पंचायत चुनाव बाद रंजिश आई सामने: हत्यारोपी को छुड़ाने थाने पहुंची भीड़, मथुरा पुलिस ने किया लाठीचार्ज, कई घायल
रविवार को आरोपी जयपाल निवासी नगला बदना को बलदेव पुलिस पकड़ लाई। उसके गांव के लोगों की भीड़ थाने पर एकत्रित हो गई। ग्रामीणों का कहना था कि जयपाल मौके पर घटना वाले दिन नहीं था।
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प्रधानी चुनाव के बाद रंजिश में मारपीट व फायरिंग के दौरान एक व्यक्ति की मौत के आरोपी को गिरफ्तार करना पुलिस ने मुसीबत बन गया। आरोपी को गिरफ्तार कर जीप में बैठाकर जैसे ही थाने लाया गया तो भीड़ ने थाने को घेरकर हंगामा कर लिया। भीड़ ने आरोपी को छुड़ाने का भी प्रयास किया। पहले तो पुलिस ने भीड़ को समझाने का प्रयास किया लेकिन जब वे नहीं माने तो मजबूरन पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा। इस दौरान मची भगदड़ में कुछ लोग घायल भी हो गए। पुलिस को आरोपी को जेल भेज दिया।
रविवार को आरोपी जयपाल निवासी नगला बदना को बलदेव पुलिस पकड़ लाई। उसके गांव के लोगों की भीड़ थाने पर एकत्रित हो गई। ग्रामीणों का कहना था कि जयपाल मौके पर घटना वाले दिन नहीं था। पुलिस ने जयपाल को गलत पकड़ा है। पुलिस के लाठीचार्ज में कई ग्रामीण घायल हो गए। थानाध्यक्ष नरेंद्र यादव ने बताया नामजद आरोपी जयपाल को पकड़ा गया है। ग्रामीणों ने एकत्र होकर थाने पर हंगामा कर दिया। ग्रामीण जब नहीं माने तो मजबूरी में हल्का सा लाठीचार्ज करना पड़ा।
एसपी देहात श्रीश्चंद का कहना है जिन लोगों ने थाने पर हंगामा किया है। सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाई है। उनकी संख्या 100 के करीब है। सभी को चिन्हित किया जा रहा है। पहचान कर मुकदमा लिखा जाएगा। सभी के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।
क्या था मामला
थानाध्यक्ष नरेंद्र यादव गांव ने बताया कि नगला डियोढिया में 4 मई को प्रधानी चुनाव के दौरान रंजशि में दो पक्षों में झगड़ा हो गया था। इसमें मारपीट व फायरिंग हुई थी। गांव का प्रह्लाद पुत्र राधेश्याम गोली लगने से घायल हो गया था। उसकी रविवार को मौत हो गई। छह लोगों के खिलाफ नामजद मुकदमा दर्ज किया गया था।
ग्रामीणों के आक्रोश को भांप नहीं पाई पुलिस
पंचायत चुनावों के दौरान चुनावों को लेकर ग्रामीणों में रंजिश पनप रही है। हारे और जीते लोगों में खास कर रंजिश देखी जा रही है। इसी का नतीजा रहा गांव डियोढिया में हुआ झगड़ा। पूर्व प्रधान जयपाल सिंह का मर्डर में रंजिश को लेकर नाम लिखाया गया है, जबकि घटना के समय वह मौके पर नहीं थे।
पुलिस व खुफिया विभाग 4 मई को हुई घटना के बाद 6 जून तक जनता के आक्रोश को भांप नहीं पाई। रविवार को जब पूर्व प्रधान जयपाल सिंह की गिरफ्तारी हुई तो ग्रामीणों में आक्रोश फैल गया। ग्रामीण मामले की निष्पक्ष जांच चाह रहे हैं।
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