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बिना कनेक्शन के बिजली बिल भेजे, प्रबंध कार्यालय पर लोगों ने दिखाया आक्रोश
Fri, 19 Jul 2019 12:16 AM IST
Abhishek Saxena
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
Published by: Abhishek Saxena
Updated Fri, 19 Jul 2019 12:16 AM IST
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दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड के प्रबंध कार्यालय पर प्रदर्शन करते लोग
- फोटो : अमर उजाला
बिजली कनेक्शन मिले वर्ष 2018 में और बिल भेज दिया वर्ष 2011 से अब तक का। इसको लेकर लोगों का आक्रोश भड़क गया। गुस्साए लोगों ने गुरुवार को दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड के प्रबंध कार्यालय पर प्रदर्शन किया। इस दौरान उन्होंने कई और समस्याएं भी उठाईं।
उत्तर प्रदेश किसान सभा, भारतीय कम्यूनिस्ट पार्टी, जनवादी महिला समिति, जनवादी नौजवान सभा और मजदूर यूनियन के बैनर तले तमाम लोग दक्षिणांचल कार्यालय पहुंचे। यहां उन्होंने शमासाबाद के गढ़ी गोसाईं की समस्या प्रमुखता से उठाई।
उनका कहना था कि वर्ष 2011 में गांव में बिजली कनेक्शन दिए गए। कागजों में तो ये काम हो गया लेकिन, केबल नहीं जोड़ी गई। यह काम पिछले साल के आखिर में हुआ। मगर, विभाग ने बिल वर्ष 2011 के आधार पर ही भेज दिया।
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उत्तर प्रदेश किसान सभा, भारतीय कम्यूनिस्ट पार्टी, जनवादी महिला समिति, जनवादी नौजवान सभा और मजदूर यूनियन के बैनर तले तमाम लोग दक्षिणांचल कार्यालय पहुंचे। यहां उन्होंने शमासाबाद के गढ़ी गोसाईं की समस्या प्रमुखता से उठाई।
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उनका कहना था कि वर्ष 2011 में गांव में बिजली कनेक्शन दिए गए। कागजों में तो ये काम हो गया लेकिन, केबल नहीं जोड़ी गई। यह काम पिछले साल के आखिर में हुआ। मगर, विभाग ने बिल वर्ष 2011 के आधार पर ही भेज दिया।
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इसके अलावा प्रदर्शनकारियों ने विद्युत दरों में बढ़ोत्तरी को वापस लेने, टोरंट द्वारा पूर्व के बिलों पर लगाई जा रही ब्याज को माफ करने आदि मांगें भी की। इस संबंध में दक्षिणांचल के प्रबंध निदेशक एसके वर्मा को ज्ञापन भी दिया। प्रदर्शन के दौरान भारत सिंह, राम प्रताप धाकरे, पूरन सिंह नागर, किरण सिंह, सरोज सिंह, रामनाथ सिंह आदि मौजूद थे।