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नौकरी के लिए मलयेशिया गए युवक बंधक बनाए
ब्यूरो, अमर उजाला आगरा
Updated Thu, 26 Nov 2015 01:59 AM IST
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शिपिंग कंपनी में नौकरी का सपना दिखाकर आगरा के एजेंट ने बंगलूरू के दो युवकों से तकरीबन 2.30 लाख रुपये लेकर उन्हें मलयेशिया भेज दिया। वहां शिपिंग कंपनी के एजेंट ने कमीशन न मिलने पर दोनों को बंधक बना लिया। पासपोर्ट और वीजा कब्जे में ले लिया। उनके परिवारीजनों ने थाना रकाबगंज में शिकायत की है। इंस्पेक्टर निर्मल सिंह ने बताया कि मामला बंगलूरू का है। यहां की पुलिस पीड़ित घरवालों की मदद कर रही है। इसके अलावा एजेंट ने असम के विशाल और बनारस के देवाशीष से भी तकरीबन 2.30 लाख रुपये की रकम ली है।
बंगलूरू निवासी एस रमन ने बताया कि उनके बेटे राजीव और परिचित के बेटे प्रभु ने इंटरनेट पर शिपिंग कंपनी में नौकरी का विज्ञापन देखकर कागारौल के एजेंट को फोन किया। एजेंट ने 1.15 लाख रुपये में एक युवक की मलयेशिया की शिपिंग कंपनी में नौकरी लगवाने की बात कही। उसने ईमेल पर दोनों युवकों के शैक्षणिक प्रमाण पत्र और बायोडाटा मंगाया। सितंबर में एजेंट ने कान्ट्रैक्ट पर हस्ताक्षर कराने के लिए दिल्ली बुलाया। यहां से आगरा लाया और रकाबगंज स्थित एक होटल में रोका। यहां दोनों युवकों से 2.30 लाख रुपये लेने के बाद मोबाइल स्विच ऑफ कर लिया। चार दिन बाद भी एजेंट से संपर्क नहीं हुआ तो युवक दिल्ली चले गए। वहां नहीं मिलने पर आगरा लौट आए। तब एजेंट ने उनसे मुलाकात की। इसके बाद दस नवंबर को चेन्नई से दोनों युवकों को फ्लाइट से मलयेशिया भेज दिया। वहां शिपिंग कंपनी के एजेंट ने दोनों को बताया कि भारत के एजेंट ने उन्हें रुपये नहीं दिए हैं। इसीलिए तुम दोनों रुपया दो। मना करने पर उनके पासपोर्ट और वीजा जब्त कर लिए। युवकों ने घरवालों को फोन पर ये जानकारी दी। घरवालों ने थाना रकाबगंज में बुधवार को शिकायत की।
पुलिस के सामने दिया था चेक
घरवालों का कहना है कि ठगी की आशंका पर दोनों युवकों ने पहले ही फोर्ट पुलिस चौकी पर शिकायत की थी। इसके बाद एजेंट को बुलाया गया तो उसने नौकरी लगवाने का आश्वासन दिया था। पुलिस के सामने ही गारंटी के तौर पर 2.30 लाख रुपये का चेक भी दिया। कहा कि काम नहीं होने पर ये रकम निकाल लेना। मगर जिस चेक पर जो खाता नंबर था, वह बंद हो चुका है।
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बंगलूरू निवासी एस रमन ने बताया कि उनके बेटे राजीव और परिचित के बेटे प्रभु ने इंटरनेट पर शिपिंग कंपनी में नौकरी का विज्ञापन देखकर कागारौल के एजेंट को फोन किया। एजेंट ने 1.15 लाख रुपये में एक युवक की मलयेशिया की शिपिंग कंपनी में नौकरी लगवाने की बात कही। उसने ईमेल पर दोनों युवकों के शैक्षणिक प्रमाण पत्र और बायोडाटा मंगाया। सितंबर में एजेंट ने कान्ट्रैक्ट पर हस्ताक्षर कराने के लिए दिल्ली बुलाया। यहां से आगरा लाया और रकाबगंज स्थित एक होटल में रोका। यहां दोनों युवकों से 2.30 लाख रुपये लेने के बाद मोबाइल स्विच ऑफ कर लिया। चार दिन बाद भी एजेंट से संपर्क नहीं हुआ तो युवक दिल्ली चले गए। वहां नहीं मिलने पर आगरा लौट आए। तब एजेंट ने उनसे मुलाकात की। इसके बाद दस नवंबर को चेन्नई से दोनों युवकों को फ्लाइट से मलयेशिया भेज दिया। वहां शिपिंग कंपनी के एजेंट ने दोनों को बताया कि भारत के एजेंट ने उन्हें रुपये नहीं दिए हैं। इसीलिए तुम दोनों रुपया दो। मना करने पर उनके पासपोर्ट और वीजा जब्त कर लिए। युवकों ने घरवालों को फोन पर ये जानकारी दी। घरवालों ने थाना रकाबगंज में बुधवार को शिकायत की।
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पुलिस के सामने दिया था चेक
घरवालों का कहना है कि ठगी की आशंका पर दोनों युवकों ने पहले ही फोर्ट पुलिस चौकी पर शिकायत की थी। इसके बाद एजेंट को बुलाया गया तो उसने नौकरी लगवाने का आश्वासन दिया था। पुलिस के सामने ही गारंटी के तौर पर 2.30 लाख रुपये का चेक भी दिया। कहा कि काम नहीं होने पर ये रकम निकाल लेना। मगर जिस चेक पर जो खाता नंबर था, वह बंद हो चुका है।
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