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हरीपर्वत पर ट्रैफिक प्लान फेल चार घंटे जाम से जूझे शहरवासी
अमर उजाला ब्यूरो आगरा
Updated Tue, 26 Apr 2016 01:59 AM IST
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एमजी रोड सहित मदिया कटरा, घटिया, सेंट जोंस पर बिगड़े हालात
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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हरीपर्वत चौराहे पर जाम की समस्या से निजात दिलाने के लिए बनाया गया ट्रैफिक प्लान फेल हो गया। हालांकि यह ट्रायल के तौर पर था। चौराहे पर बैरियर लगाकर रास्ता बंद करने, स्पीड कलर लैब और सेंट जोंस पर वाहनों के यू टर्न लेने के कारण एमजी रोड पर भीषण जाम लग गया। लोगों को घंटों जाम से जूझना पड़ा। एंबुलेंस, स्कूल वाहन, बस सहित पुलिस अधिकारियों की गाड़ियां तक नहीं निकल सकीं। चार घंटे बाद अधिकारियों ने चौराहे पर लगे बैरियर हटा दिए। तब लोगों को राहत मिल सकी।
बता दें, हरीपर्वत चौराहे पर जाम से बचाने के लिए नो वेटिंग जोन बनाया गया था। वाहनों को निकलने के लिए स्पीड कलर लैब तिराहे और सेंट जोंस चौराहे पर यू टर्न लेना था। रविवार को ट्रैफिक का दबाव कम था। इस कारण प्रयोग सफल रहा। मगर, सोमवार सुबह आठ बजे से ही वाहनों की संख्या बढ़ने लगी तो जाम लगना शुरू हो गया। स्पीड कलर लैब से सेंट जोंस पुल तक वाहन फंस गए। सेंट जोंस चौराहे से राजामंडी तक जाम लग गया। कुछ ही देर में स्थिति विकराल हो गई। हरीपर्वत की ओर से आने वाले वाहन भी फंस गए। इस कारण मदिया कटरा, घटिया पर भी जाम लग गया।
500 मीटर घूमकर आना पड़ा
एमडी जैन कालेज की ओर से आने वाले लोगों को मदिया कटरा की ओर जाने के लिए सेंट जोंस चौराहे की ओर से घूमकर आना पड़ा। इसके लिए तकरीबन 500 मीटर की दूरी तय करनी पड़ी। इस कारण जहां पेट्रोल ज्यादा फुंका, वहीं जाम में फंसना पड़ा। जाम में फंसे लोग ट्रैफिक पुलिस को कोसते रहे।
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जाम में एंबुलेंस और स्कूली वाहन
जाम में मरीजों को लेकर आती एंबुलेंस भी फंस गईं। इससे मरीजों को समय पर अस्पताल नहीं पहुंचाया जा सका। यही हाल स्कूली वाहनों का भी रहा। गर्मी में जाम में फंसे लोगों का हाल-बेहाल हो गया।
शहर में जाम तो रोज की समस्या है। इसका कोई समाधान नहीं है। नए प्लान का भी क्या फायदा, जब कुछ दिन में ही वह फेल हो जाते हैं।
विष्णु शर्मा, (मदिया पर जाम में फंसे)
मेरी पत्नी की तबियत खराब है। जाम की वजह से मैं हास्पिटल जाने में आधा घंटा लेट हो गया। अगर, ट्रैफिक पुलिस सही प्लान बनाए तो लोगों को समस्या न हो।
बबलू, (मदिया पर जाम में फंसे)
मैं काम के सिलसिले में आगरा आता हूं। हर बार जाम की समस्या झेलनी पड़ती है। सेंट जोंस और हरीपर्वत पर तो आधा घंटा तक जाम में फंसना पड़ता है। यह ट्रैफिक पुलिस की लापरवाही है।
मुजम्मिल, ग्रेटर नोएडा (सेंट जोंस पुल पर जाम मेें फंसे)
शहर में कई बार प्लान बनाए जा चुके हैं। मगर, उनसे जनता का कोई फायदा नहीं होता है, बल्कि उन्हें परेशानी का सामना ही करना पड़ता है।
सुनील सिंघल, सेक्टर आठ, आवास विकास कालोनी (सेंट जोंस पुल पर जाम मेें फंसे)
मुझे हरीपर्वत पर नए प्लान की वजह से जाम में फंसना पड़ा। हास्पिटल जाने के लिए घटिया की ओर से आया, वहां भी जाम लगा हुआ था। इस तरह के प्लान बेकार हैं। प्लान बनाने से पूरी प्लानिंग की जानी चाहिए।
केके शर्मा, अशोक नगर (सेंट जोंस पुल पर जाम मेें फंसे)
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बता दें, हरीपर्वत चौराहे पर जाम से बचाने के लिए नो वेटिंग जोन बनाया गया था। वाहनों को निकलने के लिए स्पीड कलर लैब तिराहे और सेंट जोंस चौराहे पर यू टर्न लेना था। रविवार को ट्रैफिक का दबाव कम था। इस कारण प्रयोग सफल रहा। मगर, सोमवार सुबह आठ बजे से ही वाहनों की संख्या बढ़ने लगी तो जाम लगना शुरू हो गया। स्पीड कलर लैब से सेंट जोंस पुल तक वाहन फंस गए। सेंट जोंस चौराहे से राजामंडी तक जाम लग गया। कुछ ही देर में स्थिति विकराल हो गई। हरीपर्वत की ओर से आने वाले वाहन भी फंस गए। इस कारण मदिया कटरा, घटिया पर भी जाम लग गया।
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500 मीटर घूमकर आना पड़ा
एमडी जैन कालेज की ओर से आने वाले लोगों को मदिया कटरा की ओर जाने के लिए सेंट जोंस चौराहे की ओर से घूमकर आना पड़ा। इसके लिए तकरीबन 500 मीटर की दूरी तय करनी पड़ी। इस कारण जहां पेट्रोल ज्यादा फुंका, वहीं जाम में फंसना पड़ा। जाम में फंसे लोग ट्रैफिक पुलिस को कोसते रहे।
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जाम में एंबुलेंस और स्कूली वाहन
जाम में मरीजों को लेकर आती एंबुलेंस भी फंस गईं। इससे मरीजों को समय पर अस्पताल नहीं पहुंचाया जा सका। यही हाल स्कूली वाहनों का भी रहा। गर्मी में जाम में फंसे लोगों का हाल-बेहाल हो गया।
शहर में जाम तो रोज की समस्या है। इसका कोई समाधान नहीं है। नए प्लान का भी क्या फायदा, जब कुछ दिन में ही वह फेल हो जाते हैं।
विष्णु शर्मा, (मदिया पर जाम में फंसे)
मेरी पत्नी की तबियत खराब है। जाम की वजह से मैं हास्पिटल जाने में आधा घंटा लेट हो गया। अगर, ट्रैफिक पुलिस सही प्लान बनाए तो लोगों को समस्या न हो।
बबलू, (मदिया पर जाम में फंसे)
मैं काम के सिलसिले में आगरा आता हूं। हर बार जाम की समस्या झेलनी पड़ती है। सेंट जोंस और हरीपर्वत पर तो आधा घंटा तक जाम में फंसना पड़ता है। यह ट्रैफिक पुलिस की लापरवाही है।
मुजम्मिल, ग्रेटर नोएडा (सेंट जोंस पुल पर जाम मेें फंसे)
शहर में कई बार प्लान बनाए जा चुके हैं। मगर, उनसे जनता का कोई फायदा नहीं होता है, बल्कि उन्हें परेशानी का सामना ही करना पड़ता है।
सुनील सिंघल, सेक्टर आठ, आवास विकास कालोनी (सेंट जोंस पुल पर जाम मेें फंसे)
मुझे हरीपर्वत पर नए प्लान की वजह से जाम में फंसना पड़ा। हास्पिटल जाने के लिए घटिया की ओर से आया, वहां भी जाम लगा हुआ था। इस तरह के प्लान बेकार हैं। प्लान बनाने से पूरी प्लानिंग की जानी चाहिए।
केके शर्मा, अशोक नगर (सेंट जोंस पुल पर जाम मेें फंसे)