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अमेरिका में नौकरी का झांसा देकर छह लाख रुपये ठगे
अमेरिका में नौकरी का झांसा देकर छह लाख रुपये ठगे
Updated Mon, 06 Feb 2017 10:28 PM IST
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rupee shimla
अमेरिका में अच्छी नौकरी दिलवाने का झांसा देकर अछनेरा के बेरोजगार युवक से तकरीबन छह लाख रुपये ठग लिए गए। साइबर क्राइम सेल में शिकायत के बाद अछनेरा थाने में मुकदमा दर्ज किया गया है।
अछनेरा निवासी यतेंद्र शर्मा की ई-मेल आईडी पर अगस्त 2016 में एक ई-मेल आया था। इस पर अमेरिका में नौकरी के लिए आवेदन मांगे गए थे। इस पर लिखे मोबाइल नंबर यतेंद्र ने कॉल की। एक व्यक्ति ने काल रिसीव की और कहा कि अमेरिका में नौकरी के लिए उसका चयन हुआ है। रहना और खाना फ्री मिलेगा। आवेदन पत्र भरना होगा। यतेंद्र राजी हो गया। अगले दिन उसके पास यूएस एंबेसी लिखा एक और ई-मेल आया। यतेंद्र ने आवेदन पत्र ई-मेल एड्रेस पर भेज दिया। इसके बाद उक्त व्यक्ति ने वर्क परमिट के लिए 46 हजार रुपये जमा करने को आईसीआईसीआई बैंक का खाता नंबर बताया। यतेंद्र ने रकम जमा कर दी। फिर उससे रेजीडेंट परमिट के लिए 32 हजार रुपये और जमा करा लिए गए। धीरे-धीरे अन्य करों के नाम पर कुल तकरीबन छह लाख रुपये जमा कर लिए। फिर भी नौकरी नहीं लगी। यतेंद्र के पूछने पर उक्त व्यक्ति ने 1.60 लाख रुपये और मांगे। तब यतेंद्र को शक हुआ। उसने रुपये वापस मांगे तो व्यक्ति ने इनकार कर दिया। फिर फोन तक रिसीव नहीं किया। उसने साइबर क्राइम सेल में शिकायत की।
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अछनेरा निवासी यतेंद्र शर्मा की ई-मेल आईडी पर अगस्त 2016 में एक ई-मेल आया था। इस पर अमेरिका में नौकरी के लिए आवेदन मांगे गए थे। इस पर लिखे मोबाइल नंबर यतेंद्र ने कॉल की। एक व्यक्ति ने काल रिसीव की और कहा कि अमेरिका में नौकरी के लिए उसका चयन हुआ है। रहना और खाना फ्री मिलेगा। आवेदन पत्र भरना होगा। यतेंद्र राजी हो गया। अगले दिन उसके पास यूएस एंबेसी लिखा एक और ई-मेल आया। यतेंद्र ने आवेदन पत्र ई-मेल एड्रेस पर भेज दिया। इसके बाद उक्त व्यक्ति ने वर्क परमिट के लिए 46 हजार रुपये जमा करने को आईसीआईसीआई बैंक का खाता नंबर बताया। यतेंद्र ने रकम जमा कर दी। फिर उससे रेजीडेंट परमिट के लिए 32 हजार रुपये और जमा करा लिए गए। धीरे-धीरे अन्य करों के नाम पर कुल तकरीबन छह लाख रुपये जमा कर लिए। फिर भी नौकरी नहीं लगी। यतेंद्र के पूछने पर उक्त व्यक्ति ने 1.60 लाख रुपये और मांगे। तब यतेंद्र को शक हुआ। उसने रुपये वापस मांगे तो व्यक्ति ने इनकार कर दिया। फिर फोन तक रिसीव नहीं किया। उसने साइबर क्राइम सेल में शिकायत की।
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