लॉकों में 5059 लाभार्थियों की फीडिंग हो सकी है। उन्होंने कहा कि राहत एप का सर्वर डाउन हो जाने के कारण फीडिंग का काम तेजी से नहीं हो पा रहा है। सभी नौ ब्लॉकों को फीडिंग की जिम्मेदारी सौंप दी है।
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