{"_id":"593670d04f1c1ba3049c7e6c","slug":"no-clue-about-the-murder-of-nathuram-in-agra","type":"story","status":"publish","title_hn":"बवाल के बाद भी वजह साफ नहीं, नाथूराम को दोस्तों ने क्यों मारा","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
बवाल के बाद भी वजह साफ नहीं, नाथूराम को दोस्तों ने क्यों मारा
टीम डिजिटल आगरा
Updated Tue, 06 Jun 2017 03:50 PM IST
विज्ञापन
नाथूराम (फाइल फोटो), हत्यारोपी समर (दाएं)
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
आगरा के डौकी थाना क्षेत्र के गांव मेहरा नाहर में युवक की हत्या के बाद भी वारदात की असली वजह सामने नहीं आ रही है। कत्ल का आरोप उसके दो दोस्तों पर है जिनमें से एक को भीड़ ने पीट-पीट कर मार डाला। दूसरा अब तक पुलिस की पकड़ में नहीं आ सका है। मृतक के घर वाले भी किसी रंजिश से इनकार कर रहे हैं।
बता दें कि सोमवार 5 जून की रात को करीब आठ बजे डौकी के रहने वाले युवक नाथूराम वर्मा (35) की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। हमलावरों ने उनको तीन गोलियां मारीं और हत्या का आरोप बरौली गूजर निवासी दो भाइयों समर और सुधीर पर लगा। नाथूराम समर और सुधीर के साथ ही अपने गांव से आए थे।
हत्या के बाद नाथूराम पक्ष के गुस्साए लोगों ने पुलिस की जीप से खींचकर सुधीर को पीटकर मार डाला। पुलिसकर्मियों पर हमला कर उनके सिर फोड़ दिए, गाड़ी भी फूंक दी। समर को लेकर पुलिसकर्मी किसी तरह जान बचाकर भागे। बाद में मौके पर पहुंची फोर्स को फायरिंग कर भीड़ को खदेड़ना पड़ा। समर पुलिस की गिरफ्त से भाग गया।
विज्ञापन
ग्रामीणों में इतना उबाल था कि उन्होंने नाथूराम का शव भी पुलिस को नहीं दिया। वे रात में खुद ही शव लेकर आए और उसे पोस्टमार्टम हाउस पर रखकर चले गए। मंगलवार को पोस्टमार्टम हाउस पर पहुंचे म़ृतक नाथूरा के भाई महेंद्र ने बताया कि नाथूराम की समर और सुधीर से कोई रंजिश नहीं थी। हत्या के पीछे क्या वजह है, उन्हें खुद समझ नहीं आ रहा।
विज्ञापन
बता दें कि सोमवार 5 जून की रात को करीब आठ बजे डौकी के रहने वाले युवक नाथूराम वर्मा (35) की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। हमलावरों ने उनको तीन गोलियां मारीं और हत्या का आरोप बरौली गूजर निवासी दो भाइयों समर और सुधीर पर लगा। नाथूराम समर और सुधीर के साथ ही अपने गांव से आए थे।
विज्ञापन
हत्या के बाद नाथूराम पक्ष के गुस्साए लोगों ने पुलिस की जीप से खींचकर सुधीर को पीटकर मार डाला। पुलिसकर्मियों पर हमला कर उनके सिर फोड़ दिए, गाड़ी भी फूंक दी। समर को लेकर पुलिसकर्मी किसी तरह जान बचाकर भागे। बाद में मौके पर पहुंची फोर्स को फायरिंग कर भीड़ को खदेड़ना पड़ा। समर पुलिस की गिरफ्त से भाग गया।
विज्ञापन
ग्रामीणों में इतना उबाल था कि उन्होंने नाथूराम का शव भी पुलिस को नहीं दिया। वे रात में खुद ही शव लेकर आए और उसे पोस्टमार्टम हाउस पर रखकर चले गए। मंगलवार को पोस्टमार्टम हाउस पर पहुंचे म़ृतक नाथूरा के भाई महेंद्र ने बताया कि नाथूराम की समर और सुधीर से कोई रंजिश नहीं थी। हत्या के पीछे क्या वजह है, उन्हें खुद समझ नहीं आ रहा।