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जेल के निलंबित सिपाही ने की थी पशु व्यापारी से लूट
ब्यूरो अमर उजाला, आगरा
Updated Fri, 22 Jan 2016 02:18 AM IST
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ताजगंज के गांव नौफरी में पशु व्यापारी डब्बू से पांच लाख रुपये की लूट मैनपुरी जेल के निलंबित सिपाही इफ्तकार और उसके साथियों ने अंजाम दी थी। पुलिस ने वारदात में शामिल उसके रिश्तेदार सहित तीन को पकड़ा है। उनसे लूट की रकम के ढाई लाख रुपये भी बरामद किए हैं। निलंबित सिपाही की गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है।
एसपी सिटी राजेश कुमार सिंह ने बताया कि 12 जनवरी को पुलिस की वर्दी में लाल ऑल्टो सवार तीन बदमाशों ने पशु व्यापारी डब्बू से पांच लाख रुपये लूटे थे। बदमाशों में एक दरोगा की वर्दी पहने था, जबकि दो सिपाही की वर्दी में थे। इस मामले में नईम कुरैशी ने मुकदमा दर्ज कराया था। बुधवार शाम को पुलिस ने लूट के मामले में शहीद नगर निवासी समीर उर्फ वकील, शमसाबाद निवासी हसीम और संजय को गिरफ्तार किया है। उनके पास से लूट की रकम के 2.51 लाख रुपये, दरोगा की वर्दी और एक तमंचा भी बरामद किया। वहीं उनके साथी बेर का नगला (जगदीशपुरा) निवासी इफ्तकार, रोडवेज कालोनी (जगदीशपुरा) निवासी सिंधी और शमसाबाद निवासी राजा फरार हैं। उनकी गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है। इफ्तकार मैनपुरी में जेल पुलिस का निलंबित सिपाही है। उसने ही पुलिस वर्दी पहनकर लूट का प्लान बनाया था।
एसपी सिटी के मुताबिक, पशु व्यापारी नईम के घर के पास राजा, हसीम और संजय रहते हैं। तीनों पशु बेचते हैं। वह नईम की बरकत से जलन महसूस करते थे। इसलिए लूट का प्लान बनाया। इसके लिए समीर से संपर्क किया, जो कि वकील है। उसने अपने जीजा इफ्तकार से संपर्क करके लूट की तैयारी कर ली।
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घटना वाले दिन वह तीनों पशु बेचने अलीगढ़ गए थे। यहां पर नईम और डब्बू की रेकी करने लगे। तीनों बाइक से उनका पीछा करते आए। दरोगा की वर्दी पहने समीर और सिपाही की वर्दी पहने इफ्तकार और सिंधी ने ट्रक को ओवरटेक करके रोक लिया था। इसके बाद डब्बू को कार में बैठाकर लूट लिया था।
बाक्स
बंदी को पहुंचाया था आपत्तिजनक सामान
एसपी सिटी ने बताया कि इफ्तकार को ढाई महीने पहले मैनपुरी की जिला जेल में एक बंदी को आपत्तिजनक सामान पहुंचाने के आरोप में निलंबित किया गया है। इसकी जांच चल रही है। इसी बीच उसने लूट का प्लान बनाया।
छीपीटोला से खरीदी थी पुलिस की वर्दी
बदमाशों ने पुलिस की वर्दी पहनी थी। इसे छीपीटोला से खरीदकर लाए थे। यह बात पूछताछ में पता चली है। इफ्तकार ही पुलिस की वर्दी खरीदकर लाया था।
वकील ने ली थी ज्यादा रकम
सीओ सदर असीम चौधरी ने बताया कि आरोपी समीर उर्फ वकील ने लूट की रकम अपने पास रख ली थी। इस बीच उसने पांच लाख रुपये में से एक लाख गायब कर दिए थे। इस पर सिंधी को उस पर शक हो गया। बाद में वकील ने 50 हजार रुपये और निकाले। वकील ने 1.40 लाख रुपये लिए, जबकि 50 हजार पहले से थे। उसके पास कुल 1.90 लाख रुपये हो गए। बाकी तीनों के हिस्से में 62-62 हजार रुपये आए। मगर, अखबारों में खबर पढ़कर लूट की रकम पांच लाख रुपये होने का पता चलने पर सिंधी ने विरोध किया। इसके बाद उनमें फूट पड़ गई।
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एसपी सिटी राजेश कुमार सिंह ने बताया कि 12 जनवरी को पुलिस की वर्दी में लाल ऑल्टो सवार तीन बदमाशों ने पशु व्यापारी डब्बू से पांच लाख रुपये लूटे थे। बदमाशों में एक दरोगा की वर्दी पहने था, जबकि दो सिपाही की वर्दी में थे। इस मामले में नईम कुरैशी ने मुकदमा दर्ज कराया था। बुधवार शाम को पुलिस ने लूट के मामले में शहीद नगर निवासी समीर उर्फ वकील, शमसाबाद निवासी हसीम और संजय को गिरफ्तार किया है। उनके पास से लूट की रकम के 2.51 लाख रुपये, दरोगा की वर्दी और एक तमंचा भी बरामद किया। वहीं उनके साथी बेर का नगला (जगदीशपुरा) निवासी इफ्तकार, रोडवेज कालोनी (जगदीशपुरा) निवासी सिंधी और शमसाबाद निवासी राजा फरार हैं। उनकी गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है। इफ्तकार मैनपुरी में जेल पुलिस का निलंबित सिपाही है। उसने ही पुलिस वर्दी पहनकर लूट का प्लान बनाया था।
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एसपी सिटी के मुताबिक, पशु व्यापारी नईम के घर के पास राजा, हसीम और संजय रहते हैं। तीनों पशु बेचते हैं। वह नईम की बरकत से जलन महसूस करते थे। इसलिए लूट का प्लान बनाया। इसके लिए समीर से संपर्क किया, जो कि वकील है। उसने अपने जीजा इफ्तकार से संपर्क करके लूट की तैयारी कर ली।
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घटना वाले दिन वह तीनों पशु बेचने अलीगढ़ गए थे। यहां पर नईम और डब्बू की रेकी करने लगे। तीनों बाइक से उनका पीछा करते आए। दरोगा की वर्दी पहने समीर और सिपाही की वर्दी पहने इफ्तकार और सिंधी ने ट्रक को ओवरटेक करके रोक लिया था। इसके बाद डब्बू को कार में बैठाकर लूट लिया था।
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बंदी को पहुंचाया था आपत्तिजनक सामान
एसपी सिटी ने बताया कि इफ्तकार को ढाई महीने पहले मैनपुरी की जिला जेल में एक बंदी को आपत्तिजनक सामान पहुंचाने के आरोप में निलंबित किया गया है। इसकी जांच चल रही है। इसी बीच उसने लूट का प्लान बनाया।
छीपीटोला से खरीदी थी पुलिस की वर्दी
बदमाशों ने पुलिस की वर्दी पहनी थी। इसे छीपीटोला से खरीदकर लाए थे। यह बात पूछताछ में पता चली है। इफ्तकार ही पुलिस की वर्दी खरीदकर लाया था।
वकील ने ली थी ज्यादा रकम
सीओ सदर असीम चौधरी ने बताया कि आरोपी समीर उर्फ वकील ने लूट की रकम अपने पास रख ली थी। इस बीच उसने पांच लाख रुपये में से एक लाख गायब कर दिए थे। इस पर सिंधी को उस पर शक हो गया। बाद में वकील ने 50 हजार रुपये और निकाले। वकील ने 1.40 लाख रुपये लिए, जबकि 50 हजार पहले से थे। उसके पास कुल 1.90 लाख रुपये हो गए। बाकी तीनों के हिस्से में 62-62 हजार रुपये आए। मगर, अखबारों में खबर पढ़कर लूट की रकम पांच लाख रुपये होने का पता चलने पर सिंधी ने विरोध किया। इसके बाद उनमें फूट पड़ गई।