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तेंदुआ के डर से तीन घंटे पेड़ पर चढे़ रहे दो किसान
तेंदुआ के डर से तीन घंटे पेड़ पर चढे़ रहे दो किसान
Updated Fri, 23 Sep 2016 11:35 PM IST
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तेंदुआ के डर से तीन घंटे पेड़ पर चढे़ रहे दो किसान
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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जैतपुर के कचौराघाट गांव में गुरुवार की रात्रि तेंदुए को देखकर दो किसान तीन घंटे पेड़ पर चढे़ रहे। उनकी चीख-पुकार सुन पहुंचे गांव के लोगों ने टायर जलाकर जंगली जानवर को खदेड़ा। दहशत में आए ग्रामीणों ने तेंदुए को पकड़वाने की मांग वन विभाग से की है।
गुरुवार की रात्रि इटावा बार्डर के जैतपुर के कचौराघाट गांव में तेन्दुए को देख दो किसान गुलाब सिंह और अनिल कुमार डर के मारे पेड़ पर चढ़ गये। वे लगभग तीन घंटे तक पेड़ पर चढे़ रहे। इस दौरान उनकी चीख-पुकार सुन पहुंचे गांव के लोगों ने टायर जलाकर रोशनी की और बीहड़ तक लाठी डंडों लेकर जंगली जानवर को खदेड़ा। बता दें कि इससे पहले भी तेंदुआ नीलगाय के बच्चे को हमला कर मार चुका है। रात्रि के वक्त या तो किसान खेतों पर जाते नहीं है या फिर समूह में जाते हैं। किसानों का कहना है कि एक तरफ तेंदुए का डर है तो दूसरी तरफ आवारा जानवर फसल उजाड़ रहे हैं। उन्होंने वन विभाग से तेंदुए को पकड़वाने की मांग की है। इस संबंध मेें जैतपुर के डिप्टी रेन्जर बृजेश परमार ने बताया कि अब तक जंगली जानवर के तेंदुआ होने की पुष्टि नहीं हुई है। उसके फुट मार्क नहीं मिले हैं। इलाके में हाइना पाये जाते हैं।
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गुरुवार की रात्रि इटावा बार्डर के जैतपुर के कचौराघाट गांव में तेन्दुए को देख दो किसान गुलाब सिंह और अनिल कुमार डर के मारे पेड़ पर चढ़ गये। वे लगभग तीन घंटे तक पेड़ पर चढे़ रहे। इस दौरान उनकी चीख-पुकार सुन पहुंचे गांव के लोगों ने टायर जलाकर रोशनी की और बीहड़ तक लाठी डंडों लेकर जंगली जानवर को खदेड़ा। बता दें कि इससे पहले भी तेंदुआ नीलगाय के बच्चे को हमला कर मार चुका है। रात्रि के वक्त या तो किसान खेतों पर जाते नहीं है या फिर समूह में जाते हैं। किसानों का कहना है कि एक तरफ तेंदुए का डर है तो दूसरी तरफ आवारा जानवर फसल उजाड़ रहे हैं। उन्होंने वन विभाग से तेंदुए को पकड़वाने की मांग की है। इस संबंध मेें जैतपुर के डिप्टी रेन्जर बृजेश परमार ने बताया कि अब तक जंगली जानवर के तेंदुआ होने की पुष्टि नहीं हुई है। उसके फुट मार्क नहीं मिले हैं। इलाके में हाइना पाये जाते हैं।
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