फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Agra News ›   Wounded soldier out of a hundred questions lie

घायल सिपाही के एक झूठ से निकले सौ सवाल

Mon, 18 Jan 2016 02:08 AM IST
ब्यूरो अमर उजाला, आगरा
ब्यूरो अमर उजाला, आगरा Updated Mon, 18 Jan 2016 02:08 AM IST
विज्ञापन
Wounded soldier out of a hundred questions lie
गोली लगने से घायल सिपाही अनुज राणा ने एक झूठ बोला, तो सौ सवाल खड़े हो गए। उसने कह दिया कि उसे गोली नहीं लगी। वह गिर जाने से घायल हुआ है, जबकि चश्मदीद के बयान से लेकर एक्सरे रिपोर्ट तक से साफ था कि उसे गोली लगी है। सवाल यह निकला कि  उसने झूठ क्यों बोला? क्या सिपाहियों के बीच पैसे के लेन-देन का विवाद था या फिर शराब के नशे में यह घटना हो गई? जांच पूरी होने के बाद ही सच्चाई सामने आ सकेगी।
विज्ञापन

सबसे बड़ा सवाल यह है कि जिस पिस्टल से गोली लगी, वह किसकी थी? ट्रैफिक पुलिस के किसी भी सिपाही को महकमे से पिस्टल आवंटित नहीं है। सवाल यह भी है कि सिपाही को पिस्टल रखने की जरूरत क्यों पड़ी ? क्या पिस्टल अवैध थी? जांच इसकी भी चल रही है कि सिपाही को गोली लगना हादसा है या फिर जानलेवा हमला?
विज्ञापन

मौके पर मौजूद तीन सिपाही हॉस्पिटल से रफू चक्कर क्यों हो गए? इनमें विनय की रात सात बजे तक एनएच-2 पर ड्यूटी थी। ऋषिपाल की रात दस बजे तक क्लब चौराहे पर थी। वह ड्यूटी छोड़कर पेठे की दुकान पर क्यों पहुंचा? मोहन की रिजर्व ड्यूटी थी। उसे वहां जाने की जरूरत क्यों पड़ी? माना जा रहा है कि अगर इस घटना का सच सामने आ गया तो ट्रैफिक पुलिस पर लगने वाले आरोपों की पुष्टि हो जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन

कुशल यादव के भाई का नाम आने से हड़कंप
अधिकारी इसी उलझन में थे कि अनुज राणा को गोली कैसे लगी? ट्रैफिक बूथ पर तैनात पुलिसकर्मियों से भी बयान लिए जा रहे थे। तभी पुष्पेंद्र नाम के सिपाही ने शक जिला पंचायत अध्यक्ष कुशल यादव के भाई दिनेश यादव पर जाहिर किया। वह दो दिन पहले ही टीआई के साथ हमराह ड्यूटी में लगा है। उसका नाम आने से जबरदस्त हड़कंप मच गया। अफसरों ने उससे सवाल जवाब किए। उसने बताया कि वह घटना के समय भावना क्लार्क होटल के सामने थे। इससे पहले एक जन्मदिन समारोह में गया था। इसके सीसीटीवी फुटेज भी हैं। उसकी बातें सुनकर पुष्पेंद्र भी पलट गया। उसने कह दिया कि उसने गलतफहमी में दिनेश का नाम ले लिया था। अधिकारियों ने भी उसे क्लीन चिट दे दी। एसपी ट्रैफिक ने बताया कि  घटना से उसका कोई संबंध नहीं है।
ट्रैफिक बूथ के ठीक सामने हुई घटना
आगरा। श्रीराम पेठा स्टोर के ठीक सामने ट्रैफिक पुलिस का बूथ है। इस पर टीएसआई राज नरोत्तम, सिपाही पुरुषोत्तम चौधरी और सिपाही दिनेश की ड्यूटी थी। तीनों एसएन मेडिकल पहुंचे लेकिन काफी देर तक घटना के बारे में कुछ बताने के लिए तैयार नहीं थे। इतना तक नहीं कहा कि उन्होंने गोली लगने की आवाज सुनी थी। बाद में अफसरों के पूछने पर घटना के बारे में कई बातें बताई।

टीएसआई से हो चुका अनुज का विवाद
आगरा। गोली लगने से घायल हुए सिपाही अनुज का एक महीने पहले टीएसआई से विवाद हो गया था। तब गुस्से में उसने डीजीपी को फोन करके कह दिया था कि वह इस्तीफा देना चाहता है। इसके बाद उसे लाइन हाजिर कर दिया गया था। हालांकि वह बाद में फोन करने की बात से मुकर गया था।
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed