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एसएससी का पर्चा लीक करा रहा था ये रेलवे कर्मचारी, जानिए शातिर के कनेक्शन
ब्यूरो/अमर उजाला आगरा
Updated Wed, 22 Nov 2017 01:26 PM IST
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गिरफ्तार
- फोटो : अमर उजाला
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स्टाफ सलेक्शन कमीशन की मल्टी टास्किंग स्टाफ की चयन परीक्षा का पेपर आउट करने वाले गैंग के सदस्य मुकेश कुमार को विशेष कार्य बल (एसटीएफ) ने सोमवार को गिरफ्तार कर लिया।
वह रेलवे का कर्मचारी है। कई परीक्षाओं का पेपर आउट कराने और भर्ती कराने का ठेका लेता था। गैंग का सरगना बाराबंकी का उत्तम है। वह हाथ नहीं आ सका है।
एसटीएफ के मुताबिक, 14 मई को आगरा में एसएससी की परीक्षा का पेपर आउट हुआ था। साईं की तकिया स्थित सेंटर से एटा के पुष्पेंद्र और लोकेंद्र पकड़े गए थे। उन्होंने बताया था कि हाथरस के मुकेश ने उनसे पेपर आउट कराने के लिए पांच लाख रुपये लिए थे।
वाट्सएप पर आउट पेपर आया था। तब से पुलिस मुकेश की तलाश में लगी थी। एसटीएफ के एसआई आनंद प्रकाश ने मुकेश कुमार को सोमवार को ईदगाह बस स्टैंड से गिरफ्तार किया। उसे थाना न्यू आगरा पुलिस के हवाले कर दिया गया।
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वह रेलवे का कर्मचारी है। कई परीक्षाओं का पेपर आउट कराने और भर्ती कराने का ठेका लेता था। गैंग का सरगना बाराबंकी का उत्तम है। वह हाथ नहीं आ सका है।
एसटीएफ के मुताबिक, 14 मई को आगरा में एसएससी की परीक्षा का पेपर आउट हुआ था। साईं की तकिया स्थित सेंटर से एटा के पुष्पेंद्र और लोकेंद्र पकड़े गए थे। उन्होंने बताया था कि हाथरस के मुकेश ने उनसे पेपर आउट कराने के लिए पांच लाख रुपये लिए थे।
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वाट्सएप पर आउट पेपर आया था। तब से पुलिस मुकेश की तलाश में लगी थी। एसटीएफ के एसआई आनंद प्रकाश ने मुकेश कुमार को सोमवार को ईदगाह बस स्टैंड से गिरफ्तार किया। उसे थाना न्यू आगरा पुलिस के हवाले कर दिया गया।
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हाथरस का रहने वाला है मुकेश
मुकेश कुमार हाथरस के कैलोरा का रहने वाला है। उसने पूछताछ में बताया कि वह रेलवे में वर्ष 2009 में ट्रैफिक अप्रेंटिस के पद पर भर्ती हुआ था। इस समय खंड नियंत्रक के पद पर आगरा कैंट स्टेशन पर तैनात है।
वर्ष 2013-14 में उसकी मुलाकात निरंजन पुत्र रज्जो (अडीग, मथुरा) से हुई थी। निरंजन अभ्यर्थियों को फर्जी तरीके से सरकारी नौकरी में भर्ती कराने का ठेका लेता है। काफी पैसा भी कमा चुका है। मुकेश भी लालच में आ गया।
निरंजन ने ही उसकी मुलाकात अपने गुरू उत्तम मिश्रा पुत्र राममिलन मिश्रा (पेचरूवा, खरसतिया, हैदरगढ़, बाराबंकी) से कराई। उत्तम मिश्रा भी एसएससी, रेलवे सहित अन्य विभागों में लोअर डिवीजन क्लर्क की परीक्षाओं के पेपर आउट कराता है।
वर्ष 2013-14 में उसकी मुलाकात निरंजन पुत्र रज्जो (अडीग, मथुरा) से हुई थी। निरंजन अभ्यर्थियों को फर्जी तरीके से सरकारी नौकरी में भर्ती कराने का ठेका लेता है। काफी पैसा भी कमा चुका है। मुकेश भी लालच में आ गया।
निरंजन ने ही उसकी मुलाकात अपने गुरू उत्तम मिश्रा पुत्र राममिलन मिश्रा (पेचरूवा, खरसतिया, हैदरगढ़, बाराबंकी) से कराई। उत्तम मिश्रा भी एसएससी, रेलवे सहित अन्य विभागों में लोअर डिवीजन क्लर्क की परीक्षाओं के पेपर आउट कराता है।
इसके लिए लोगों से लाखों रुपये की रकम भी ऐंठता है। निरंजन और मुकेश अभ्यर्थी लेकर आते हैं। मुकेश के रेलवे में तैनात होने के कारण लोग उस पर जल्दी भरोसा कर लेते हैं।
मुकेश भी अपने साथी संजय के साथ मिलकर लोगों की तलाश करता था। गैंग आगरा सहित मथुरा, फिरोजाबाद, अलीगढ़, आसपास के जनपदों के अभ्यर्थियों को विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं के पेपर आउट कराने का झांसा देकर रकम वसूल चुके हैं।
मुकेश भी अपने साथी संजय के साथ मिलकर लोगों की तलाश करता था। गैंग आगरा सहित मथुरा, फिरोजाबाद, अलीगढ़, आसपास के जनपदों के अभ्यर्थियों को विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं के पेपर आउट कराने का झांसा देकर रकम वसूल चुके हैं।
14 मई को पकड़े गए थे जीजा-साले
14 मई को लोकेंद्र (रफीपुर, मिरहची, एटा) और पुष्पेंद्र (गिरौरा, एटा) को गिरफ्तार किया था। पुष्पेंद्र लोकेंद्र का साला है। पुष्पेंद्र साईं का तकिया स्थित बेप्टिस्ट हायर सेंकंडरी स्कूल में एसएससी की परीक्षा देने आया था।
पुलिस ने लोकेंद्र को पहले पकड़ा। उसके मोबाइल पर हल प्रश्नपत्र आया था। पुष्पेंद्र पर्ची बनाकर परीक्षा में सम्मिलित हुआ था। पुष्पेंद्र को परीक्षा केंद्र के बाहर से पकड़ा था।
मुकेश के रेलवे कर्मचारी होने की जानकारी पर एसटीएफ कई दिन तक पड़ताल की। कर्मचारी को बिना सुबूत के गिरफ्तार नहीं किया जा सकता था। एसटीएफ ने काफी पुष्टि करने के बाद उसे पकड़ा। एसटीएफ ने मुकेश से एक पेन कार्ड, आधार कार्ड, दो अन्य आईडी कार्ड, एक वीजा कार्ड सिंडीकेट बैंक, एक वोटर आईडी कार्ड, एक ड्राइविंग लाइसेंस, दो मोबाइल बरामद किए हैं।
पुलिस ने लोकेंद्र को पहले पकड़ा। उसके मोबाइल पर हल प्रश्नपत्र आया था। पुष्पेंद्र पर्ची बनाकर परीक्षा में सम्मिलित हुआ था। पुष्पेंद्र को परीक्षा केंद्र के बाहर से पकड़ा था।
मुकेश के रेलवे कर्मचारी होने की जानकारी पर एसटीएफ कई दिन तक पड़ताल की। कर्मचारी को बिना सुबूत के गिरफ्तार नहीं किया जा सकता था। एसटीएफ ने काफी पुष्टि करने के बाद उसे पकड़ा। एसटीएफ ने मुकेश से एक पेन कार्ड, आधार कार्ड, दो अन्य आईडी कार्ड, एक वीजा कार्ड सिंडीकेट बैंक, एक वोटर आईडी कार्ड, एक ड्राइविंग लाइसेंस, दो मोबाइल बरामद किए हैं।
व्हाट्स एप ये डालता है पेपर
फरार आरोपी उत्तम मिश्रा पेपर आउट कराता है। सेंटर पर आधा घंटे पहले ही पेपर पहुंचता है। इसके बाद ही उसे आउट किया जाता है। पेपर निकालने वालों से उत्तम की सेटिंग रहती है। पेपर निकलते ही साल्व कराते हैं। प्रश्नों के उत्तरों पर टिक लगाकर उसे व्हाट्स एप पर बने ग्रुप पर डाल दिया जाता है।
उत्तर प्रदेश में बड़े स्तर पर गैंग सक्रिय हैं, जोकि विभिन्न प्रतियोगी परीक्षा का पेपर आउट कराने का ठेका लेते हैं। इसके लिए एसटीएफ की टीम बनाई गई है। टीम अलग-अलग शहरों में गोपनीय तरीके से गैंग के सदस्यों को पकड़ने में लगी है।
उत्तर प्रदेश में बड़े स्तर पर गैंग सक्रिय हैं, जोकि विभिन्न प्रतियोगी परीक्षा का पेपर आउट कराने का ठेका लेते हैं। इसके लिए एसटीएफ की टीम बनाई गई है। टीम अलग-अलग शहरों में गोपनीय तरीके से गैंग के सदस्यों को पकड़ने में लगी है।