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ग्रामीणों ने अफसरों से कहा, अब तो ठेके बंद करा दो
ब्यूरो अमर उजाला, आगरा
Updated Sun, 05 Jul 2015 02:08 AM IST
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जहरीली शराब से पांच लोगों की मौत के बाद शनिवार को प्रभावित गांव गढ़ी
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खांडेराव और इसौली का पुरा में पुलिस प्रशासनिक अफसर पहुंचे। ग्रामीणों ने
अफसरों से साफ कहा कि अगर हो सके तो गांवों में खुलेआम बिकने वाली शराब पर
अंकुश लगा दो। ठेकों को बंद करा दो। अफसरों ने मृतकों के परिवारीजनों से भी
मुलाकात की।
गढ़ी खांडेराव और इसौली का पुरा में एक सप्ताह में जहरीली शराब पीने से पांच लोगों की मौत हो गई है। तीन की हालत गंभीर है। समाधान दिवस में आए एडीएम (फाइनेंस) राजकुमार, एसडीएम फतेहाबाद अरुण सिंह, एएसपी सोमेन वर्मा और आबकारी विभाग के अधिकारियों की टीम ने दोनों गांवों में ग्रामीणों से बातचीत की। ग्रामीणों ने बताया कि शराब माफिया ने गांव-गांव में ठेके खुलवा दिए हैं। शराब खुलेआम बेची जाती है। कई परिवार बर्बाद हो चुके हैं। अब तो ठेके बंद करवा दो। उन्होंने कहा कि थाने से आने वाले सिपाही माफिया से पैसा लेकर जाते हैं। अधिकारियों ने शराब की खुलेआम बिक्री नहीं होने देने का आश्वासन दिया। जहरीली शराब पीने से मरे कंचन सिंह और उसके बेटे खेमचंद के परिवारीजनों ने बताया कि खेमचंद के इलाज के लिए दो लाख रुपये में घर गिरवी रखना पड़ा है। अब बच्चों की परवरिश कैसे होगी। सुनील के पिता का कहना था कि अब घर में कोई कमाने वाला नहीं है। अधिकारियों ने उन्हें मुआवजा दिलाने का आश्वासन दिया।
स्वास्थ्य विभाग की टीम भी पहुंची
दोनों गांवों में शनिवार को स्वास्थ्य विभाग की टीम ने ग्रामीणों का चेकअप किया। दवाएं भी बांटी।
गढ़ी खांडेराव और इसौली का पुरा में एक सप्ताह में जहरीली शराब पीने से पांच लोगों की मौत हो गई है। तीन की हालत गंभीर है। समाधान दिवस में आए एडीएम (फाइनेंस) राजकुमार, एसडीएम फतेहाबाद अरुण सिंह, एएसपी सोमेन वर्मा और आबकारी विभाग के अधिकारियों की टीम ने दोनों गांवों में ग्रामीणों से बातचीत की। ग्रामीणों ने बताया कि शराब माफिया ने गांव-गांव में ठेके खुलवा दिए हैं। शराब खुलेआम बेची जाती है। कई परिवार बर्बाद हो चुके हैं। अब तो ठेके बंद करवा दो। उन्होंने कहा कि थाने से आने वाले सिपाही माफिया से पैसा लेकर जाते हैं। अधिकारियों ने शराब की खुलेआम बिक्री नहीं होने देने का आश्वासन दिया। जहरीली शराब पीने से मरे कंचन सिंह और उसके बेटे खेमचंद के परिवारीजनों ने बताया कि खेमचंद के इलाज के लिए दो लाख रुपये में घर गिरवी रखना पड़ा है। अब बच्चों की परवरिश कैसे होगी। सुनील के पिता का कहना था कि अब घर में कोई कमाने वाला नहीं है। अधिकारियों ने उन्हें मुआवजा दिलाने का आश्वासन दिया।
स्वास्थ्य विभाग की टीम भी पहुंची
दोनों गांवों में शनिवार को स्वास्थ्य विभाग की टीम ने ग्रामीणों का चेकअप किया। दवाएं भी बांटी।