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हिस्ट्रीशीटर नहीं मिला तो तोड़फोड़ पर उतरी पुलिस

Tue, 02 Jun 2015 02:12 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो Updated Tue, 02 Jun 2015 02:12 AM IST
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Police sabotage in village shahved after sub inspector injured
रविवार रात गांव शाहवेद के मजरा गढ़ी हीरालाल के निवासी विनोद पुत्र
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बुंदा को गैर जमानती वारंट पर गिरफ्तार करने पहुंची पुलिस टीम पर महिलाओं और पुरुषों ने हमला बोल दिया था। एसआई सुधीर सिंह को सीने में गोली मारकर घायल कर दिया था। देर रात डीआईजी लक्ष्मी सिंह, एसएसपी राजेश डी. मोदक पुलिस और पीएसी के साथ गांव पहुंचे, लेकिन तब तक अधिकांश ग्रामीण पुलिस के खौफ से घर छोड़कर भाग चुके थे। घरों में ताले लटके थे। इस पर खिसियाई पुलिस ने कुछ घरों में तोड़फोड़ कर डाली। गांव की कुछ महिलाओं ने मारपीट और तोड़फोड़ के भी आरोप लगाए। पुलिस ने गांव से हमलावरों के रिश्तेदार रामवीर, रघुवीर समेत छह लोगों को हिरासत में ले लिया। पुलिस अधिकारियों ने तड़के पांच बजे तक सर्च आपरेशन चलाया, मगर हमलावर राजस्थान के गांवों में भाग चुके थे। गांव में सन्नाटा पसरा हुआ था।
इस मामले में एसओ निबोहरा शुजात हुसैन ने विनोद, बुंदा, कैलाशी, बिजेंद्र सिंह, भूरा, डोरीलाल, रामकेश, रामजोत, मीरा, बबली, वर्षा, रामलाल, हरीशचंद, महावीर, उपेंद्र, भगवान सिंह, सत्यप्रकाश, सुशील समेत 50-60 अज्ञात लोगों के विरुद्ध बलवा, जानलेवा हमला, मारपीट, पथराव, अभिरक्षा से अभियुक्त छुड़ाने, सरकारी कार्य में बाधा, 7 सीएलए एक्ट का मुकदमा दर्ज किया है। एसएसपी का कहना है कि रायफल लूटने पर डकैती की धारा बढ़ाई जाएगी।

गोली लगने के बाद भी दरोगा ने नहीं हारी हिम्मत
सीने में गोली लगने के बाद भी जांबाज एसआई सुधीर सिंह ने हिम्मत नहीं हारी। गोली लगने के बाद वह पैदल ही गांव से बाहर की ओर निकले। काफी दूर तक पैदल चलने के बाद उनकी बोलेरो सवार राहगीर ने मदद की। उन्हें अपनी गाड़ी में बैठाकर एसएन मेडिकल कालेज अस्पताल पहुंचाया। यहां डाक्टरों ने चेकअप करने के बाद पाया कि गोली से उनके हृदय को कोई क्षति नहीं पहुंची है। छत से चलाई गई गोली सीने से पेट की ओर नीचे जाकर फंस गई। उन्हें रात में दिल्ली गेट स्थित अस्पताल में रेफर किया गया। यहां डाक्टरों ने उनका आपरेशन नहीं किया है। हालत में सुधार है। 2013 बैच के एसआई सुधीर सिंह परीक्षितगढ़, मेरठ के रहने वाले हैं। एसएसपी भी दरोगा की दिलेरी देखकर दंग रह गए।

विनोद पर आठ साल पुराना मुकदमा
जिस वारंटी को पकड़ने शाहवेद में पुलिस गई थी, उसे थाना रकाबगंज के एसआई फूल सिंह ने 23 दिसंबर 2007 को चाकू के साथ गिरफ्तार करके जेल भेजा था। तभी से उस पर मुकदमा चल रहा था। काफी समय से अदालत में हाजिर नहीं होने पर एसीजेएम प्रथम की अदालत से विनोद के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी हुआ था।

हिस्ट्रीशीटर बिजेंद्र ने चलाईं गोलियां
शाहवेद का बिजेंद्र सिंह निबोहरा थाने का हिस्ट्रीशीटर है। उसके खिलाफ वाहन चोरी, लूट और डकैती के कई मुकदमे हैं। इसी गांव का एक अन्य हिस्ट्रीशीटर ललित भी है। पुलिस ने बताया कि बिजेंद्र ने कई माह पहले मथुरा में डकैती डाली थी। इस मामले में उसे जेल भेजा गया था। पुलिसकर्मियों का कहना है कि गोलियां बिजेंद्र ने ही चलाई थीं।

हमलावरों पर होगा पांच-पांच हजार का इनाम
शाहवेद में पुलिस टीम पर हमला करने वाले बिजेंद्र, भूरा, विनोद समेत प्रमुख आरोपियों पर पांच-पांच हजार रुपये का इनाम घोषित होगा। एसएसपी राजेश डी. मोदक ने बताया कि इनाम घोषित करके डीआईजी को संस्तुति के लिए भेजा जा रहा है। हमलावरों पर राष्ट्रीय सुरक्षा कानून के तहत भी कार्रवाई होगी। एसएसपी ने बताया कि बिजेंद्र को मध्य प्रदेश के एक मामले में सजा भी हो चुकी है।
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