साइबर अपराध: तीन राज्यों के 18 गांव के शातिर अपराधी कर रहे ठगी, तलाश में जुटी पुलिस
- आगरा के चंबल के बीहड़ ही नहीं, मथुरा, भरतपुर और नूह जिले से भी शातिर चला रहे हेलो गैंग
- कभी रिश्तेदार बनकर तो कभी फर्जी फेसबुक आईडी बनाकर बना रहे लोगों को ठगी का शिकार
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विस्तार
चंबल के बीहड़ में ही नहीं, साइबर अपराधी उत्तर प्रदेश के मथुरा, राजस्थान के भरतपुर और हरियाणा के नूह जिले के 18 गांव से गैंग चला रहे हैं। रेंज साइबर थाना पुलिस ने इन गांव को चिह्नित किया है। इन गांवों में साइबर अपराधियों की धरपकड़ का अभियान चलाया जा रहा है।
रेंज साइबर थाना के प्रभारी निरीक्षक राजेश कुमार शर्मा ने बताया कि मथुरा के गोवर्धन में मिंडोरा, दोसेरस, बरसाना के हाथिया, कोसी का सांचौली, नौनेरा, गाउड़ी, उठावर का नगला, शेरगढ़ के विशंभरा, फालन का नगला, बाबूगढ़, गुलालपुर खादर में हेलो गैंग सक्रिय हैं। भरतपुर के गांव भीलमका, बांबड़ी से भी यह ऑपरेट कर रहे हैं। नूह के गांव फिरोजपुर, झिरका, झुरेरा, पुन्हेरा, नई गांव में भी साइबर अपराधियों की लोकेशन मिली है।
केस : 1
आरोपी की लोकेशन भरतपुर की आई
एटा के रंजीत ने एक फरवरी को ऑनलाइन शॉपिग साइट पर बोलेरो कार का विज्ञापन देखा। कार 2.15 लाख रुपये में बेचने की बात कही गई थी। विज्ञापन में लिखे नंबर पर की गई कॉल को रिसीव करने वाले ने बताया कि वह सेना में है। लखनऊ में तैनात है।
वह दो साल पुरानी कार को बेचना चाहता है। कार की कीमत कम होने से रंजीत तैयार हो गए। उनसे कई बार में 2.25 लाख रुपये जमा करा लिए गए। बाद में फोन बंद जाने लगा। बात करने वाले की लोकेशन भरतपुर के एक गांव की आई थी।
केस : 2
रुपये जमा कराए और फोन बंद कर लिया
बिचपुरी निवासी मोहित कुमार इंटरमीडिएट का छात्र हैं। उन्होंने दो महीने पहले दो लाख रुपये की कीमत की बाइक का विज्ञापन ऑनलाइन शापिंग साइट पर देखा। बाइक की कीमत 50 हजार रुपये बताई थी।
मोहित ने कॉल किया तो दूसरी ओर से बताया गया कि वह मथुरा में सेना में हैं। पहाड़ी इलाके में तबादला होने से बाइक बेचना चाहता है। मोहित से कई बार में 1.10 लाख रुपये जमा करा लिए गए। इसके बाद फोन नंबर बंद जाने लगा। रुपये जमा कराने वाले की लोकेशन नूह के एक गांव की आई है।
केस : 3
ट्रांसपोर्ट कंपनी का झांसा देकर ठग लिया
सदर निवासी अनिल कुमार गाजियाबाद की एक कंपनी में कर्मचारी हैं। उन्हें कंपनी का माल बाहर भेजना था। इसके लिए 15 दिन पहले इंटरनेट से एक ट्रांसपोर्ट कंपनी का नंबर लिया। नंबर पर कॉल करने पर एक व्यक्ति ने उठाया। उसने कहा कि माल कम भाड़े पर पहुंचा दिया जाएगा।
ट्रक भेजने पर एडवांस के रूप में रकम मांगी। कई बार में अनिल से दो लाख रुपये जमा करा लिए गए। कालर की लोकेशन मथुरा और भरतपुर की सीमा के गांव की आई है। इन पीड़ितों ने रेंज साइबर थाना में शिकायत की। पुलिस ने मुकदमे दर्ज किए हैं।
साइबर अपराधी ऑनलाइन शॉपिंग साइट पर सोफा, फ्रिज, बाइक, कार, मोबाइल बेचने का विज्ञापन देते हैं। इसमें फोन नंबर भी लिखते हैं। जब कोई व्यक्ति कॉल करता है तो खुद को सेना का अधिकारी बताते हैं। तबादला होने की बात कहकर सामान और वाहन बेचने का झांसा देते हैं। खाते में रकम जमा कराकर फोन बंद कर देते हैं।
नौकरी का झांसा देकर वारदात
इंटरनेट मीडिया पर नौकरी, रिवार्ड प्वाइंट और बीमा आदि का लाभ दिलाने का विज्ञापन देते हैं। जब लोग कॉल करते हैं तो पंजीकरण शुल्क के नाम पर 500 से एक हजार रुपये तक खाते में जमा कराए जाते हैं। इसके बाद कई बार में हजारों रुपये जमा करा लिए जाते हैं।
फेसबुक की फर्जी आईडी बनाकर ठगी
फेसबुक पर किसी व्यक्ति की फर्जी आईडी बनाते हैं। उस पर फोटो भी लगाते हैं। इसके बाद फ्रेंड लिस्ट के माध्यम से मैसेंजर पर मैसेज भेजते हैं। इसके बाद रुपयों की जरूरत बताते हैं। खाता नंबर भी दे देते हैं। कई बार परिचित रकम जमा कर देते हैं।
रिश्तेदार बनकर भी करते हैं फोन
फूफा और जीजा बनकर काल करते हैं। काफी देर तक मोबाइल पर बात करते हैं। इसके बाद कुछ रुपयों की जरूरत होने की बात कहते हैं। जो लोग झांसे में आते हैं, वह रकम जमा कर देते हैं।
फर्जी आईडी पर सिम और आईडी
साइबर थाना के एसआई चेतन भारद्वाज ने बताया कि गांव के बेरोजगार युवा इस काम में लगे हैं। गांव में खेतों और यमुना किनारे पर बैठकर लोगों से कॉल पर बात करते हैं। इस दौरान अलग-अलग तरीके अपनाकर खाते में रकम जमा करा ली जाती है।
कॉल करने के लिए सिम फर्जी आईडी पर ली जाती है। बैंक खाते भी लोगों से किराये पर लिए जाते हैं। इन तीनों जिलों के गांव में साइबर अपराधियों को पकड़ने के लिए राजस्थान और हरियाणा पुलिस के साथ संयुक्त आपरेशन चलाया जा रहा है।