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सावधान ! रिश्तेदार के नाम पर हो रही ऑनलाइन धोखाधड़ी, भूलकर भी न करें ऐसी गलती
Thu, 04 Jun 2020 04:24 PM IST
मुकेश कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
Published by: मुकेश कुमार
Updated Thu, 04 Jun 2020 04:24 PM IST
सार
साइबर क्राइम : बल्केश्वर के व्यापारी के साथ धोखाधड़ी, साइबर सेल में शिकायत
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साइबर सुरक्षा
- फोटो : amar ujala
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विस्तार
'मैं तुम्हारी बुआ का दामाद बोल रहा हूं। तुम फोन पे चलाते हो। मैं तुम्हारे फोन पे पर 25 हजार रुपये ट्रांसफर कर दूंगा।' साइबर अपराधियों ने कुछ इसी तरह का झांसा देकर आगरा के एक व्यापारी को ठगी का शिकार बना लिया। फोन पे से 18 हजार रुपये ट्रांसफर करा लिए। पीड़ित ने साइबर सेल में शिकायत की है।
बल्केश्वर निवासी आशु गोयल का लाइट एंड साउंड का कारोबार है। उन्होंने बताया कि मंगलवार रात नौ बजे उनके मोबाइल पर एक कॉल आया। कॉल करने वाले ने कहा कि मैं तुम्हारी बुआ का दामाद बोल रहा हूं। आशु की बुआ खंदौली में रहती हैं।
इस पर आशु ने समझा कि बुआ के दामाद हैं। उसने कहा कि जीजाजी बताएं। साइबर अपराधी ने आशु से कहा कि वो किसी काम से आया है। किसी परिचित से 25 हजार रुपये लेने हैं। वो फोनपे पर रकम ट्रांसफर कर रहा है। मैं फोनपे नहीं चलाता हूं। इसलिए तुम फोनपे चलाते हो तो पैसा ट्रांसफर करा देते हैं। तुमसे बाद में ले लूंगा।
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बल्केश्वर निवासी आशु गोयल का लाइट एंड साउंड का कारोबार है। उन्होंने बताया कि मंगलवार रात नौ बजे उनके मोबाइल पर एक कॉल आया। कॉल करने वाले ने कहा कि मैं तुम्हारी बुआ का दामाद बोल रहा हूं। आशु की बुआ खंदौली में रहती हैं।
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इस पर आशु ने समझा कि बुआ के दामाद हैं। उसने कहा कि जीजाजी बताएं। साइबर अपराधी ने आशु से कहा कि वो किसी काम से आया है। किसी परिचित से 25 हजार रुपये लेने हैं। वो फोनपे पर रकम ट्रांसफर कर रहा है। मैं फोनपे नहीं चलाता हूं। इसलिए तुम फोनपे चलाते हो तो पैसा ट्रांसफर करा देते हैं। तुमसे बाद में ले लूंगा।
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लिंक पर क्लिक करते ही रकम पार
इस पर आशु ने कहा कि उसका फोनपे काम नहीं कर रहा है। उसने अपनी चचेरी बहन मानसी से बात करा दी। साइबर अपराधी ने उसके फोनपे का बैलेंस पूछा। इसके बाद 18 हजार रुपये निकालने के लिए रिक्वेस्ट मनी का लिंक भेज दिया। मानसी के क्लिक करते ही खाते से 18 हजार रुपये निकल गए। मानसी ने पूछताछ की तो फोन कट गया। आशु ने थाना न्यू आगरा और साइबर क्राइम थाना में शिकायत की।
नहीं करें लिंक पर क्लिक
साइबर सेल एक्सपर्ट के मुताबिक, साइबर अपराधी लोगों को परिचित बनकर कॉल करते हैं। उनसे किसी जानकार की तरह बात करते हैं। ऐसे में लोग झांसे में आ जाते हैं। वह वॉलेट में रुपये भेजने के बजाय खुद के वॉलेट में ट्रांसफर करने का मैसेज भेजते हैं। यह रिक्वेस्ट मनी के रूप में होता है।
इस पर क्लिक करते ही खाते से रकम कट जाती है। इसलिए वालेट में आने वाले किसी लिंक पर क्लिक नहीं करें। किसी व्यक्ति के रुपये भेजने की बात कहने पर उक्त पहचान के व्यक्ति के मोबाइल पर काल करके पता कर लें। बिना जान पहचान कभी किसी को अपनी निजी जानकारी नहीं देनी चाहिए।
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नहीं करें लिंक पर क्लिक
साइबर सेल एक्सपर्ट के मुताबिक, साइबर अपराधी लोगों को परिचित बनकर कॉल करते हैं। उनसे किसी जानकार की तरह बात करते हैं। ऐसे में लोग झांसे में आ जाते हैं। वह वॉलेट में रुपये भेजने के बजाय खुद के वॉलेट में ट्रांसफर करने का मैसेज भेजते हैं। यह रिक्वेस्ट मनी के रूप में होता है।
इस पर क्लिक करते ही खाते से रकम कट जाती है। इसलिए वालेट में आने वाले किसी लिंक पर क्लिक नहीं करें। किसी व्यक्ति के रुपये भेजने की बात कहने पर उक्त पहचान के व्यक्ति के मोबाइल पर काल करके पता कर लें। बिना जान पहचान कभी किसी को अपनी निजी जानकारी नहीं देनी चाहिए।
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