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Jind News: गर्भ में लिंग जांच का भंडाफोड़, पोर्टेबल अल्ट्रासाउंड मशीन के साथ महिला गिरफ्तार
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एक लाख में लिंग जांच का सौदा तय हुआ, 35 हजार एडवांस लेते ही पहुंची टीम
जींद-कैथल की पीएनडीटी टीम ने नकली ग्राहक भेजकर की कार्रवाई
संवाद न्यूज एजेंसी
जींद। सफाखेड़ी गांव में बुधवार को जींद और कैथल की पीएनडीटी टीम ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए गर्भ में बच्चे का लिंग बताने के मामले का पर्दाफाश किया। टीम ने गांव में रमेश के घर पर छापा मारकर पंजाब से आई महिला को पोर्टेबल अल्ट्रासाउंड मशीन के साथ मौके पर गिरफ्तार कर लिया। टीम ने मशीन को सील कर दिया।
कार्रवाई के दौरान घर में बनी दुकान से प्रतिबंधित और संदिग्ध दवाओं का स्टॉक भी मिला। टीम ने दवाओं को कब्जे में लेकर सील कर दिया।
पीएनडीटी टीम को सफाखेड़ी गांव में गर्भ में बच्चे का लिंग बताने की सूचना मिली थी। सूचना के बाद टीम ने एक महिला को नकली ग्राहक बनाकर रमेश के घर भेजा। वहां गर्भ में बच्चे का लिंग बताने के लिए एक लाख रुपये में सौदा तय हुआ। नकली ग्राहक ने 35 हजार रुपये एडवांस के तौर पर दिए।
इसके बाद पंजाब के बरनाला से गुरमेल नाम की महिला पोर्टेबल अल्ट्रासाउंड मशीन लेकर रमेश के घर पहुंची। उसने गर्भवती महिला का अल्ट्रासाउंड किया और बच्चे का लिंग बताया। जैसे ही अल्ट्रासाउंड की प्रक्रिया पूरी हुई पहले से निगरानी कर रही पीएनडीटी टीम ने घर पर छापा मार दिया।
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टीम ने गुरमेल को अल्ट्रासाउंड मशीन के साथ मौके पर पकड़ लिया। घर की तलाशी के दौरान वहां बनी दुकान से एमटीपी किट, अल्प्राजोलम और कुछ एक्सपायरी दवाओं का स्टॉक भी बरामद हुआ।
कार्रवाई में कैथल से डॉ. सचिन, डॉ. अजय राजबी सहित अन्य अधिकारी और जींद से डॉ. पाले राम, डॉ. रविंद्र मलिक, डॉ. पूजा, विकास देशवाल, विशाल पहल, अमित, रूपेश, सचिन, डीसीओ गीता गोयल और शांति शामिल रहे।
टीम ने उचाना थाने में पीएनडीटी एक्ट और ड्रग एंड कॉस्मेटिक नियमों के तहत एफआईआर दर्ज करवाई है। उचाना थाना प्रभारी चंद्रपाल ने बताया कि मामले में रमेश व उसकी पत्नी अन्नू और गुरमेल के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।
लिंगानुपात में 40 अंकों की गिरावट
हरियाणा विधानसभा में प्रस्तुत स्वास्थ्य विभाग के जून 2026 तक के आंकड़ों के मुताबिक, जींद में जन्म के समय लिंगानुपात 1000 लड़कों के मुकाबले 878 लड़कियों का है। वर्ष 2025 में यह लिंगानुपात 918 दर्ज किया गया था। इसमें वर्ष 2024 (919) के मुकाबले एक अंक की गिरावट हुई थी। जून 2026 तक के डाटा के हिसाब से बेटियों की संख्या में 40 की कमी आई है।
गांव बीबीपुर ने खींचा था ध्यान
जींद के गांव बीबीपुर में बेटियों को जन्म देने वाली महिलाओं को सम्मानित करने की 2012 में अनूठी पहल की थी। यहां 18 जून 2012 को देश की पहली महिला ग्रामसभा कन्या भ्रूण की हत्या को रोकने के लिए हुई थी। 14 जुलाई 2012 को ही गांव में 100 से अधिक खाप पंचायतों की महापंचायत हुई। नतीजा यह रहा कि 2012 में यहां 0-12 महीने तक के बच्चों का लिंगानुपात 561 से बढ़कर नवंबर 2013 तक 1189 हो गया था। ''सेल्फी विद डॉटर'' जैसे अभियान भी यहां चलाए जा रहे हैं। पीएनडीटी एक्ट का उल्लंघन करने वालों को पकड़वाने पर सरकार एक लाख रुपये का पुरस्कार भी देती है। सूचना देने वाले का नाम भी गुप्त रखा जाता है।
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जींद-कैथल की पीएनडीटी टीम ने नकली ग्राहक भेजकर की कार्रवाई
संवाद न्यूज एजेंसी
जींद। सफाखेड़ी गांव में बुधवार को जींद और कैथल की पीएनडीटी टीम ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए गर्भ में बच्चे का लिंग बताने के मामले का पर्दाफाश किया। टीम ने गांव में रमेश के घर पर छापा मारकर पंजाब से आई महिला को पोर्टेबल अल्ट्रासाउंड मशीन के साथ मौके पर गिरफ्तार कर लिया। टीम ने मशीन को सील कर दिया।
कार्रवाई के दौरान घर में बनी दुकान से प्रतिबंधित और संदिग्ध दवाओं का स्टॉक भी मिला। टीम ने दवाओं को कब्जे में लेकर सील कर दिया।
पीएनडीटी टीम को सफाखेड़ी गांव में गर्भ में बच्चे का लिंग बताने की सूचना मिली थी। सूचना के बाद टीम ने एक महिला को नकली ग्राहक बनाकर रमेश के घर भेजा। वहां गर्भ में बच्चे का लिंग बताने के लिए एक लाख रुपये में सौदा तय हुआ। नकली ग्राहक ने 35 हजार रुपये एडवांस के तौर पर दिए।
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इसके बाद पंजाब के बरनाला से गुरमेल नाम की महिला पोर्टेबल अल्ट्रासाउंड मशीन लेकर रमेश के घर पहुंची। उसने गर्भवती महिला का अल्ट्रासाउंड किया और बच्चे का लिंग बताया। जैसे ही अल्ट्रासाउंड की प्रक्रिया पूरी हुई पहले से निगरानी कर रही पीएनडीटी टीम ने घर पर छापा मार दिया।
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टीम ने गुरमेल को अल्ट्रासाउंड मशीन के साथ मौके पर पकड़ लिया। घर की तलाशी के दौरान वहां बनी दुकान से एमटीपी किट, अल्प्राजोलम और कुछ एक्सपायरी दवाओं का स्टॉक भी बरामद हुआ।
कार्रवाई में कैथल से डॉ. सचिन, डॉ. अजय राजबी सहित अन्य अधिकारी और जींद से डॉ. पाले राम, डॉ. रविंद्र मलिक, डॉ. पूजा, विकास देशवाल, विशाल पहल, अमित, रूपेश, सचिन, डीसीओ गीता गोयल और शांति शामिल रहे।
टीम ने उचाना थाने में पीएनडीटी एक्ट और ड्रग एंड कॉस्मेटिक नियमों के तहत एफआईआर दर्ज करवाई है। उचाना थाना प्रभारी चंद्रपाल ने बताया कि मामले में रमेश व उसकी पत्नी अन्नू और गुरमेल के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।
लिंगानुपात में 40 अंकों की गिरावट
हरियाणा विधानसभा में प्रस्तुत स्वास्थ्य विभाग के जून 2026 तक के आंकड़ों के मुताबिक, जींद में जन्म के समय लिंगानुपात 1000 लड़कों के मुकाबले 878 लड़कियों का है। वर्ष 2025 में यह लिंगानुपात 918 दर्ज किया गया था। इसमें वर्ष 2024 (919) के मुकाबले एक अंक की गिरावट हुई थी। जून 2026 तक के डाटा के हिसाब से बेटियों की संख्या में 40 की कमी आई है।
गांव बीबीपुर ने खींचा था ध्यान
जींद के गांव बीबीपुर में बेटियों को जन्म देने वाली महिलाओं को सम्मानित करने की 2012 में अनूठी पहल की थी। यहां 18 जून 2012 को देश की पहली महिला ग्रामसभा कन्या भ्रूण की हत्या को रोकने के लिए हुई थी। 14 जुलाई 2012 को ही गांव में 100 से अधिक खाप पंचायतों की महापंचायत हुई। नतीजा यह रहा कि 2012 में यहां 0-12 महीने तक के बच्चों का लिंगानुपात 561 से बढ़कर नवंबर 2013 तक 1189 हो गया था। ''सेल्फी विद डॉटर'' जैसे अभियान भी यहां चलाए जा रहे हैं। पीएनडीटी एक्ट का उल्लंघन करने वालों को पकड़वाने पर सरकार एक लाख रुपये का पुरस्कार भी देती है। सूचना देने वाले का नाम भी गुप्त रखा जाता है।