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पुलिस को मिली कामयाबी: मेट्रो में नौकरी के नाम पर ठगी का आरोपी गाजियाबाद से पकड़ा, ससुरालियों को बताया सॉफ्टवेयर इंजीनियर
Fri, 13 Aug 2021 12:21 AM IST
Abhishek Saxena
न्यूज डेस्क अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क अमर उजाला, आगरा
Published by: Abhishek Saxena
Updated Fri, 13 Aug 2021 12:21 AM IST
सार
एसएसपी मुनिराज जी ने बताया कि गाजियाबाद के मुरादनगर स्थित गंगा विहार कॉलोनी निवासी प्रवीन कुमार को गिरफ्तार किया है। वह लिंकडिन पर प्रोफाइल बनाता था। इसके बाद नौकरी का विज्ञापन देता था।
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साइबर ठगी करने वाला आरोपी प्रवीण कुमार
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
मेट्रो रेल कार्पोरेशन में मैनेजर सहित अन्य पदों पर नौकरी लगाने का झांसा देकर बेरोजगार युवाओं से गाजियाबाद निवासी प्रवीन कुमार सिंह ठगी कर रहा था। पुलिस ने धोखाधड़ी के आरोप में बृहस्पतिवार को उसे गिरफ्तार कर लिया। वह दो साल से इसी तरह से युवाओं को ठगी का शिकार बना रहा है। पूछताछ में उसने 19 युवाओं से रकम लेना कबूल किया है। वह अपने ससुरालियों को सॉफ्टवेयर इंजीनियर बताता था।
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सदर बाजार निवासी सुधांशु के साथ मेट्रो रेल कार्पोरेशन में नौकरी लगाने के नाम पर मई में 35 हजार रुपये की धोखाधड़ी की गई थी। उन्होंने लिंकडिन पर एमपी सिंह एचआर मैनेजर के नाम से बनी प्रोफाइल पर नौकरी का विज्ञापन देखा था। धोखाधड़ी होने पर उन्होंने थाना सदर में मुकदमा दर्ज कराया था। पुलिस ने जांच की। साइबर सेल भी आरोपी की धरपकड़ में लगी थी।
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एसएसपी मुनिराज जी ने बताया कि गाजियाबाद के मुरादनगर स्थित गंगा विहार कॉलोनी निवासी प्रवीन कुमार को गिरफ्तार किया है। वह लिंकडिन पर प्रोफाइल बनाता था। इसके बाद नौकरी का विज्ञापन देता था। इन दिनों मेट्रो में दिल्ली और उत्तर प्रदेश में नौकरी का झांसा दे रहा था। इससे पहले वह बीएसएनएल, मारुति सुजुकी, एल एंड टी पब्लिक सेक्टर यूनिट में नौकरी का भी झांसा दे चुका है।
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ससुरालियों को बताया सॉफ्टवेयर इंजीनियर
पुलिस ने बताया कि आरोपी प्रवीन कुमार बीबीए पास है। उसकी शादी को एक साल हो चुके हैं। उसने ससुरालियों को बताया था कि वह साफ्टवेयर इंजीनियर हैं। मगर, दो साल से लोगों को ठगी का शिकार बना रहा है। इस बात की जानकारी परिवार के लोगों को भी नहीं थी। पुलिस ने पकड़ा तो उसकी हकीकत पता चली।
बनाता था कंपनी के नाम से मिलती जुलती ईमेल आईडी
थाना सदर के प्रभारी निरीक्षक अजय कौशल ने बताया कि आरोपी प्रवीन कुमार सिंह गोडैडी से डोमेन खरीदता था। इसके बाद पब्लिक सेक्टर यूनिट के नाम से मिलती जुलती अपनी ईमेल आईडी बनाता था। जब लोग विज्ञापन देखकर उससे बात करते थे, तो कंपनी से मिलती जुलती आईडी से ईमेल आने पर विश्वास करने लगते थे। लोग यही समझते थे कि कंपनी का ईमेल है।
लोगों से कहता था कि नौकरी लग जाएगी। पहले सिक्योरिटी मनी जमा करनी होगी। इसके बाद ट्रेनिंग शुल्क और मेस शुल्क के नाम पर रकम जमा कराता था। बाद में कमीशन की मांग करता था। वह आज तक किसी की नौकरी नहीं लगवा सका है। खातों में पैसा जमा होने के बाद जन सेवा केंद्र की मदद से निकाल लेता था। उसने पूछताछ में 19 लोगों से धोखाधड़ी की बात कबूल की है। उसके खाते में तकरीबन 20 लाख रुपये का लेन-देन हुआ है। उसने कई खाते भी खोल रखे थे। जो रुपये मिलते थे, उससे अपने खर्च पूरे करता था। इसके अलावा उसने हाल ही में मकान भी बनवाया है।
यह हुई बरामदगी
23 हजार रुपये, तीन मोबाइल, दो-दो फर्जी पेन कार्ड, आधार कार्ड, वोटर कार्ड, मेट्रो के आईडी कार्ड, एलएंडटी का आईडी कार्ड, नियुक्ति पत्र, दो एटीएम कार्ड, असली एक पेन कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, आधार कार्ड बरामद हुआ।
आगरा: मेट्रो की फर्जी वेबसाइट बनाकर नौकरी का झांसा, बेरोजगार युवाओं से ठगी
पुलिस ने बताया कि आरोपी प्रवीन कुमार बीबीए पास है। उसकी शादी को एक साल हो चुके हैं। उसने ससुरालियों को बताया था कि वह साफ्टवेयर इंजीनियर हैं। मगर, दो साल से लोगों को ठगी का शिकार बना रहा है। इस बात की जानकारी परिवार के लोगों को भी नहीं थी। पुलिस ने पकड़ा तो उसकी हकीकत पता चली।
बनाता था कंपनी के नाम से मिलती जुलती ईमेल आईडी
थाना सदर के प्रभारी निरीक्षक अजय कौशल ने बताया कि आरोपी प्रवीन कुमार सिंह गोडैडी से डोमेन खरीदता था। इसके बाद पब्लिक सेक्टर यूनिट के नाम से मिलती जुलती अपनी ईमेल आईडी बनाता था। जब लोग विज्ञापन देखकर उससे बात करते थे, तो कंपनी से मिलती जुलती आईडी से ईमेल आने पर विश्वास करने लगते थे। लोग यही समझते थे कि कंपनी का ईमेल है।
लोगों से कहता था कि नौकरी लग जाएगी। पहले सिक्योरिटी मनी जमा करनी होगी। इसके बाद ट्रेनिंग शुल्क और मेस शुल्क के नाम पर रकम जमा कराता था। बाद में कमीशन की मांग करता था। वह आज तक किसी की नौकरी नहीं लगवा सका है। खातों में पैसा जमा होने के बाद जन सेवा केंद्र की मदद से निकाल लेता था। उसने पूछताछ में 19 लोगों से धोखाधड़ी की बात कबूल की है। उसके खाते में तकरीबन 20 लाख रुपये का लेन-देन हुआ है। उसने कई खाते भी खोल रखे थे। जो रुपये मिलते थे, उससे अपने खर्च पूरे करता था। इसके अलावा उसने हाल ही में मकान भी बनवाया है।
यह हुई बरामदगी
23 हजार रुपये, तीन मोबाइल, दो-दो फर्जी पेन कार्ड, आधार कार्ड, वोटर कार्ड, मेट्रो के आईडी कार्ड, एलएंडटी का आईडी कार्ड, नियुक्ति पत्र, दो एटीएम कार्ड, असली एक पेन कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, आधार कार्ड बरामद हुआ।
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