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रास्ते से पुलिस ने पिता को पकड़ा, नवजात को नहीं ले जा पाया अस्पताल, इलाज के अभाव में मौत

Thu, 04 Apr 2019 04:19 PM IST
मुकेश कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, एटा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, एटा Published by: मुकेश कुमार Updated Thu, 04 Apr 2019 04:19 PM IST
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newborn girl dies due to police insensitivity in etah
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला
एटा में अवागढ़ क्षेत्र में सहनऊआ के पास हुए हादसे के बाद सीओ की जीप फूंकने के मामले में पुलिस ने बुधवार को एक आरोपी को उस वक्त पकड़ लिया, जब वो अपनी नवजात बच्ची को इलाज के लिए अस्पताल ले जा रहा था। 
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आरोपी की प्रसूता पत्नी व परिजनों ने काफी गुहार लगाई, लेकिन किसी की नहीं सुनी गई। पुलिस ने आरोपी को थाने में बंद कर दिया। इससे आरोपी युवक अपनी बच्ची को अस्पताल नहीं ले सका। उपचार न मिलने से नवजात की मौत हो गई।
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थाना अवागढ़ क्षेत्र के गांव सहनऊआ निवासी मोहन सिंह की पत्नी गिरजा ने मंगलवार को अस्पताल में बच्ची को जन्म दिया था। परिजन जच्चा-बच्चा को घर ले गए थे। बुधवार को नवजात की तबीयत खराब हो गई। 
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रास्ते से पुलिस ने किया गिरफ्तार

पिता मोहन सिंह पत्नी के साथ नवजात को अवागढ़ अस्पताल में लेकर पहुंचा। जहां से चिकित्सकों ने उसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया। मोहन सिंह पुत्र प्रेमचंद नवजात को शहर ले जा रहा था, तभी अवागढ़ पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। 

पत्नी ने नवजात बच्ची की तबीयत का हवाला देते हुए पुलिस से काफी विनती की, लेकिन पुलिस ने उसकी एक नहीं सुनी और मोहन सिंह को थाने में बंद कर दिया। इसी बीच नवजात ने समय पर इलाज न मिलने के कारण दम तोड़ दिया। 

नवजात बेटी की मौत और पति की गिरफ्तारी से प्रसूता गिरजा गम और गुस्से में है। बेटी की मौत पर रो-रोकर उसका बुरा हाल है। महिला पति को बुलाने के लिए परिजनों से बार-बार कह रही थी। उसकी हालत भी काफी नाजुक बताई जा रही है। 

यह था मामला

एसएसपी स्वप्निल ममगाई ने बताया कि अभी तक इस मामले की कोई जानकारी नहीं मिली है। घटना के बारे जानकारी कर थाना प्रभारी से पूछताछ की जाएगी। अगर आरोपी को पकड़ना जरूरी था तो मानवता के आधार पर उसकी पत्नी की बात सुनी जानी चाहिए थी। 

22 मार्च को थाना अवागढ़ क्षेत्र के गांव सहनऊआ निवासी बलवीर की सड़क हादसे में मौत हो गई थी। इसके बाद गुस्साए लोगों ने सीओ जलेसर के साथ मारपीट करते हुए उनकी सरकारी जीप को आग लगा दी थी और अवागढ़ थाने की गाड़ी में तोड़फोड़ कर दी थी। उसी मामले में पुलिस ने मोहनसिंह को गिरफ्तार किया है। जबकि इससे पहले पुलिस 12 लोगों को पकड़कर जेल भेज चुकी है।
 
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