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यूपी: साइबर अपराधी नहीं समझ सका पुलिस की चाल, युवती समझ चक्कर में फंसा; सच पता चला तो उड़ गए होश
Sun, 05 Nov 2023 11:33 AM IST
धीरेन्द्र सिंह
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
Published by: धीरेन्द्र सिंह
Updated Sun, 05 Nov 2023 11:33 AM IST
सार
साइबर अपराधी ने दरोगा से हजारों रुपये की ठगी कर ली। दरोगा ने साइबर थाने में शिकायत की, जिसके बाद उसे पकड़ने के लिए पुलिस ने जाल बिछाया। इस जाल में शातिर फंस गया।
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साइबर फ्रॉड
- फोटो : Social media
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विस्तार
आगरा में साइबर अपराधी ने परिचित बनकर दरोगा से 99 हजार रुपये की ठगी की थी। पुलिस ने पीड़ित दरोगा को साइबर अपराधी को फंसाने के लिए लेडीज वॉयस एप दिया। इसकी मदद से दरोगा के बेटे ने महिला की आवाज में आरोपी से बातचीत शुरू कर दी। आरोपी उसके जाल में फंसकर मिलने पहुंच गया। पुलिस ने उसे दबोच लिया। वह अश्लील वीडियो कॉल कराकर लोगों से पैसा हड़पता था।
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डॉयल 112 पर तैनात दरोगा रक्षपाल सिंह के साथ घटना हुई थी। एक शातिर ने उन्हें फोन करके जाल में फंसाया था। तीन बार में उनसे 99 हजार रुपये ऑनलाइन ट्रांसफर करा लिए थे। पीड़ित दरोगा ने शाहगंज थाने में धोखाधड़ी और आईटी एक्ट की धारा के तहत मुकदमा दर्ज कराया था। मुकदमे में दो मोबाइल नंबर खोले गए थे। छानबीन में पता चला कि दोनों नंबर फर्जी आईडी पर लिए गए हैं। पुलिस ने पीड़ित दरोगा को एक लेडीज वॉइस एप दिया। इस एप के जरिए बात करते समय पुरुष की आवाज महिला की बन जाती है।
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दरोगा के बेटे ने आरोपी से बातें करना शुरू कर दिया। इससे पुलिस को उसकी लोकेशन की जानकारी मिल रही थी। दरोगा के बेटे ने उसे आगरा में मिलने बुलाया तो वह पहुंच गया। पूछताछ में उसने पुलिस को बताया कि वह युवतियों से अश्लील वीडियो कॉल कराता है। वीडियो कॉल दूसरे मोबाइल से रिकार्ड किया जाता है।
बाद में कॉल रिसीव करने वाले को ब्लैकमेल किया जाता है। कई बार लोग शिकायत भी नहीं करते हैं। दरोगा को कॉल कराने के लिए उसने अपने साथी राहुल प्रजापति की सिम ली थी। पकड़े गए अभियुक्त ने अपना नाम राजू यादव निवासी अकबरपुर, अलवर बताया। शाहगंज पुलिस ने उससे 90 हजार रुपये और सिम कार्ड बरामद किया है।