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सिर गंजा कराने पर चिढ़ा रहे थे पड़ोसी, इसलिए 12वीं के छात्र ने उठाया ये कदम
ब्यूरो/अमर उजाला आगरा
Updated Mon, 17 Jul 2017 03:47 PM IST
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आगरा के एत्माद्दौला की पालिका नगर कालोनी में शनिवार रात 12 वीं के छात्र ने फांसी का फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। वह दिन भर तनाव में रहा था। उसने बताया था कि उसने जब से सिर गंजा कराया है, पड़ोसी चिढ़ा रहे हैं। इसी से वह डिप्रेशन में आ गया। सुबह उसका शव पंखे से रस्सी बांधकर बनाए गए फंदे से लटका मिला।
राहुल उर्फ गब्बर (17) शनिवार सुबह बाल कटवाने के लिए गया था। बाल थोड़े छोटे करा लिए थे। घर आया तो परिवारीजन बोले, ये कैसे बाल कटवाए हैं, अजीब सा लग रहा है। इस पर वह दोबारा गया। इस बार बाल और छोटे करा लाया। लेकिन दिक्कत वही रही। पड़ोस के लोग कहने लगे कि बाल बहुत खराब लग रहे हैं। दोस्तों ने भी यही कहा। इस पर उससे रहा नहीं गया।
दोपहर को फिर से सैलून पर जा पहुंचा। इस बार उसने अपना सिर गंजा करा लिया। घर लौटा तो सब चिढ़ाने लगे। दोस्त भी और पड़ोसी भी। रात तक घर से नहीं निकला। उसके दिल को ठेस लगी। परिवार के लोगों ने समझाया कि दो चार दिन की बात है, बाल आ जाएंगे, लेकिन वह गुमसुम हो गया। उसने सिर पर कपड़ा बांध लिया था। किसी से बात नहीं की।
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रात को अपने कमरे में सोने गया। सुबह उसकी लाश मिली। पोस्टमार्टम हाउस पर पहुंचे उसके रिश्तेदार कप्तान सिंह ने बताया कि उसके सुसाइड करने की वजह यही रहा कि लोग उसे चिढ़ा रहे थे। वह इसी से डिप्रेशन में आ गया था।
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राहुल उर्फ गब्बर (17) शनिवार सुबह बाल कटवाने के लिए गया था। बाल थोड़े छोटे करा लिए थे। घर आया तो परिवारीजन बोले, ये कैसे बाल कटवाए हैं, अजीब सा लग रहा है। इस पर वह दोबारा गया। इस बार बाल और छोटे करा लाया। लेकिन दिक्कत वही रही। पड़ोस के लोग कहने लगे कि बाल बहुत खराब लग रहे हैं। दोस्तों ने भी यही कहा। इस पर उससे रहा नहीं गया।
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दोपहर को फिर से सैलून पर जा पहुंचा। इस बार उसने अपना सिर गंजा करा लिया। घर लौटा तो सब चिढ़ाने लगे। दोस्त भी और पड़ोसी भी। रात तक घर से नहीं निकला। उसके दिल को ठेस लगी। परिवार के लोगों ने समझाया कि दो चार दिन की बात है, बाल आ जाएंगे, लेकिन वह गुमसुम हो गया। उसने सिर पर कपड़ा बांध लिया था। किसी से बात नहीं की।
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रात को अपने कमरे में सोने गया। सुबह उसकी लाश मिली। पोस्टमार्टम हाउस पर पहुंचे उसके रिश्तेदार कप्तान सिंह ने बताया कि उसके सुसाइड करने की वजह यही रहा कि लोग उसे चिढ़ा रहे थे। वह इसी से डिप्रेशन में आ गया था।
भूल से भी न करें ऐसी टिप्पणी
डेमो
- फोटो : demo pic
मानसिक रोग विशेषज्ञ डा. दिनेश राठौर बताते हैं कि किसी की शारिरिक बनावट, रंग, रूप पर भूल से भी कोई टिप्पणी नहीं करनी चाहिए। ऐसे टिप्पणी सीधे मष्तिष्क पर चोट करती हैं। इन्हें सुनकर व्यक्ति में हीनभावना आ जाती है। वह खुद को ही घृणा करने लगता है। लगातार ऐसा होने पर वह डिप्रेशन में आ जाता है।
डिप्रेशन का स्तर बढ़ता है तो वह गलत कदम भी उठा सकता है। डिप्रेशन में आने के बाद वह टिप्पणी के बारे में बार बार सोचता है। अकेले में होता है, तो परेशानी बढ़ती है। ऐसे में कई बार पीड़ित लोग आत्महत्या जैसे कदम उठा लेते हैं।
डिप्रेशन का स्तर बढ़ता है तो वह गलत कदम भी उठा सकता है। डिप्रेशन में आने के बाद वह टिप्पणी के बारे में बार बार सोचता है। अकेले में होता है, तो परेशानी बढ़ती है। ऐसे में कई बार पीड़ित लोग आत्महत्या जैसे कदम उठा लेते हैं।