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अरुण माहौर हत्याकांड में चार्जशीट की तैयारी
अमर उजाला आगरा
Updated Sat, 30 Apr 2016 12:12 AM IST
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अरुण्ा हत्याकांड
- फोटो : अमर उजाला ब्यूूराो
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विहिप नेता अरुण माहौर की हत्या के मामले में पुलिस ने नामजद पांचों आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट की तैयारी कर ली है। मुख्य आरोपी शाहरुख पर रासुका के तहत कार्रवाई चल रही है। पुलिस ने साक्ष्य जुटाए हैं। गवाह भी कोर्ट के सामने सच्चाई रखने के लिए तैयार हैं। पुलिस की जांच में यह तथ्य भी सामने आया है कि अरुण की हत्या गोकशी का विरोध करने पर हुई।
यह वारदात मंटोला में 25 फरवरी की सुबह की गई थी। अरुण माहौर केभाई विनोद कुमार ने राजा, शाहरुख, इम्तियाज, दिलशान और आबिद के खिलाफ नामजद रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इनमें शाहरुख को मुख्य आरोपी बताया था। एफआईआर में बताया गया था कि अरुण माहौर गोकशी का विरोध करते थे। उनकी सूचना पर कई गोकश पकड़े भी गए थे। हालांकि कई लोगों ने नामजदगी पर सवाल भी उठाए थे, लेकिन पुलिस की जांच में पांचों आरोपियों के खिलाफ साक्ष्य पाए गए हैं।
भड़काऊ भाषण केस ठंडे बस्ते में
अरुण माहौर की हत्या के दो दिन बाद जयपुर हाउस पार्कमें दिए गए भड़काऊ भाषण के मामले में पुलिस ने तीन नेताओं के खिलाफ केस दर्ज किया था। कुंदनिका शर्मा, शशांक चौधरी और अशोक लवानिया। इनमें कुंदनिका शर्मा की गिरफ्तारी की गई। अशोक लवानिया ने सरेंडर किया। इसके बाद कुंदनिका भाजपा छोड़ सपा में चली गईं और पुलिस की जांच ठंडे बस्ते में।
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अपनी पिटाई भी भूल गई पुलिस
अरुण माहौर हत्याकांड के बाद शहर में हुए बवाल के दौरान पुलिस के साथ हाथापाई भी की गई थी। कई जगह तोड़फोड़ हुई थी। इसमें तीन केस दर्ज किए गए थे। तीनों में 11 आरोपियों के नाम सामने आए। लेकिन किसी की भी गिरफ्तारी की हिम्मत पुलिस न दिखा पाई। बाद में जांच ठंडे बस्ते में डाल दी गई।
अरुण माहौर हत्याकांड में जांच पूरी कर ली गई है, जल्द ही चार्जशीट दाखिल कर दी जाएगी - बीएस त्यागी ( सीओ छत्ता )
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यह वारदात मंटोला में 25 फरवरी की सुबह की गई थी। अरुण माहौर केभाई विनोद कुमार ने राजा, शाहरुख, इम्तियाज, दिलशान और आबिद के खिलाफ नामजद रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इनमें शाहरुख को मुख्य आरोपी बताया था। एफआईआर में बताया गया था कि अरुण माहौर गोकशी का विरोध करते थे। उनकी सूचना पर कई गोकश पकड़े भी गए थे। हालांकि कई लोगों ने नामजदगी पर सवाल भी उठाए थे, लेकिन पुलिस की जांच में पांचों आरोपियों के खिलाफ साक्ष्य पाए गए हैं।
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भड़काऊ भाषण केस ठंडे बस्ते में
अरुण माहौर की हत्या के दो दिन बाद जयपुर हाउस पार्कमें दिए गए भड़काऊ भाषण के मामले में पुलिस ने तीन नेताओं के खिलाफ केस दर्ज किया था। कुंदनिका शर्मा, शशांक चौधरी और अशोक लवानिया। इनमें कुंदनिका शर्मा की गिरफ्तारी की गई। अशोक लवानिया ने सरेंडर किया। इसके बाद कुंदनिका भाजपा छोड़ सपा में चली गईं और पुलिस की जांच ठंडे बस्ते में।
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अपनी पिटाई भी भूल गई पुलिस
अरुण माहौर हत्याकांड के बाद शहर में हुए बवाल के दौरान पुलिस के साथ हाथापाई भी की गई थी। कई जगह तोड़फोड़ हुई थी। इसमें तीन केस दर्ज किए गए थे। तीनों में 11 आरोपियों के नाम सामने आए। लेकिन किसी की भी गिरफ्तारी की हिम्मत पुलिस न दिखा पाई। बाद में जांच ठंडे बस्ते में डाल दी गई।
अरुण माहौर हत्याकांड में जांच पूरी कर ली गई है, जल्द ही चार्जशीट दाखिल कर दी जाएगी - बीएस त्यागी ( सीओ छत्ता )