{"_id":"609575f88ebc3edca622edb6","slug":"damage-due-to-storm-rain-and-hail-mainpuri-news-agr4911346177","type":"story","status":"publish","title_hn":"रात में हुई बूंदाबांदी, सुबह आंधी और बारिश ने किया नुकसान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
रात में हुई बूंदाबांदी, सुबह आंधी और बारिश ने किया नुकसान
विज्ञापन
मैनपुरी। गर्मी से परेशान लोगों को बृहस्पतिवार शाम को आई आंधी और बूंदाबांदी ने राहत दिलाई। वहीं शुक्रवार को सुबह आंधी के साथ हुई तेज बारिश ने मुसीबत खड़ी कर दी है। तेज बारिश के साथ कई जगह ओलावृष्टि हुई, जिससे फसलों में भी नुकसान हुआ है। वहीं आंधी ने भी ग्रामीण क्षेत्र में काफी नुकसान किया है।
बीते एक सप्ताह से तेज गर्मी के कारण लोग परेशान थे। बृहस्पतिवार शाम को मौसम बदला और आंधी के बाद हल्की बूंदाबांदी भी हुई। इससे लोगों को गर्मी से राहत मिल गई। औसतन 40 डिग्री सेल्सियस से तापमान गिरकर 35 डिग्री पर आ गया। रात में भी कई जगह बूंदाबांदी जारी रही। शुक्रवार को सुबह होते-होते मौसम बिगड़ गया। तेज आंधी के साथ घने बादल छाए और बारिश शुरू हो गई। लगभग एक घंटे तक झमाझम बारिश हुई और तेज आंधी चली। इससे ग्रामीण अंचल में काफी नुकसान हुआ। गांवों में रखी झोपड़ी, छप्पर और टिनशेड उड़ गए।
बारिश से खेतों में पड़ी गेहूं की फसल की थ्रेसिंग का काम रुक गया है। अब किसानों को तीन दिन गेहूं के गट्ठरों को खोलकर सुखाना होगा। इसके बाद ही थ्रेसिंग का काम शुरू हो सकेगा। वहीं उर्द और मूंग की फसल को बारिश से राहत मिली है। उसमें कीड़ा खत्म हो जाएगा। इससे इनका उत्पादन भी बेहतर होगा।
विज्ञापन
बिछवां क्षेत्र में बारिश के साथ शुक्रवार को सुबह ओलावृष्टि भी हुई। इससे फसलों को नुकसान हुआ है। वहीं पशु पक्षी परेशान रहे। बारिश के साथ हुई ओलावृष्टि से लोगों को परेशानी हुई। उन्होंने जैसे-तैसे पशुओं को बचाया।
विज्ञापन
बीते एक सप्ताह से तेज गर्मी के कारण लोग परेशान थे। बृहस्पतिवार शाम को मौसम बदला और आंधी के बाद हल्की बूंदाबांदी भी हुई। इससे लोगों को गर्मी से राहत मिल गई। औसतन 40 डिग्री सेल्सियस से तापमान गिरकर 35 डिग्री पर आ गया। रात में भी कई जगह बूंदाबांदी जारी रही। शुक्रवार को सुबह होते-होते मौसम बिगड़ गया। तेज आंधी के साथ घने बादल छाए और बारिश शुरू हो गई। लगभग एक घंटे तक झमाझम बारिश हुई और तेज आंधी चली। इससे ग्रामीण अंचल में काफी नुकसान हुआ। गांवों में रखी झोपड़ी, छप्पर और टिनशेड उड़ गए।
विज्ञापन
बारिश से खेतों में पड़ी गेहूं की फसल की थ्रेसिंग का काम रुक गया है। अब किसानों को तीन दिन गेहूं के गट्ठरों को खोलकर सुखाना होगा। इसके बाद ही थ्रेसिंग का काम शुरू हो सकेगा। वहीं उर्द और मूंग की फसल को बारिश से राहत मिली है। उसमें कीड़ा खत्म हो जाएगा। इससे इनका उत्पादन भी बेहतर होगा।
विज्ञापन
बिछवां क्षेत्र में बारिश के साथ शुक्रवार को सुबह ओलावृष्टि भी हुई। इससे फसलों को नुकसान हुआ है। वहीं पशु पक्षी परेशान रहे। बारिश के साथ हुई ओलावृष्टि से लोगों को परेशानी हुई। उन्होंने जैसे-तैसे पशुओं को बचाया।