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बेटा ही निकला जूता कारोबारी का कातिल
अमर उजाला ब्यूरो आगरा
Updated Wed, 01 Jun 2016 02:07 AM IST
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प्रेमिका से शादी के लिए मां और दोस्त के साथ मिलकर मारा
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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जूता कारोबारी हाजी मुईन (50) की हत्या उनके बेटे मुबीन (20) ने अपने दोस्त अभिनव के साथ मिलकर की थी। इसमें उसकी मां चांदनी बेगम भी शामिल रहीं। मुबीन और अभिनव ने घर पर सोते समय मुईन को चाकुओं से गोदकर मारा था। चांदनी बेगम ने खून केे निशान मिटाए थे। तीनों गिरफ्तार कर लिए गए है।
पुलिस का कहना है कि हाजी मुईन जरा-जरा सी बात पर चांदनी बेगम और मुबीन को जलील करते थे, बुरी तरह पीटते भी थे। इससे नाराज होकर उन्होंने साजिश के तहत उनकी हत्या कर डाली। दूसरी बड़ी वजह यह रही कि मुबीन एक युवती से प्रेम विवाह करना चाहता था, जबकि हाजी मुईन इसके खिलाफ थे। वह जब भी उनसे निकाह की बात करता, एक ही जवाब मिलता, ‘मेरे जीते जी तेरा उस लड़की से निकाह नहीं हो सकता है’। उन्हें रास्ते से हटाने के लिए मुबीन ने अपने बचपन के दोस्त अभिनव के साथ मिलकर प्लान बनाया। बाद में इसमें चांदनी बेगम को शामिल कर लिया।
पुलिस ने बताया कि हत्या 17 मई की रात 12 बजे की गई थी। अभिनव और मुबीन ने लाश को सूटकेस में बंद करके कार से ले जाकर 18 की सुबह चार बजे एत्मादपुर के तालाब में फेंका था। एत्मादपुर इसलिए ले गए क्योंकि अभिनव को इस क्षेत्र की जानकारी थी। यहां उसके रिश्तेदार रहते हैं।
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उधर, घर पर चांदनी बेगम ने कमरे से खून की सफाई की। खून से सने उनके कपडे़, चाकू, चादर, जूते चावल के बोरे में छुपा दिए। बाद में मुबीन और अभिनव ने बोरे को विभव नगर में नाले में फेंक दिया। 18 को ही तीनों दरगाह देवा शरीफ जाने की बात कहकर लखनऊ घूमने चले गए। 21 को आकर मुईन की गुमशुदगी का नाटक किया। रिपोर्ट 24 को दर्ज कराई।
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पुलिस का कहना है कि हाजी मुईन जरा-जरा सी बात पर चांदनी बेगम और मुबीन को जलील करते थे, बुरी तरह पीटते भी थे। इससे नाराज होकर उन्होंने साजिश के तहत उनकी हत्या कर डाली। दूसरी बड़ी वजह यह रही कि मुबीन एक युवती से प्रेम विवाह करना चाहता था, जबकि हाजी मुईन इसके खिलाफ थे। वह जब भी उनसे निकाह की बात करता, एक ही जवाब मिलता, ‘मेरे जीते जी तेरा उस लड़की से निकाह नहीं हो सकता है’। उन्हें रास्ते से हटाने के लिए मुबीन ने अपने बचपन के दोस्त अभिनव के साथ मिलकर प्लान बनाया। बाद में इसमें चांदनी बेगम को शामिल कर लिया।
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पुलिस ने बताया कि हत्या 17 मई की रात 12 बजे की गई थी। अभिनव और मुबीन ने लाश को सूटकेस में बंद करके कार से ले जाकर 18 की सुबह चार बजे एत्मादपुर के तालाब में फेंका था। एत्मादपुर इसलिए ले गए क्योंकि अभिनव को इस क्षेत्र की जानकारी थी। यहां उसके रिश्तेदार रहते हैं।
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उधर, घर पर चांदनी बेगम ने कमरे से खून की सफाई की। खून से सने उनके कपडे़, चाकू, चादर, जूते चावल के बोरे में छुपा दिए। बाद में मुबीन और अभिनव ने बोरे को विभव नगर में नाले में फेंक दिया। 18 को ही तीनों दरगाह देवा शरीफ जाने की बात कहकर लखनऊ घूमने चले गए। 21 को आकर मुईन की गुमशुदगी का नाटक किया। रिपोर्ट 24 को दर्ज कराई।