साइबर क्राइम: ग्राहक सेवा प्रतिनिधि बन क्रेडिट कार्ड से 64900 रुपये की शॉपिंग, पुलिस ने वापस कराई रकम
युवक ने इंटरनेट पर कस्टमर केयर का नंबर खोजा था। जब उक्त नंबर पर कॉल किया तो ठगी का शिकार हो गया। पीड़ित की शिकायत के बाद पुलिस ने 24 घंटे में रकम वापस करा दी।
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आगरा में साइबर अपराधी ने बैंक का ग्राहक सेवा प्रतिनिधि बनकर एक व्यक्ति के क्रेडिट कार्ड की जानकारी ले ली। इसके बाद खाते से 64900 रुपये की ऑनलाइन शॉपिंग कर ली। पीड़ित ने क्रेडिट कार्ड की समस्या के लिए गूगल पर नंबर खोजा था। यह साइबर अपराधी का निकला। पीड़ित ने आईजी रेंज नवीन अरोरा से शिकायत की। पुलिस ने 24 घंटे में पीड़ित की रकम वापस करा दी।
थाना सदर के सोहल्ला निवासी अर्पित यादव ने पांच मई को आईजी रेंज कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई। अर्पित ने बताया कि उनका इंडसइंड बैंक का क्रेडिट कार्ड है। कार्ड की कुछ समस्या के निराकरण के लिए उन्होंने गूगल पर कस्टमर केयर का नंबर सर्च किया। उन्हें एक नंबर मिल गया। कॉल रिसीव करने वाले ने खुद को बैंक का प्रतिनिधि बताया। कहा कि समस्या का समाधान कर दिया जाएगा। इसके बाद कार्ड का नंबर, सीवीवी और पिन पूछ लिया। इसके बाद खाते से 64900 रुपये की शापिंग कर ली।
आईजी नवीन अरोरा ने मामले की जांच निरीक्षक शैलेष कुमार सिंह और एएसआई विशाल शर्मा को दी। कार्रवाई के लिए निर्देशित किया। पुलिस की ओर से कार्ड से हुए हस्तांतरण को निरस्त कराए जाने के लिए संबंधित पोर्टल से संपर्क किया गया। पोर्टल कंपनी ने अर्पित के कार्ड से किए गए हस्तांतरण को निरस्त कर 24 घंटे में निकाली गई पूरी रकम 64900 वापस करा दी।
इन बातों का रखें ध्यान
- जिस पोर्टल का नंबर सर्च कर रहे हैं, उसकी वेबसाइट पर जाकर कांटेक्ट अस या हेल्प टैब पर जाकर संपर्क जरूर करें।
- वेबसाइट को पूरा टाइप करके खोलें।
- ब्राउजर में खुली हुई वेबसाइट का नाम चेक कर लें।
- ब्राउजर में वेबसाइट से पहले एचटीटीपीएस-एचटीटीपी के की-वर्ड चेक कर लें। एचटीटीपीएस वेबसाइट को ही ओपन करें। एचटीटीपी वाली वेबसाइट फर्जी हो सकती है।
- विश्वसनीय वेबसाइट पर अंकित कस्टमर केयर के नंबर पर ही संपर्क करें।
- फोन पर अपनी गोपनीय जानकारी किसी को न दें।
- यदि किसी के साथ धोखाधड़ी हो जाती है तो उसकी सूचना तत्काल साइबर सेल या साइबर थाने में दें।
सेवानिवृत्त अधिकारी से हो चुकी है ठगी
सिकंदरा निवासी कोल इंडिया के सेवानिवृत्त जनरल मैनेजर आरके सिन्हा के साथ भी इसी तरह धोखाधड़ी की गई थी। बीमा पालिसी की समस्या के लिए उन्होंने ग्राहक सेवा का नंबर खोजा था। उन्हें गूगल पर एक नंबर मिला था। इस पर कॉल करने पर ग्राहक सेवा प्रतिनिधि बताया गया। इसके बाद उनसे 1.58 लाख रुपये खाते में जमा करा लिए गए। पीड़ित ने मुकदमा दर्ज कराया है।