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काली कार पर अटक गई कातिलों की तलाश
ब्यूरो अमर उजाला आगरा।
Updated Fri, 26 Jun 2015 02:02 AM IST
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खंदारी कॉलोनी में अधिवक्ता प्रवीण गुलाटी की पत्नी रमा और बेटी दीक्षा की
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हत्या व लूट के मामले में पुलिस की जांच उस काली स्कोडा कार पर जाकर टिक
गई है, जो पास के सीसीटीवी कैमरे में कैद हुई है। लेकिन न तो फुटेज में कार
का नंबर कैद हुआ है और न ही कातिल का चेहरा साफ है। पर पुलिस की उम्मीद
इसी पर टिकी है। इसी के चलते कॉलोनी में लगे कैमरे बार बार देखे जा रहे
हैं। इसके अलावा जांच की दिशा किसी करीबी का हाथ होने की ओर है। इस पर
गुलाटी के पारिवारिक मित्र रहे एक युवक से घंटों पूछताछ की गई है, लेकिन
कुछ हाथ न लगा।
पुलिस टीमों ने सीसीटीवी कैमरे की रिकार्डिंग में इस कार में एक संदिग्ध व्यक्ति को आते और जाते देखा था। यह कार कत्ल के दिन मंगलवार दोपहर 1:52 बजे मंदिर के पास आकर खड़ी हुई थी। इसके बाद दोपहर 3:12 बजे एक व्यक्ति कार में सवार होकर कालोनी के पिछले रास्ते से जाते हुए देखा गया है। जो व्यक्ति कार में सवार हुआ था, उसके दोनों हाथों में कोई सामान नहीं था।
पुलिस अभी कार की गुत्थी सुलझाने के प्रयास में लगी हुई है।
उधर, पुलिस ने अधिवक्ता के मित्र और रिश्तेदारों के बारे में छानबीन की। चार साल पूर्व पारिवारिक मित्र रहे जगदीशपुरा के युवक से पूछताछ की गई। इसके बाद उसे छोड़ दिया। दोपहर को एसएसपी राजेश डी. मोदक अधिवक्ता के घर पहुंचे। उनसे परिचित और दोस्तों के बारे में जानकारी हासिल की। एसएसपी ने कालोनी के लोगों से भी बातचीत की। सीओ हरीपर्वत एके सिंह ने भी कालोनी में मकानों के बाहर लगे कुछ कैमरों को दोबारा चेक किया। एसपी सिटी राजेश कुमार सिंह ने बताया कि कई बिंदुओं पर पुलिस की छानबीन जारी है। अभी कोई अहम सुराग नहीं मिला है।
.. तो दीक्षा पहचानती थी हत्यारों को
पुलिस की एक टीम पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर अंदाजा लगा रही है कि वारदात कैसे हुई होगी? इस टीम का मानना है कि दीक्षा को इसलिए मारा गया क्योंकि वह शायद हत्यारों को पहचान गई होगी। उसकी हत्या रमा के बाद की गई थी।
आखिर अचानक क्या हुआ
पुलिस की एक टीम घटना के बारे में अंदाजा लगाकर लाइन तैयार कर रही है। एक अंदाजा है कि लूट सिर्फ भ्रमित करने के लिए की गई और हत्या का प्लान पहले से नहीं था। मतलब, घटना अचानक से हुई, लेकिन यह समझ नहीं आ रहा कि अचानक ऐसा क्या हुआ होगा।
मजदूरों से होगी पूछताछ
प्रवीन गुलाटी की कोठी के पीछे स्थित नर्सिंग होम की छत पर कई दिनों से काम कर रहे मजदूरों
से पुलिस पूछेगी कि क्या उन्होंने कातिलों को जाते देखा?
कारीगरों से भी सवाल
गुलाटी की कोठी के ठीक सामने जूता फैक्ट्री है। पुलिस को उम्मीद है कि यहां के कारीगरों से पूछताछ होने पर कातिल के बारे में कुछ जानकारी मिल सकती है।
हमने कातिल नहीं देखे
पुलिस ने कॉलोनी के कई लोगों से पूछा कि क्या किसी ने कातिल को आते-जाते देखा। सभी ने साफ मना कर दिया।
फिर देखे कैमरे के फुटेज
पुलिस ने गुुरुवार को एक बार फिर कॉलोनी में घरों के बाहर लगे सीसीटीवी कैमरों की रिकार्डिंग चेक की। इनसे भी सुराग नहीं मिला।
इन सवालों में उलझी पुलिस
1. अगर बदमाशों का इरादा हत्या करने का था तो हथियार लेकर क्यों नहीं आए। जिस चाकू से वार किया, वह भी रसोई का है।
2. अगर मकसद लूट करने का था तो हत्या क्यों की गई ? अगर हत्या का इरादा अचानक बना तो फिर लूट क्यों की?
3. हत्या के बाद दोनों की लाशें घसीटकर बाथरूम में बंद क्यों की? दीक्षा के बाथरूम को तो लॉक भी किया था।
4. अगर लूट का मकसद माना जाए तो बदमाश घर में बहुत सारा कीमती सामान क्यों छोड़ गए? कहीं लूट पुलिस को भ्रमित करने के लिए तो नहीं की गई।
पुलिस टीमों ने सीसीटीवी कैमरे की रिकार्डिंग में इस कार में एक संदिग्ध व्यक्ति को आते और जाते देखा था। यह कार कत्ल के दिन मंगलवार दोपहर 1:52 बजे मंदिर के पास आकर खड़ी हुई थी। इसके बाद दोपहर 3:12 बजे एक व्यक्ति कार में सवार होकर कालोनी के पिछले रास्ते से जाते हुए देखा गया है। जो व्यक्ति कार में सवार हुआ था, उसके दोनों हाथों में कोई सामान नहीं था।
पुलिस अभी कार की गुत्थी सुलझाने के प्रयास में लगी हुई है।
उधर, पुलिस ने अधिवक्ता के मित्र और रिश्तेदारों के बारे में छानबीन की। चार साल पूर्व पारिवारिक मित्र रहे जगदीशपुरा के युवक से पूछताछ की गई। इसके बाद उसे छोड़ दिया। दोपहर को एसएसपी राजेश डी. मोदक अधिवक्ता के घर पहुंचे। उनसे परिचित और दोस्तों के बारे में जानकारी हासिल की। एसएसपी ने कालोनी के लोगों से भी बातचीत की। सीओ हरीपर्वत एके सिंह ने भी कालोनी में मकानों के बाहर लगे कुछ कैमरों को दोबारा चेक किया। एसपी सिटी राजेश कुमार सिंह ने बताया कि कई बिंदुओं पर पुलिस की छानबीन जारी है। अभी कोई अहम सुराग नहीं मिला है।
.. तो दीक्षा पहचानती थी हत्यारों को
पुलिस की एक टीम पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर अंदाजा लगा रही है कि वारदात कैसे हुई होगी? इस टीम का मानना है कि दीक्षा को इसलिए मारा गया क्योंकि वह शायद हत्यारों को पहचान गई होगी। उसकी हत्या रमा के बाद की गई थी।
आखिर अचानक क्या हुआ
पुलिस की एक टीम घटना के बारे में अंदाजा लगाकर लाइन तैयार कर रही है। एक अंदाजा है कि लूट सिर्फ भ्रमित करने के लिए की गई और हत्या का प्लान पहले से नहीं था। मतलब, घटना अचानक से हुई, लेकिन यह समझ नहीं आ रहा कि अचानक ऐसा क्या हुआ होगा।
मजदूरों से होगी पूछताछ
प्रवीन गुलाटी की कोठी के पीछे स्थित नर्सिंग होम की छत पर कई दिनों से काम कर रहे मजदूरों
से पुलिस पूछेगी कि क्या उन्होंने कातिलों को जाते देखा?
कारीगरों से भी सवाल
गुलाटी की कोठी के ठीक सामने जूता फैक्ट्री है। पुलिस को उम्मीद है कि यहां के कारीगरों से पूछताछ होने पर कातिल के बारे में कुछ जानकारी मिल सकती है।
हमने कातिल नहीं देखे
पुलिस ने कॉलोनी के कई लोगों से पूछा कि क्या किसी ने कातिल को आते-जाते देखा। सभी ने साफ मना कर दिया।
फिर देखे कैमरे के फुटेज
पुलिस ने गुुरुवार को एक बार फिर कॉलोनी में घरों के बाहर लगे सीसीटीवी कैमरों की रिकार्डिंग चेक की। इनसे भी सुराग नहीं मिला।
इन सवालों में उलझी पुलिस
1. अगर बदमाशों का इरादा हत्या करने का था तो हथियार लेकर क्यों नहीं आए। जिस चाकू से वार किया, वह भी रसोई का है।
2. अगर मकसद लूट करने का था तो हत्या क्यों की गई ? अगर हत्या का इरादा अचानक बना तो फिर लूट क्यों की?
3. हत्या के बाद दोनों की लाशें घसीटकर बाथरूम में बंद क्यों की? दीक्षा के बाथरूम को तो लॉक भी किया था।
4. अगर लूट का मकसद माना जाए तो बदमाश घर में बहुत सारा कीमती सामान क्यों छोड़ गए? कहीं लूट पुलिस को भ्रमित करने के लिए तो नहीं की गई।