{"_id":"61ade8e0cd2f24437821508f","slug":"cyber-crime-with-police-man-criminal-took-loan","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"आगरा: साइबर अपराधी ने सिपाही के नाम पर लिया 21 हजार का लोन, खाते से किस्त कटने पर हुई जानकारी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
आगरा: साइबर अपराधी ने सिपाही के नाम पर लिया 21 हजार का लोन, खाते से किस्त कटने पर हुई जानकारी
Tue, 07 Dec 2021 12:10 AM IST
Abhishek Saxena
अमर उजाला ब्यूरो, आगरा
अमर उजाला ब्यूरो, आगरा
Published by: Abhishek Saxena
Updated Tue, 07 Dec 2021 12:10 AM IST
सार
एसएसपी सुधीर कुमार सिंह का कहना है कि साइबर अपराधी नए-नए तरीके अपनाकर लोगों को शिकार बनाते हैं। अगर, कोई अनजान व्यक्ति कॉल करके खाते की जानकारी लेता है या ओटीपी और पिन पूछता है तो नहीं बताएं।
विज्ञापन
साइबर क्राइम(सांकेतिक)
- फोटो : सोशल मीडिया
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
साइबर अपराधियों ने पीएसी के सिपाही राहुल कुमार के नाम पर 21 हजार रुपये का लोन ले लिया। सिपाही के खाते से बैंक ने दो किस्त भी काट लीं। सिपाही ने थाना एत्माद्दौला में इसकी शिकायत की है। थाना पुलिस साइबर सेल की मदद से जांच कर रही है।
पीएसी का है सिपाही
मूलरूप से गौतमबुद्धनगर के दादरी निवासी राहुल कुमार पीएसी की 15वीं बटालियन में तैनात हैं। उन्होंने शनिवार को थाना एत्माद्दौला में तहरीर देकर कहा कि कुछ दिन पहले खाता चेक करने बैंक गए थे। तब पता चला कि उनके खाते से लोन की किस्त कट रही हैं। उसके नाम से साइबर अपराधी ने 21 हजार रुपये का लोन ले लिया है। राहुल ने बताया कि उन्होंने किसी तरह के लोन के लिए आवेदन नहीं किया। कुछ दिन पहले आनलाइन शॉपिंग साइट पर अपने आधार कार्ड सहित अन्य कागजात अपलोड किए थे। आशंका है कि साइट से कागजात चुराकर उनके खाते से लोन लिया गया है। इसकी दो किस्त भी बैंक द्वारा काट ली गई हैं।
क्रेडिट कार्ड लिया नहीं, रिकवरी करने आए कर्मचारी
कालिंदी विहार निवासी तुषार अग्रवाल के घर दो दिन पहले एक कंपनी के दो कर्मचारी पहुंचे। उन्होंने 25 हजार रुपये की मांग की। तुषार ने पूछा कि किस बात की रकम दूं। उन्होंने बताया कि उसके क्रेडिट कार्ड से यह रकम ट्रांसफर की गई थी। तुषार का कहना है कि उसके पास क्रेडिट कार्ड ही नहीं है। वह चलाना भी नहीं जानता है। रकम कैसे ट्रांसफर कर देगा। उसने थाना में तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की। पुलिस का कहना है कि साइबर सेल की मदद से जांच की जा रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन
पीएसी का है सिपाही
मूलरूप से गौतमबुद्धनगर के दादरी निवासी राहुल कुमार पीएसी की 15वीं बटालियन में तैनात हैं। उन्होंने शनिवार को थाना एत्माद्दौला में तहरीर देकर कहा कि कुछ दिन पहले खाता चेक करने बैंक गए थे। तब पता चला कि उनके खाते से लोन की किस्त कट रही हैं। उसके नाम से साइबर अपराधी ने 21 हजार रुपये का लोन ले लिया है। राहुल ने बताया कि उन्होंने किसी तरह के लोन के लिए आवेदन नहीं किया। कुछ दिन पहले आनलाइन शॉपिंग साइट पर अपने आधार कार्ड सहित अन्य कागजात अपलोड किए थे। आशंका है कि साइट से कागजात चुराकर उनके खाते से लोन लिया गया है। इसकी दो किस्त भी बैंक द्वारा काट ली गई हैं।
विज्ञापन
क्रेडिट कार्ड लिया नहीं, रिकवरी करने आए कर्मचारी
कालिंदी विहार निवासी तुषार अग्रवाल के घर दो दिन पहले एक कंपनी के दो कर्मचारी पहुंचे। उन्होंने 25 हजार रुपये की मांग की। तुषार ने पूछा कि किस बात की रकम दूं। उन्होंने बताया कि उसके क्रेडिट कार्ड से यह रकम ट्रांसफर की गई थी। तुषार का कहना है कि उसके पास क्रेडिट कार्ड ही नहीं है। वह चलाना भी नहीं जानता है। रकम कैसे ट्रांसफर कर देगा। उसने थाना में तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की। पुलिस का कहना है कि साइबर सेल की मदद से जांच की जा रही है।
विज्ञापन
अनजान व्यक्ति को नहीं बताएं ओटीपी
एसएसपी सुधीर कुमार सिंह का कहना है कि साइबर अपराधी नए-नए तरीके अपनाकर लोगों को शिकार बनाते हैं। अगर, कोई अनजान व्यक्ति कॉल करके खाते की जानकारी लेता है या ओटीपी और पिन पूछता है तो नहीं बताएं।
जरूरी है यह सावधानी
अपनी निजी जानकारी जैसे पासवर्ड, क्रेडिट, डेबिट कार्ड नंबर अनजान व्यक्ति ना दें।
लॉटरी निकलने के संबंध में मोबाइल पर आने वाले लिंक पर रिप्लाई ना करें।
किसी भी ब्राउजर का उपयोग करने पर रिमेंबर पासवर्ड ऑप्शन का चयन ना करें।
अधिकृत वेबसाइट से ही ऑनलाइन खरीदारी करनी चाहिए।
बैंक अधिकारी बनकर भी कोई ओटीपी या पिन पूछे तो ना बताएं।
बच्चों की मार्मिक गुहार: हम कभी नहीं लड़ेंगे पापा...मां मैं भी आपकी बेटी हूं, गलती का अहसास होने पर एक हुए माता-पिता
एसएसपी सुधीर कुमार सिंह का कहना है कि साइबर अपराधी नए-नए तरीके अपनाकर लोगों को शिकार बनाते हैं। अगर, कोई अनजान व्यक्ति कॉल करके खाते की जानकारी लेता है या ओटीपी और पिन पूछता है तो नहीं बताएं।
जरूरी है यह सावधानी
अपनी निजी जानकारी जैसे पासवर्ड, क्रेडिट, डेबिट कार्ड नंबर अनजान व्यक्ति ना दें।
लॉटरी निकलने के संबंध में मोबाइल पर आने वाले लिंक पर रिप्लाई ना करें।
किसी भी ब्राउजर का उपयोग करने पर रिमेंबर पासवर्ड ऑप्शन का चयन ना करें।
अधिकृत वेबसाइट से ही ऑनलाइन खरीदारी करनी चाहिए।
बैंक अधिकारी बनकर भी कोई ओटीपी या पिन पूछे तो ना बताएं।
बच्चों की मार्मिक गुहार: हम कभी नहीं लड़ेंगे पापा...मां मैं भी आपकी बेटी हूं, गलती का अहसास होने पर एक हुए माता-पिता