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Agra News: मुकुंदीपुरा में खत्म हुई मगरमच्छ की दहशत, वन विभाग ने पकड़ा
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बाह: मुकुंदीपुरा के तालाब से मगरमच्छ रेस्क्यू
बाह। मुकुंदीपुरा गांव के तालाब में दो सप्ताह से दहशत फैला रहे मगरमच्छ को बुधवार को वन विभाग की टीम ने पकड़ लिया। उसे सुरक्षित रूप से चंबल नदी के प्राकृतिक आवास में छोड़ दिया गया है। इस रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद ग्रामीणों ने राहत की सांस ली है।
मगरमच्छ 26 अगस्त को मुकुंदीपुरा गांव के तालाब में पहली बार देखा गया था। तालाब में पानी और कीचड़ होने के कारण शुरुआत में उसे पकड़ना मुश्किल था। गांव और रास्ते के बीच तालाब में मगरमच्छ की मौजूदगी से हमले का खतरा बढ़ गया था। 31 अगस्त की रात को मगरमच्छ तालाब से बाहर आया, जिससे गांव में और दहशत फैल गई। बाह के रेंजर अमित कुमार ने तालाब खाली कराने के लिए एसडीएम विनोद कुमार को पत्र लिखा था। इसके बाद से ही वन विभाग की विशेष रेस्क्यू टीम 24 घंटे तालाब की निगरानी कर रही थी। एसडीएम के निर्देश पर तालाब खाली होने के बाद बुधवार सुबह से रेस्क्यू अभियान शुरू हुआ। कई बार चकमा देने के बाद दोपहर बाद तीन बजे ग्रामीणों की मदद से मगरमच्छ को पकड़ा गया।
मगरमच्छ के तालाब में होने से बच्चों की सुरक्षा को लेकर गांव के लोग चिंतित थे। गांव में दहशत का माहौल था। हमले के खतरे के कारण ग्रामीण परेशान थे। रेस्क्यू के बाद अब उन्होंने चैन की सांस ली है।
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मुकुंदीपुरा के तालाब की निगरानी के लिए वन विभाग की विशेषज्ञ रेस्क्यू टीम लगाई थी। तालाब खाली होने के बाद मगरमच्छ को रेस्क्यू कर लिया गया। उसे चंबल नदी के प्राकृतिक आवास में सुरक्षित छोड़ा गया है।- अमित कुमार, वन क्षेत्राधिकारी, सामाजिक वानकी रेंज, बाह
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मगरमच्छ 26 अगस्त को मुकुंदीपुरा गांव के तालाब में पहली बार देखा गया था। तालाब में पानी और कीचड़ होने के कारण शुरुआत में उसे पकड़ना मुश्किल था। गांव और रास्ते के बीच तालाब में मगरमच्छ की मौजूदगी से हमले का खतरा बढ़ गया था। 31 अगस्त की रात को मगरमच्छ तालाब से बाहर आया, जिससे गांव में और दहशत फैल गई। बाह के रेंजर अमित कुमार ने तालाब खाली कराने के लिए एसडीएम विनोद कुमार को पत्र लिखा था। इसके बाद से ही वन विभाग की विशेष रेस्क्यू टीम 24 घंटे तालाब की निगरानी कर रही थी। एसडीएम के निर्देश पर तालाब खाली होने के बाद बुधवार सुबह से रेस्क्यू अभियान शुरू हुआ। कई बार चकमा देने के बाद दोपहर बाद तीन बजे ग्रामीणों की मदद से मगरमच्छ को पकड़ा गया।
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मगरमच्छ के तालाब में होने से बच्चों की सुरक्षा को लेकर गांव के लोग चिंतित थे। गांव में दहशत का माहौल था। हमले के खतरे के कारण ग्रामीण परेशान थे। रेस्क्यू के बाद अब उन्होंने चैन की सांस ली है।
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मुकुंदीपुरा के तालाब की निगरानी के लिए वन विभाग की विशेषज्ञ रेस्क्यू टीम लगाई थी। तालाब खाली होने के बाद मगरमच्छ को रेस्क्यू कर लिया गया। उसे चंबल नदी के प्राकृतिक आवास में सुरक्षित छोड़ा गया है।- अमित कुमार, वन क्षेत्राधिकारी, सामाजिक वानकी रेंज, बाह