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तंजील अहमद के कातिलों की आगरा में भी तलाश
अमर उजाला ब्यूरो आगरा
Updated Wed, 06 Apr 2016 02:03 AM IST
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ढूंढे जा रहे नाइन एमएम पिस्तौल से हत्या करने वाले अपराधी
- फोटो : file photo
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एनआईए के डिप्टी एसपी तंजील अहमद के कातिलों की तलाश आगरा समेत पूरे प्रदेश मेें की जा रही है। इसके लिए डीजीपी जावीद अहमद ने पिछले तीन साल में हुए उन तमाम हत्याकांड का ब्योरा तलब किया है, जिनमें नाइन एमएम पिस्तौल का इस्तेमाल किया गया।
इन वारदात में शामिल रहे अपराधियों की मौजूदा गतिविधियों के बारे में भी जानकारी जुटाई जा रही है। यह कवायद इसलिए भी की जा रही है क्योंकि तंजील की हत्या इसी बोर की पिस्तौल से की गई। उन्हें बिजनौर में 24 गोलियां मारीं गई थीं।
यह प्रतिबंधित बोर है। इसके बावजूद आगरा जोन के कई गिरोह के पास इस बोर के पिस्तौल बताए जाते हैं। इस हाई प्रोफाइल केस में पुलिस कई बिंदुओं पर एक साथ काम कर रही है। एक लाइन यह भी है कि हत्याकांड में पेशेवर शूटरों का हाथ हो सकता है। पुलिस सूत्रों का कहना है कि इसी बिंदू पर की जा रही पड़ताल में पिस्तौल के बोर के सहारे कातिलों तक पहुंचने का प्रयास किया जा रहा है। हालांकि आगरा के मुकाबले मेरठ जोन में ज्यादा गिरोह के पास नाइन एमएम की पिस्तौल हैं।
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पुलिस के उच्च पदस्थ सूत्रों ने बताया कि सभी आईजी से यह ब्योरा तुरंत भेजने के लिए कहा गया है। आगरा के आईजी डीसी मिश्र ने इसे मंगलवार दोपहर ही भिजवा दिया। इसमें सिर्फ एक घटना का विवरण है। यह 2014 की है। केस लोहामंडी थाने में दर्ज हुआ था। इसमें सिपाही ने गुस्से में आकर नाइन एमएम की पिस्तौल से युवक की हत्या कर दी थी।
संदिग्धों के फोटो भी भेजे
आगरा। डीजीपी ऑफिस से तमाम जिलों की पुलिस को कुछ संदिग्धों के फोटो भी भेजे गए हैं। इनके बारे में पड़ताल करने के लिए कहा गया है। माना जा रहा है कि इनका संबंध तंजील अहमद की हत्या से हो सकता है।
यहां भी है सिमी का नेटवर्क
तंजील अहमद ने जिस सिमी के नेटवर्क तोड़ने का काम किया, उसका जाल आगरा में भी फैला है। इसके अलावा यहां एक बार होटल में आईएम के आतंकी भी ठहर चुके हैं। आईएसआई एजेंट इजाज भी यहां रेकी करने आया था।
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इन वारदात में शामिल रहे अपराधियों की मौजूदा गतिविधियों के बारे में भी जानकारी जुटाई जा रही है। यह कवायद इसलिए भी की जा रही है क्योंकि तंजील की हत्या इसी बोर की पिस्तौल से की गई। उन्हें बिजनौर में 24 गोलियां मारीं गई थीं।
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यह प्रतिबंधित बोर है। इसके बावजूद आगरा जोन के कई गिरोह के पास इस बोर के पिस्तौल बताए जाते हैं। इस हाई प्रोफाइल केस में पुलिस कई बिंदुओं पर एक साथ काम कर रही है। एक लाइन यह भी है कि हत्याकांड में पेशेवर शूटरों का हाथ हो सकता है। पुलिस सूत्रों का कहना है कि इसी बिंदू पर की जा रही पड़ताल में पिस्तौल के बोर के सहारे कातिलों तक पहुंचने का प्रयास किया जा रहा है। हालांकि आगरा के मुकाबले मेरठ जोन में ज्यादा गिरोह के पास नाइन एमएम की पिस्तौल हैं।
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पुलिस के उच्च पदस्थ सूत्रों ने बताया कि सभी आईजी से यह ब्योरा तुरंत भेजने के लिए कहा गया है। आगरा के आईजी डीसी मिश्र ने इसे मंगलवार दोपहर ही भिजवा दिया। इसमें सिर्फ एक घटना का विवरण है। यह 2014 की है। केस लोहामंडी थाने में दर्ज हुआ था। इसमें सिपाही ने गुस्से में आकर नाइन एमएम की पिस्तौल से युवक की हत्या कर दी थी।
संदिग्धों के फोटो भी भेजे
आगरा। डीजीपी ऑफिस से तमाम जिलों की पुलिस को कुछ संदिग्धों के फोटो भी भेजे गए हैं। इनके बारे में पड़ताल करने के लिए कहा गया है। माना जा रहा है कि इनका संबंध तंजील अहमद की हत्या से हो सकता है।
यहां भी है सिमी का नेटवर्क
तंजील अहमद ने जिस सिमी के नेटवर्क तोड़ने का काम किया, उसका जाल आगरा में भी फैला है। इसके अलावा यहां एक बार होटल में आईएम के आतंकी भी ठहर चुके हैं। आईएसआई एजेंट इजाज भी यहां रेकी करने आया था।