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फिरौती देकर छुड़ाया जिगर का टुकड़ा

Mon, 11 Jan 2016 01:21 AM IST
ब्यूरो अमर उजाला, आगरा
ब्यूरो अमर उजाला, आगरा Updated Mon, 11 Jan 2016 01:21 AM IST
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prince free from kidnappers
शमसाबाद से 30 दिसंबर 2015 को अगवा किया गया छह साल का प्रिंस नाटकीय अंदाज में रविवार को अपने घर पहुंच गया। उसकी रिहाई के लिए पहले 50 लाख की फिरौती मांगी गई थी, फिर बदमाश 20 लाख पर आ गए थे, दो दिन पहले पांच लाख लेकर ही छोड़ने की बात करने लगे थे। पुलिस का दावा है कि उसे दबाव के चलते छोड़ा गया है लेकिन इस कहानी में दम इसलिए नहीं लग रहा क्योंकि न तो कोई बदमाश गिरफ्तार किया गया, न ही गिरोह ट्रेस हो पाया है। चर्चा है कि उसे परिवारीजनों ने फिरौती देकर छुड़ाया है।
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बता दें, शमसाबाद स्थित इरादतनगर रोड निवासी मजदूर सत्येंद्र पुत्र रमेश चंद्र सविता का छह साल का बेटा प्रिंस मंगलसैन बाल शिक्षा निकेतन में नर्सरी का छात्र है। वह 30 दिसंबर को अपनी दो बहनों स्नेहा और हिना के साथ घर लौट रहा था। रास्ते में बाइक सवार दो लोग उसे उठा ले गए थे। तीन दिन बाद परिवारीजनों के पास फिरौती का कॉल आया था।
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उसको छोड़ने के लिए 50 लाख रुपये की मांग की गई। इसकी जानकारी पर पुलिस की तीन टीमों को प्रिंस की बरामदगी के लिए लगाया गया। बाद में अपहर्ताओं ने 20 लाख मांगे। दो दिन पहले फिरौती की रकम घटाकर पांच लाख रुपये कर दी। इसके बाद उसके परिवार ने पुलिस से संपर्क तोड़ लिया था। इसके चलते यही माना जा रहा है कि फिरौती की रकम पहुंच जाने के बाद ही बदमाशों ने उसे छोड़ा है।
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उसके घर पहुंच जाने के बाद पुलिस ने अपनी पीठ थपथपाई। एसपीआरए पूर्वी अखिलेश नरायण सिंह ने पुलिस लाइन में प्रेस कांफ्रेंस कर बताया कि प्रिंस की बरामदगी के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे थे। सर्विलांस की मदद ली जा रही थी। पुलिस अपहरणकर्ताओं के करीब पहुंच चुकी थी। पुलिस के लगातार बढ़ते दबाव के बाद अपहरणकर्ता रविवार दोपहर को प्रिंस को घर के पास छोड़कर चले गए। अब अपहरणकर्ताओं की गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं। पुलिस उनके नजदीक पहुंच गई है।
‘मुझे एक अंकल ले गए थे’
अपहरणकर्ताओं से मुक्त हुआ प्रिंस बस एक ही बात कह रहा कि उसे एक अंकल ले गए थे। इसके अलावा वह कुछ नहीं बता पा रहा है। उसे कहां रखा गया? कितने लोग उसकी निगरानी करते थे? इस बारे में वह कुछ नहीं बता पा रहा।
अभिभावक रहें सजग
पुलिस का कहना है कि अभिभावक सजग रहें। बच्चों को किसी न किसी बहाने से अगवा किया जाता है। ऐसे में जब बच्चों को घर से स्कूल भेजें तो उन्हें इस बारे में बताएं कि वह रास्ते में किसी अंजान व्यक्ति के बहकावे में न आएं।

परिवार में खुशी
इकलौते बेटे प्रिंस की सकुशल बरामदगी से जहां पुलिस टीम ने राहत की सांस ली है, वहीं सत्येंद्र का परिवार भी खुश है। रविवार को पुलिस लाइन में प्रेस वार्ता के दौरान सत्येंद्र और उसकी मां मीना देवी पहुंचे। उन्होंने कहा कि पुलिस ने ही छुड़ाया है प्रिंस।
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