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मासूम बिलखती रही और मां ने दे दी जान
ब्यूरो/ अमर उजाला आगरा
Updated Mon, 22 May 2017 05:03 PM IST
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महिलाएं विलाप करती
- फोटो : अमर उजाला
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थाना जगदीशपुरा के अमरपुरा स्थित ममता विहार में सविता (28) पत्नी किशनवीर ने घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। परिवारीजनों ने बताया कि महिला का पहले पति से मानहानि का केस चल रहा है। केस के सिलसिले में कोर्ट से वारंट आए थे। सोमवार को उसे कोर्ट में पेश होना था। इससे तनाव में आकर उसने जान दी है। जिस वक्त सविता ने फांसी लगाई, उस समय उसकी एक साल की बेटी घर के आंगन में खेल रही थी। मां को न देखकर वह बिलखने लगी। उसे महिलाओं ने गोद में लेकर किसी तरह संभाला।
मैनपुरी के थाना बरनाहाल स्थित गांव लाखनमऊ निवासी रामबहादुर ने बेटी सविता की दूसरी शादी दो साल पहले अमरपुरा के ममता विहार निवासी किशनवीर से की थी। किशनवीर मिट्टी के खिलौने बनाने का काम करता है। उसकी एक साल की बेटी है। रविवार को सुबह आठ बजे सविता ने किशनवीर को सब्जी लेने के लिए भेज दिया। वह लौटकर आ गया। इसके बाद घर के बाहर टहलने चला गया। कुछ देर बाद आया तो कमरे में सविता का शव पंखे के कुंडे से फांसी के फंदे पर लटका मिला। इससे परिवार में कोहराम मच गया। सूचना पर जगदीशपुरा पुलिस पहुंच गई। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा।
सविता के ससुर बालादीन ने बताया कि सविता की किशनवीर से दूसरी शादी हुई थी। उसका पहला विवाह फिरोजाबाद के मक्खनपुर में गांव डबरई निवासी राजकुमार से हुआ था। तीन साल पहले राजकुमार सविता को दवा दिलाने लेकर गया था। वह एक दुकान पर खड़ा था। तभी सविता को कार सवार कुछ लोग उठाकर ले गए थे।
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राजकुमार ने उसके घरवालों को घटना की जानकारी दी। बाद में दो दिन बाद फिरोजाबाद में ही रेलवे ट्रैक पर एक महिला की लाश मिली, जिसे राजकुमार ने सविता का शव बताया। इसके बाद अंतिम संस्कार कर दिया। मामले मेें सविता के मायका पक्ष ने दहेज हत्या का मुकदमा दर्ज कराया। दस दिन बाद सविता वापस लौट आई। उसने बताया कि कुछ लोग उसे अगवा कर ले गए थे। उसे रेलवे ट्रैक पर छोड़ गए थे। मगर, मुकदमा दर्ज कराने से परिवार में विवाद खड़ा हो गया।
ससुरालियों ने सविता को घर में रखने से इनकार कर दिया। वहीं दहेज हत्या का मुकदमा खारिज होने के बाद राजकुमार पक्ष ने सविता सहित उसके घरवालों के खिलाफ मानहानि का मुकदमा दर्ज करा दिया। केस कोर्ट में विचाराधीन है। हाल ही में कोर्ट से चार लोगों के वारंट आए थे। इनमें से तीन लोगों ने जमानत करा ली। सविता को सोमवार को कोर्ट में पेश होना था। 23 मई को कोर्ट में सुनवाई होनी थी। जब घरवालों ने उसे वारंट की जानकारी दी तो वह तनाव में आ गई। पति से भी बोल नहीं रही थी। इसी तनाव में उसने आत्महत्या कर ली। इंस्पेक्टर जगदीशपुरा ने बताया कि मुकदमेबाजी से तनाव में आकर महिला के आत्महत्या करने का मामला बताया जा रहा है। जांच की जा रही है।
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मैनपुरी के थाना बरनाहाल स्थित गांव लाखनमऊ निवासी रामबहादुर ने बेटी सविता की दूसरी शादी दो साल पहले अमरपुरा के ममता विहार निवासी किशनवीर से की थी। किशनवीर मिट्टी के खिलौने बनाने का काम करता है। उसकी एक साल की बेटी है। रविवार को सुबह आठ बजे सविता ने किशनवीर को सब्जी लेने के लिए भेज दिया। वह लौटकर आ गया। इसके बाद घर के बाहर टहलने चला गया। कुछ देर बाद आया तो कमरे में सविता का शव पंखे के कुंडे से फांसी के फंदे पर लटका मिला। इससे परिवार में कोहराम मच गया। सूचना पर जगदीशपुरा पुलिस पहुंच गई। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा।
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सविता के ससुर बालादीन ने बताया कि सविता की किशनवीर से दूसरी शादी हुई थी। उसका पहला विवाह फिरोजाबाद के मक्खनपुर में गांव डबरई निवासी राजकुमार से हुआ था। तीन साल पहले राजकुमार सविता को दवा दिलाने लेकर गया था। वह एक दुकान पर खड़ा था। तभी सविता को कार सवार कुछ लोग उठाकर ले गए थे।
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राजकुमार ने उसके घरवालों को घटना की जानकारी दी। बाद में दो दिन बाद फिरोजाबाद में ही रेलवे ट्रैक पर एक महिला की लाश मिली, जिसे राजकुमार ने सविता का शव बताया। इसके बाद अंतिम संस्कार कर दिया। मामले मेें सविता के मायका पक्ष ने दहेज हत्या का मुकदमा दर्ज कराया। दस दिन बाद सविता वापस लौट आई। उसने बताया कि कुछ लोग उसे अगवा कर ले गए थे। उसे रेलवे ट्रैक पर छोड़ गए थे। मगर, मुकदमा दर्ज कराने से परिवार में विवाद खड़ा हो गया।
ससुरालियों ने सविता को घर में रखने से इनकार कर दिया। वहीं दहेज हत्या का मुकदमा खारिज होने के बाद राजकुमार पक्ष ने सविता सहित उसके घरवालों के खिलाफ मानहानि का मुकदमा दर्ज करा दिया। केस कोर्ट में विचाराधीन है। हाल ही में कोर्ट से चार लोगों के वारंट आए थे। इनमें से तीन लोगों ने जमानत करा ली। सविता को सोमवार को कोर्ट में पेश होना था। 23 मई को कोर्ट में सुनवाई होनी थी। जब घरवालों ने उसे वारंट की जानकारी दी तो वह तनाव में आ गई। पति से भी बोल नहीं रही थी। इसी तनाव में उसने आत्महत्या कर ली। इंस्पेक्टर जगदीशपुरा ने बताया कि मुकदमेबाजी से तनाव में आकर महिला के आत्महत्या करने का मामला बताया जा रहा है। जांच की जा रही है।