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Kasganj: आय बढ़ाने के लिए गन्ना के साथ करें प्याज की खेती, पंजीकरण के बाद किसानों को मिलेगा निशुल्क बीज

Tue, 22 Nov 2022 11:31 PM IST
आगरा ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कासगंज
संवाद न्यूज एजेंसी, कासगंज Published by: आगरा ब्यूरो Updated Tue, 22 Nov 2022 11:31 PM IST
सार

प्याज की खेती गन्ने के साथ सहफसली के तौर पर करके किसान अतिरिक्त आय प्राप्त कर सकते हैं। इसके लिए नवंबर के अंतिम सप्ताह से जनवरी तक का समय अनुकूल रहता है। वहीं यह फसल मार्च के अंतिम सप्ताह से अप्रैल के शुरू तक तैयार हो जाती है।

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farmers will get free seeds of onion for farming in kasganj
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : iStock

विस्तार

कासगंज जिले में बड़े क्षेत्रफल में गन्ने की खेती की जाती है। गन्ने की खेती के साथ सहफसली के तौर पर प्याज की खेती खासा लाभ देने वाली होती है। प्याज की नर्सरी तैयार कर अभी किसानों द्वारा की जा सकती है। मौसम भी इसके लिए अनुकूल बना हुआ है। नर्सरी में 45 से 50 दिन की पौध होने पर उसकी रोपाई की जा सकती है। 
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मार्च अप्रैल तक प्याज की फसल तैयार हो जाती है और उसकी खुदाई की जा सकती है। प्रति एकड़ 60 से 70 कुंतल तक प्याज की पैदावार हो सकती है। इस तरह किसान गन्ना की फसल के साथ प्याज की सहफसली की अतिरिक्त आय कर आमदनी बढ़ा सकते हैं।
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130 हेक्टेयर में होती है प्याज की खेती 

जनपद में लगभग 130 हेक्टेयर में प्याज की खेती की जाती है। प्याज की खेती को और अधिक बढ़ावा दिए जाने के लिए उद्यान विभाग किसानों को प्रोत्साहित कर रहा है। वहीं किसानों को एकीकृत बागवानी विकास मिशन योजना के अंतर्गत निशुल्क बीज का वितरण किया जा रहा है। निशुल्क बीज के लिए 80 हेक्टेयर का लक्ष्य जनपद को मिला है।
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पत्ता गोभी, मसाला मिर्च, फूल गोभी, टमाटर, खीरा एवं गेंदा के फूल का बीज भी निशुल्क उद्यान विभाग की ओर से वितरित किया जा रहा है। जिसका लाभ किसान ले सकते हैं।

प्रभारी जिला उद्यान अधिकारी सुबोध कुमार ने बताया कि उद्यान विभाग के द्वारा गन्ना के साथ सहफसली को बढ़ावा दिया जा रहा है। प्याज की खेती करने वाले किसानों के अतिरिक्त गन्ना के किसान भी इसे सहफसली के रूप में कर सकते हैं। पंजीकरण कराकर किसान निशुल्क प्याज सहित अन्य बीजों ले सकते हैं।
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