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आज से घर-घर गूंजेंगे टेसू झांझी के गीत
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नगर में टेसू झांझी सजाता दुकानदार
- फोटो : MAINPURI
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मैनपुरी। आज से घर-घर टेसू और झांझी के गीत सुनाई देने लगेंगे। शहर में टेसू और झांझी की दुकानें सज गई हैं। सोमवार को बड़ी संख्या में बच्चों ने अपने माता-पिता के साथ शहर पहुंचकर टेसू और झांझी (सांझी) की खरीदारी की।
परंपरा के अनुसार दशहरा से टेसू-झांझी का खेल शुरू हो जाता है। यह खेल पूर्णिमा तक चलता है। पांच दिन तक बालकों की टोलियां टेसू लेकर भिक्षाटन करती हैं, जबकि बालिकाओं की टोलियां झांझी के साथ भिक्षाटन करती हैं। पूर्णिमा के दिन टेसू का झांझी के साथ धूमधाम से विवाह कराया जाता है।
ऐसी मान्यता है कि इसी दिन से हिंदू रीतिरिवाज के शादी विवाह भी शुरू हो जाते हैं। सोमवार को शहर में कई स्थानों पर टेसू व झांझी की दुकानें सजी देखीं गईं। जहां बच्चों ने अपने माता-पिता के साथ पहुंचकर खरीदारी की। कुछ स्थानों पर टेसू व झांझी बनते हुए भी नजर आए।
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परंपरा के अनुसार दशहरा से टेसू-झांझी का खेल शुरू हो जाता है। यह खेल पूर्णिमा तक चलता है। पांच दिन तक बालकों की टोलियां टेसू लेकर भिक्षाटन करती हैं, जबकि बालिकाओं की टोलियां झांझी के साथ भिक्षाटन करती हैं। पूर्णिमा के दिन टेसू का झांझी के साथ धूमधाम से विवाह कराया जाता है।
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ऐसी मान्यता है कि इसी दिन से हिंदू रीतिरिवाज के शादी विवाह भी शुरू हो जाते हैं। सोमवार को शहर में कई स्थानों पर टेसू व झांझी की दुकानें सजी देखीं गईं। जहां बच्चों ने अपने माता-पिता के साथ पहुंचकर खरीदारी की। कुछ स्थानों पर टेसू व झांझी बनते हुए भी नजर आए।
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